लोकप्रिय रियलिटी क्विज शो 'कौन बनेगा करोड़पति सीजन 18' के मंच से अक्सर कई यादगार पल और व्यक्तिगत कहानियां सामने आती हैं. शो के संचालन के दौरान भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकार अमिताभ बच्चन अपने जीवन, अनुभवों और प्राथमिकताओं से जुड़ी बातें दर्शकों के साथ बांटते हैं. शो के एक आगामी अंक में दर्शकों को संगीत और साहित्य से जुड़ा ऐसा ही एक भावुक और विचारशील किस्सा सुनने को मिलने वाला है. प्रतिभागी अनुज भटनागर के साथ संवाद के दौरान अमिताभ बच्चन ने भारतीय संगीत जगत के महान गजल गायक जगजीत सिंह के प्रति अपने विशेष लगाव की चर्चा की.
मंच पर अनुज भटनागर का सवाल और गजल की गूंज
एपिसोड की शूटिंग के समय प्रतिभागी अनुज भटनागर ने अमिताभ बच्चन से अपनी दिनचर्या और संगीत प्रेम के बारे में बातचीत शुरू की. अनुज भटनागर ने साझा किया कि दिनभर के थकाऊ काम के बाद मानसिक शांति और विश्राम पाने के लिए वे गजलें सुनना बेहद पसंद करते हैं. उन्होंने स्वयं को जगजीत सिंह का बड़ा प्रशंसक बताया और शो के दौरान उनकी एक गजल की कुछ पंक्तियां गाकर भी सुनाईं.
संगीत के इस माहौल के बीच अनुज भटनागर ने उत्सुकता दिखाते हुए अमिताभ बच्चन से एक व्यक्तिगत प्रश्न पूछा. उन्होंने जानना चाहा कि इतने विशाल संगीत संकलन में से जगजीत सिंह की कौन सी गजल अमिताभ बच्चन के दिल के सबसे करीब है.
'आहिस्ता आहिस्ता' बनी अमिताभ बच्चन की पहली पसंद
प्रशंसक के इस सीधे और सुंदर सवाल का उत्तर देते हुए अमिताभ बच्चन ने बिना किसी झिझक के जगजीत सिंह की मशहूर रचना 'आहिस्ता आहिस्ता' का नाम लिया. अमिताभ बच्चन ने बताया कि वे अपने खाली समय में लगातार विभिन्न प्रकार की गजलें और संगीत सुनना पसंद करते हैं, लेकिन जगजीत सिंह द्वारा गाई गई गजल 'आहिस्ता आहिस्ता' की मिठास और गहराई उनके मन को विशेष रूप से भाती है.
अपने इस पसंदीदा चुनाव का उल्लेख करते हुए अमिताभ बच्चन ने कहा, "हम बहुत सारी गजल सुनते रहते हैं, कभी-कभी संगीत वगैरह का भी आनंद लेते रहते हैं. एक जगजीत जी की 'आहिस्ता आहिस्ता' बहुत शानदार गजल है, जो कि मुझे बहुत पसंद है."
हरिवंश राय बच्चन और रचनात्मक मुलाकातों की यादें
बातचीत का दौर केवल पसंदीदा रचना तक ही सीमित नहीं रहा. प्रतिभागी अनुज भटनागर ने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए अमिताभ बच्चन से जगजीत सिंह के साथ बिताए गए पलों और स्मृतियों के बारे में पूछा. इस सवाल का सीधा संबंध अमिताभ बच्चन के पिता और हिंदी साहित्य के विख्यात कवि हरिवंश राय बच्चन से भी जुड़ा हुआ था, क्योंकि हरिवंश राय बच्चन और जगजीत सिंह के बीच रचनात्मक कार्यों के सिलसिले में संबंध रहे थे.
इस सवाल के जवाब में अमिताभ बच्चन ने जगजीत सिंह के साथ अपनी पुरानी मुलाकातों को याद किया. उन्होंने बताया कि कला और साहित्य के क्षेत्र में काम करने वाली महान हस्तियां जब आपस में मिलती हैं, तो उनकी चर्चाएं कलात्मक बारीकियों पर केंद्रित होती हैं. ऐसी बैठकों में अक्सर इस बात पर गंभीर विचार विमर्श होता था कि किसी कविता को विशेष शैली में क्यों लिखा गया है या उसे गाते समय किसी विशिष्ट सुर और लय का चयन क्यों किया गया है.
कविता और संगीत के पारस्परिक संबंध पर विचार
इस बातचीत के दौरान अमिताभ बच्चन ने कविता और संगीत के अंतरसंबंध को अपने अनूठे दृष्टिकोण से समझाया. उनका मानना है कि एक उत्कृष्ट कविता केवल शब्दों का समूह या वाक्यों की रचना भर नहीं होती, बल्कि उसके भीतर एक स्वाभाविक संगीत और लय छिपी रहती है.
अमिताभ बच्चन ने स्पष्ट किया कि जब कोई सुंदर कविता पढ़ी जाती है, तो उसकी एक पंक्ति के शब्द अगली पंक्ति से इस प्रकार लयबद्ध होकर जुड़ते हैं कि पढ़ने वाले के भीतर अपने आप एक सुर और संगीत का प्रवाह महसूस होने लगता है. संगीतकार उसी छिपी हुई लय को पहचानकर उसे अपनी धुनों में पिरोते हैं.



















