उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक बेहद विवादित खबर सामने आई है। AIMIM के जिला अध्यक्ष यामीन खान अब्बासी ने नाजिया इलाही खान की जुबान काटने वाले को 1 लाख रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है। नाजिया इलाही के बयानों और उनकी भाषा पर पहले से नाराज अब्बासी ने यह घोषणा सोशल मीडिया पर की, जिसके बाद से चारों तरफ तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
सोशल मीडिया पर किया खुला इनाम का ऐलान
यामीन खान अब्बासी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा: 'नबी की शान में गुस्ताखी करने वाली नाजिया इलाही की जुबान काटने वाले को मिलेगा 1 लाख इनाम, यामीन खान अब्बासी जिला अध्यक्ष एआईएमआईएम।' यह पोस्ट सामने आते ही तेजी से वायरल हो गई। इसके अलावा यामीन खान अब्बासी का एक वीडियो स्टेटमेंट भी सोशल मीडिया पर घूम रहा है, जिसमें वे नाजिया इलाही के बयानों को लेकर कड़ी भाषा में बात करते नजर आ रहे हैं।
पैगंबर की शान में गुस्ताखी का आरोप
यामीन खान अब्बासी का आरोप है कि नाजिया इलाही ने न केवल इस्लाम और मुसलमानों के प्रति अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है, बल्कि उन्होंने पैगंबर की शान में भी गुस्ताखी की है। अब्बासी का कहना है कि नाजिया इलाही के इसी रवैये और उनकी भाषा की वजह से पूरे देश में उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। अब्बासी ने यह भी दावा किया कि नाजिया इलाही मानसिक संतुलन खो चुकी हैं और इसीलिए ऐसी बातें कर रही हैं।
कौन हैं नाजिया इलाही?
नाजिया इलाही एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे भारतीय जनता पार्टी की अल्पसंख्यक मोर्चा की नेता भी हैं। इससे पहले भी वे कई बार अपने बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से विवादों के केंद्र में आ चुकी हैं। यामीन खान अब्बासी के इस विवादास्पद ऐलान पर नाजिया इलाही की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं, पुलिस खामोश
यामीन खान अब्बासी का यह वीडियो और उनकी सोशल मीडिया पोस्ट इस वक्त चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि एक सभ्य समाज में किसी की जुबान काटने पर इनाम देने का ऐलान करना कहां तक उचित है। सोशल मीडिया पर इस पूरे मामले को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। फिलहाल पुलिस की तरफ से इस मामले में न तो कोई बयान आया है और न ही किसी कार्रवाई की कोई खबर है।













