उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से सामने आई एक हृदयविदारक घटना ने स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जापलिंगंज मुहल्ले की रहने वाली नवविवाहिता ज्योति वर्मा अपने जीवनसाथी की सुरक्षा को लेकर भारी संकट में हैं। पीड़ित महिला अपने लापता पति की तलाश में लंबे समय से भटक रही है और न्याय पाने के लिए थाने से लेकर अधिकारियों के दफ्तरों तक के चक्कर काटने को विवश है। हाथों में शिकायती आवेदन और आंखों में आंसुओं का सैलाब लिए यह महिला दर-दर की ठोकरें खा रही है, लेकिन अब तक उसे केवल आश्वासन और बदसलूकी ही हाथ लगी है।
वर्षों के प्रेम संबंध और कोर्ट मैरिज की पृष्ठभूमि
पीड़िता ज्योति वर्मा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वह और उसका पति पिछले कई सालों से एक-दूसरे के साथ रिश्ते में थे। दोनों के बीच लंबी नजदीकी और प्रगाढ़ प्रेम संबंध था। वर्षों तक एक-दूसरे को समझने के बाद दोनों ने अपने भविष्य को एक साथ बिताने का फैसला किया और आपसी सहमति से कानून के दायरे में जाकर कोर्ट मैरिज कर ली। हालांकि, यह विवाह एक अंतरजातीय और प्रेम विवाह था, जिसके कारण लड़के के परिजन इस रिश्ते से सख्त ऐतराज रखते थे। ससुराल पक्ष के लोग शुरुआत से ही इस शादी को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थे और उनके मन में गहरे मतभेद तथा नाराजगी भरी हुई थी।
धोखे से बुलाकर कागजातों पर दस्तखत और बेदखली
ज्योति वर्मा का गंभीर आरोप है कि जैसे ही उनके सास-ससुर को इस गुप्त और कानूनी शादी की भनक लगी, उन्होंने एक सोची-समझी साजिश के तहत अपने बेटे को घर बुलाया। परिजनों ने छल-कपट का सहारा लेते हुए युवक को धोखे से अपने पास बुलाया और उस पर दबाव बनाकर कई महत्वपूर्ण विधिक व जायदाद से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। इन कागजातों पर दस्तखत करवाकर ससुराल वालों ने अपने ही बेटे को चल-अचल संपत्ति से पूरी तरह बेदखल कर दिया। महिला का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई उसकी जानकारी के बिना और उसके पति को बहला-फुसलाकर अंजाम दी गई थी।
30 तारीख से अचानक गायब होने पर गहराया शक
मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ 30 तारीख को आया, जब बेदखली के कागजातों पर दस्तखत कराने के तुरंत बाद ही युवक रहस्यमयी परिस्थितियों में अचानक गायब हो गया। उसी दिन से उसका कोई अतापता नहीं है और उसका फोन भी बंद आ रहा है। ज्योति वर्मा का साफ तौर पर मानना है कि उसके पति का अचानक इस तरह लापता होना कोई सामान्य घटना नहीं है। उसे पूरा शक है कि उसके सास-ससुर और ससुराल के अन्य सदस्यों ने ही उसके पति को किसी गुप्त स्थान पर बंधक बनाकर छिपा दिया है या फिर उसके साथ कोई गंभीर अनहोनी घटना घटित कर दी है।
स्थानीय पुलिस का टालमटोल भरा रवैया और एसपी से गुहार
पति के अचानक गायब हो जाने के बाद से नवविवाहिता का रो-रोकर बुरा हाल है। न्याय की आस में जब वह शहर कोतवाली थाने पहुंची, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों की संवेदनहीनता सामने आई। आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने उसकी पीड़ा सुनने के स्थान पर उसे डांट-डपटकर थाने से भगा दिया। बार-बार पुलिस स्टेशन के चक्कर काटने के बावजूद जब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और पुलिस का टालमटोल वाला रवैया जारी रहा, तो पीड़िता की उम्मीद टूटने लगी। अंततः कोई रास्ता न देखकर ज्योति वर्मा सीधे जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) के कार्यालय पहुंच गईं। वहां उन्होंने आला अधिकारियों के समक्ष अपनी गुहार लगाई और मांग की कि मामले में तुरंत हस्तक्षेप करके उनके पति को सकुशल बरामद किया जाए तथा दोषी परिजनों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।



















