उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस वर्ष जन्माष्टमी का पावन त्योहार बेहद व्यस्त कार्यक्रमों के बीच मनाएंगे। अपने इस दो दिवसीय दौरे की शुरुआत करते हुए वह शुक्रवार की सुबह मथुरा पहुंचेंगे, जहां उनका मुख्य कार्यक्रम श्रीकृष्ण जन्मभूमि में रहेगा। इस पवित्र अवसर पर वह मंदिर परिसर में गोपूजन करने के बाद विधि-विधान से दर्शन-पूजन संपन्न करेंगे और लीलाधारी भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करेंगे। मथुरा प्रवास के दौरान उनका यह दौरा धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मथुरा को करोड़ों की विकास सौगात
जन्माष्टमी के ठीक एक दिन पहले कृष्ण नगरी मथुरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय विकास को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया। उन्होंने मथुरा जिले के लिए कुल 1,051 करोड़ रुपये की लागत वाली 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 7,240 लाभार्थियों समेत विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के पात्र लोगों को चाबी, चेक, स्वीकृति पत्र, नियुक्ति पत्र और टूलकिट वितरित किए। अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं के शुरू होने से मथुरा-वृंदावन और जिले के अन्य धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्री सुविधाओं में सुधार होगा। साथ ही सड़क नेटवर्क, प्रकाश व्यवस्था, सौंदर्यीकरण और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े कार्यों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
लखनऊ पुलिस लाइन के उत्सव में भागीदारी
मथुरा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अगला पड़ाव प्रदेश की राजधानी लखनऊ होगा। वह शुक्रवार शाम को लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित होने वाले भव्य श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने इस संबंध में जानकारी दी कि मुख्यमंत्री यहां मंदिर परिसर में सजी आकर्षक झांकी के दर्शन करेंगे। इस आयोजन के दौरान भक्ति से ओतप्रोत कई सांस्कृतिक और आध्यात्मिक प्रस्तुतियां भी होंगी, जिनके माध्यम से मुख्यमंत्री पारंपरिक उत्सव का आनंद उठाएंगे।
गोरखनाथ मंदिर में रात का मुख्य अनुष्ठान
राजधानी के कार्यक्रमों को पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देर रात गोरखपुर पहुंचेंगे। गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में वह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित होने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में सम्मिलित होंगे। मंदिर परिसर में रात 11:30 बजे तक महंत दिग्विजय नाथ स्मृति भवन में भजनों की निरंतर प्रस्तुतियां चलती रहेंगी। इन पावन भजनों के बीच भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव मनाया जाएगा।
बच्चों को बांटेंगे चॉकलेट और खिलौने
भजन संध्या के सुमधुर माहौल के बीच ही गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समारोह में पहुंचेंगे। संगीत कार्यक्रमों का आनंद लेने के साथ-साथ वह वहां मौजूद बच्चों को प्यार से खिलौने और चॉकलेट भेंट करेंगे। इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में श्रीकृष्ण बालरूप सज्जा प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा, जो बाल स्वरूप की थीम पर आधारित होगी।
गर्भगृह में विशेष पूजा और पालना झुलाना
रात्रि के ठीक 11:30 बजते ही गोरक्षपीठाधीश्वर गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करेंगे और वहां विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। जैसे ही घड़ी की सुइयां रात के 12 पर पहुंचेंगी, वैदिक मंत्रोच्चार के गूंज के बीच मंदिर के गर्भगृह में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का मुख्य उत्सव मनाया जाएगा। इसके तुरंत बाद वह भगवान श्रीकृष्ण के अलौकिक बालरूप को पारंपरिक तरीके से पालने में झुलाएंगे।





















