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फर्रुखाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी को घेरा, बोले- सैफई सिंडिकेट हड़पता था नौकरियांउत्तर प्रदेश
3 सित॰ 2026, 8:29 pm (5 घंटे पहले)· 0

फर्रुखाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी को घेरा, बोले- सैफई सिंडिकेट हड़पता था नौकरियां

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी और विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले नौकरियां और आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर कुछ खास लोगों का कब्जा रहता था।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और आपदा पीड़ितों को सहायता पहुंचाने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद की जमीन से विपक्षी दलों पर तीखे प्रहार किए। राहत शिविरों में व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही किसानों और युवाओं के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए उन्होंने समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती समय में प्रदेश के अंदर नौकरियों और आउटसोर्सिंग की पूरी व्यवस्था पर कुछ गिने-चुने लोगों का एकाधिकार हुआ करता था, लेकिन मौजूदा सरकार ने एक नई और पारदर्शी व्यवस्था लाकर इस मनमानी पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।

फतेहगढ़ पुलिस लाइन ग्राउंड में आयोजित एक विशेष वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लगभग 1000 बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत किट प्रदान की। इन राहत पैकेटों में कुल 26 तरह की आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं। इसके अलावा, जिन लोगों के घर और जमीन गंगा नदी की बाढ़ में तबाह हो गए थे, उन्हें मंच से ही वित्तीय सहायता के चेक भी सौंपे गए। इस संपूर्ण आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित हुए एक हाईस्कूल के छात्र करण कश्यप के साथ एक सेल्फी भी खिंचवाई, जो चर्चा का विषय रही।

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बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री का वितरण और बच्चों की पढ़ाई

सरकार की प्राथमिकताओं को गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। जिन रिहायशी इलाकों और घरों में बाढ़ का पानी घुस चुका है, वहां तक लगातार राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। उन्होंने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि राहत किट के भीतर आटा, चावल, आलू, चना और खाने का तेल समेत अन्य जरूरी खाद्य वस्तुएं जरूरतमंदों को मुहैया कराई जा रही हैं। इसके साथ ही, राहत शिविरों में शरण लेने वाले बच्चों की शिक्षा किसी भी प्रकार से बाधित न हो, इसके लिए विशेष तौर पर शिक्षकों की भी तैनाती की गई है ताकि पढ़ाई सुचारू रूप से चलती रहे।

आउटसोर्स सर्विस कॉरपोरेशन का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पहले की व्यवस्थाओं में आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कर्मचारियों के अधिकारों और हितों के साथ खिलवाड़ किया जाता था। मुख्यमंत्री के अनुसार, उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई नई व्यवस्था के अंतर्गत अब कर्मचारियों को बेहतर वेतन के साथ-साथ ईपीएफ और ईएसआई जैसी तमाम महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार ने कुल 3.52 लाख कार्मिकों की इस संपूर्ण कार्यप्रणाली को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने का सराहनीय काम किया है।

रोजगार के अवसर और आलू किसानों के लिए विशेष सहायता

प्रदेश के युवाओं के रोजगार और भविष्य पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अब राज्य के भीतर नौकरियां पूरी तरह से निष्पक्षता के साथ और बिना किसी भेदभाव के बांटी जा रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कुल 50 लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे आने वाले समय में रोजगार के अपार नए अवसर पैदा होंगे। योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी को भी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

कृषि क्षेत्र और किसानों की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि फर्रुखाबाद आलू उत्पादन का एक बहुत बड़ा प्रमुख केंद्र है। हाल ही में प्राकृतिक आपदा और नुकसान का सामना करने वाले किसानों की फसलों का सर्वे कराया जाएगा और उसके आधार पर सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। उन्होंने कोल्ड स्टोरेज के भीतर रखे हुए आलू को लेकर भी किसानों को हरसंभव प्रशासनिक मदद का पूरा भरोसा दिलाया। इसके साथ ही, गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने और मक्का खरीद की सुचारू व्यवस्था का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया।

बुनियादी ढांचे का विस्तार और कनेक्टिविटी

फर्रुखाबाद की परिवहन और भौगोलिक कनेक्टिविटी पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि यहाँ प्रस्तावित नया लिंक एक्सप्रेसवे जिले को सीधे गंगा एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के साथ जोड़ेगा। उन्होंने हल्की फुल्की चुटकी लेते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा हो जाने के बाद फर्रुखाबाद के पास एक्सप्रेसवे से न जुड़ने की कोई पुरानी शिकायत नहीं बचेगी। मुख्यमंत्री ने रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के अंतर्गत स्नातक अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही 50 हजार मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी वितरित किए जाने की बात भी दोहराई। इसके अलावा, हर वर्ष बरसात के दिनों में आने वाली भीषण बाढ़ से इस जिले को हमेशा के लिए सुरक्षित करने हेतु गंगा नदी के किनारे तटबंध निर्माण की स्थानीय मांग पर बहुत तेजी से कार्य किए जाने का आश्वासन दिया।

सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद में कितने बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत किट बांटी?
मुख्यमंत्री ने फतेहगढ़ पुलिस लाइन ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करीब 1000 बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत किट वितरित की।
राहत किट में कितनी तरह की सामग्री शामिल थी?
बाढ़ पीड़ितों को दी गई राहत किट में 26 तरह की जरूरी सामग्री शामिल थी, जिसमें आटा, चावल, आलू, चना और तेल जैसी खाद्य वस्तुएं थीं।
सरकार द्वारा नई आउटसोर्सिंग व्यवस्था से कितने कार्मिकों को फायदा मिलने का दावा किया गया है?
सरकार ने 3.52 लाख कार्मिकों की व्यवस्था को व्यवस्थित करने और उन्हें बेहतर वेतन के साथ ईपीएफ तथा ईएसआई सुविधाएं देने का दावा किया है।
फर्रुखाबाद को किन एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है?
प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे फर्रुखाबाद जिले को गंगा और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत किसे लाभ मिलेगा?
इस योजना के तहत स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार छात्राओं को स्कूटी दिए जाने की बात कही गई है।
फर्रुखाबाद किस कृषि उपज का बड़ा केंद्र माना जाता है?
फर्रुखाबाद आलू उत्पादन का एक बहुत बड़ा केंद्र माना जाता है।
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