लखनऊ के अलीगंज इलाके में हाल ही में आग लगने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई बहुमंजिला इमारत को अब पूरी तरह गिराने की तैयारी हो चुकी है, और भवन स्वामी ने डर के मारे खुद ही इमारत खाली करानी शुरू कर दी है।
जांच के बाद प्राधिकरण का सख्त फैसला
अलीगंज में लगी भीषण आग के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने इमारत की मजबूती और उसके निर्माण की वैधता परखने के लिए विस्तृत जांच कराई थी। जांच में सामने आई खामियों के आधार पर 10 जुलाई को प्राधिकरण ने इमारत को ध्वस्त करने का औपचारिक आदेश जारी किया। भवन मालिक को साफ कहा गया कि वह खुद अपने खर्च पर 15 दिन के भीतर इमारत गिरा दे, वरना प्राधिकरण कार्रवाई करेगा।
अब सिर्फ पांच दिन बचे, हड़कंप शुरू
दी गई 15 दिन की मोहलत में से ज्यादातर वक्त बीत चुका है और अब भवन गिराने के लिए महज पांच दिन शेष रह गए हैं। समयसीमा नजदीक आते ही भवन स्वामी के साथ-साथ वहां रह रहे किरायेदारों में भी घबराहट फैल गई। नतीजतन सोमवार को इमारत से सामान बाहर निकालने की कवायद तेज हो गई।
पेट शॉप का सामान भी हटाया गया
इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर काफी समय से एक पेट शॉप चल रही थी। दुकान संचालक ने भी अपना पूरा सामान जल्दबाजी में सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया, ताकि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से पहले कोई नुकसान न हो। सामान हटाने के दौरान किसी तरह की अफरातफरी न मचे, इसके लिए मौके पर पुलिस बल की भारी तैनाती की गई थी ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
नहीं गिराई इमारत तो प्राधिकरण चलाएगा बुलडोजर
एलडीए अधिकारियों ने दो टूक कहा है कि यह भवन स्वामी के लिए आखिरी अवसर है। अगर तय 15 दिन की अवधि में इमारत को सुरक्षित तरीके से खुद नहीं गिराया गया, तो प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंचकर बुलडोजर से इसे जमींदोज़ करेगी। इतना ही नहीं, इस पूरी कार्रवाई पर होने वाला खर्च भी भवन स्वामी से ही वसूला जाएगा।



















