लोकप्रिय टेलीविज़न धारावाहिक अनुपमा की कहानी में आने वाले दिनों में एक बेहद तनावपूर्ण और खौफनाक मोड़ देखने को मिलने वाला है। मुख्य खलनायक मथेलिया अब अनुपमा को अपने रास्ते से पूरी तरह हटाने के लिए एक जानलेवा साजिश रच रहा है। मथेलिया के सख्त और खतरनाक तेवरों से स्पष्ट है कि वह अपने मकसद को पूरा करने के लिए किसी भी सीमा तक जाने को तैयार है। दूसरी ओर, अनुपमा भी किसी तरह के दबाव में पीछे हटने वाली नहीं है और उसने मथेलिया के इस दुस्साहस का कड़ा जवाब देने की पूरी तैयारी कर ली है।
मथेलिया का खतरनाक इरादा और वकील की चेतावनी
कहानी के आगामी दृश्य में मथेलिया अपने कानूनी सलाहकार यानी वकील से बातचीत करता नजर आता है। मथेलिया अपने वकील से कहता है कि उसके पास चर्चा करने के लिए केवल पांच मिनट का वक्त है, क्योंकि उसे अपने बेटे को लेने जाना है, एक जन्मदिन की पार्टी में शामिल होना है और उसके बाद वृद्धाश्रम भी पहुंचना है। इस दौरान वकील उसे आगाह करते हुए चेतावनी देता है कि अनुपमा को किसी भी सूरत में कमजोर समझने की भूल न करे। वकील समझाता है कि अनुपमा न तो किसी धमकी से डरने वाली महिला है और ना ही उसे पैसे के बल पर खरीदा जा सकता है। वकील की यह बात सुनकर मथेलिया भड़क उठता है और कहता है कि अगर अनुपमा डरती नहीं है और बिकती भी नहीं है, तो उसके लिए एकमात्र रास्ता यही बचता है कि उसे जान से मार दिया जाए।
दिग्विजय के सामने छलका अनुपमा का दर्द और दी खुली चुनौती
उधर व्यापारिक मोर्चे पर, दिग्विजय अनुपमा को सूचित करता है कि उसने हाल ही में मिले सभी व्यावसायिक ऑर्डर सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। अनुपमा उसके इस काम की सराहना करती है और दिग्विजय से उसका हालचाल पूछती है। इसी बातचीत के बीच अनुपमा का संयम टूट जाता है और वह दिग्विजय के सामने फूट-फूट कर रोने लगती है। रोते हुए अनुपमा बताती है कि उसने मथेलिया की हरकतों से तंग आकर आखिरकार उसके खिलाफ पुलिस स्टेशन में आधिकारिक एफआईआर दर्ज करवा दी है। इसके तुरंत बाद अनुपमा सीधे मथेलिया को फोन लगाती है और उससे इशानी तथा परी की सुरक्षा के बारे में सवाल करती है। फोन पर अनुपमा मथेलिया को खुला चैलेंज देते हुए उसे पूरी तरह से बर्बाद करने की शपथ लेती है। मथेलिया उसकी बात सुनकर हंसता है, लेकिन अनुपमा उसे साफ शब्दों में चेतावनी देती है कि अब उसके उल्टे दिन शुरू हो चुके हैं।
घर में नया मोड़ और बांकु की भावुक वापसी
पारिवारिक घटनाक्रम में भी कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे। घर के भीतर राजा परी को सतर्क रहने और सुरक्षित रहने की हिदायत देता है। वहीं राही यह संकल्प लेती है कि वह परी पर किसी की भी बुरी नजर नहीं पड़ने देगी। इस बातचीत के दौरान वसुंधरा तंज कसते हुए टिप्पणी करती है कि अनुपमा फिर से सबकी नजर उतारने आ जाएगी। दूसरी तरफ, दिग्विजय एक बड़ा कदम उठाते हुए इशानी को एक सुखद सरप्राइज देता है और बांकु को वापस ले आता है। बांकु को अचानक सामने देखकर इशानी बेहद भावुक हो जाती है और दौड़कर उसे गले से लगा लेती है। बांकु बताता है कि सब कुछ जानने और समझने के बाद उसने वापस लौटने का फैसला किया। जब पाखी को बांकु की वापसी के बारे में पता चलता है, तो उसकी प्रतिक्रिया देखने लायक होती है।



















