उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित एक बहुमंजिला आवासीय परिसर में मंगलवार को सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली वारदात सामने आई। राजनगर एक्सटेंशन इलाके की प्रसिद्ध स्टार रामेश्वरम सोसाइटी के अंदर परिसर में टहल रही छह साल की मासूम बच्ची पर अचानक तीन आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला बोल दिया। आवारा कुत्तों ने बच्ची को चारों तरफ से घेर लिया और उसे बुरी तरह नोचना शुरू कर दिया। हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। यह पूरी खौफनाक वारदात सोसाइटी के सुरक्षा कैमरों यानी सीसीटीवी (CCTV) में कैद हो गई है, जिसका वीडियो देखकर हर कोई सिहर उठा है।
महिला की तत्परता से बची मासूम की जान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता बच्ची अपने परिवार के साथ इसी स्टार रामेश्वरम सोसाइटी में रहती है। घटना के वक्त वह रोजाना की तरह सोसाइटी परिसर में टहल रही थी। इसी दौरान परिसर में घूम रहे तीन स्ट्रीट डॉग्स ने बच्ची को अकेला पाकर उस पर झपट्टा मारा। कुत्ते उसे नीचे गिराकर काटने लगे। गनीमत यह रही कि उसी समय पास से एक महिला गुजर रही थी। महिला ने जैसे ही कुत्तों को बच्ची को घेरकर काटते देखा, उसने तुरंत निडरता दिखाते हुए शोर मचाया और कुत्तों को भगाने की कोशिश की। महिला की सूझबूझ और तत्परता के कारण तीनों कुत्ते वहां से भाग खड़े हुए, जिससे बच्ची की जान बाल-बाल बच सकी।
सोसाइटी परिसर में चीख-पुकार और दहशत का माहौल
कुत्तों के हमले के बाद घायल मासूम काफी देर तक सोसाइटी के कॉमन एरिया में बैठकर रोती और बिलखती रही। अचानक हुए इस भयावह हमले से बच्ची बुरी तरह सहमी हुई थी। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर और घटना की जानकारी मिलते ही सोसाइटी के तमाम निवासी मौके पर जमा हो गए। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत बच्ची को संभाला और उसे चुप कराने तथा प्राथमिक सांत्वना देने का प्रयास किया। इस घटना के बाद से पूरी सोसाइटी के अभिभावक और बच्चे गहरे खौफ के साए में हैं।
नगर निगम की निष्क्रियता पर भड़के स्थानीय निवासी
इस घटना ने आवासीय परिसरों में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और स्थानीय प्रशासन की उदासीनता को एक बार फिर उजागर कर दिया है। सोसाइटी के निवासियों का आरोप है कि परिसर के अंदर आवारा कुत्तों का जमावड़ा और उनका आक्रामक व्यवहार लंबे समय से बड़ी समस्या बना हुआ है। इससे पहले भी ये कुत्ते सोसाइटी में रहने वाले कई अन्य लोगों और बच्चों पर हमले कर चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारियों से लिखित एवं मौखिक शिकायतें कीं, लेकिन प्रशासन की ओर से आवारा कुत्तों को पकड़ने या बंध्याकरण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता
सोसाइटी में दोबारा हुई इस आवारा कुत्तों के हमले की वारदात के बाद से बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। निवासियों का कहना है कि नगर निगम की लगातार चुप्पी और ढुलमूल रवैये के कारण परिसर में बच्चों का अकेला खेलना या टहलना भी जानलेवा साबित हो रहा है। सोसाइटी के लोगों ने मांग की है कि नगर निगम तुरंत संज्ञान लेते हुए परिसर से खूंखार कुत्तों को हटाने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करे।





















