भारत की स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूरे होने के पावन अवसर पर 15 अगस्त को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। उत्तर प्रदेश के अंतिम सीमावर्ती जिले सहारनपुर में इस राष्ट्रीय पर्व को अभूतपूर्व ढंग से मनाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस वर्ष पूरे राज्य को तिरंगे के रंग में रंगने की योजना के तहत सहारनपुर की महिला स्वयं सहायता समूहों को बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय ध्वज बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। यह महिलाएं दिन-रात पूरी लगन से तिरंगे तैयार कर रही हैं, जिससे उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में ध्वजारोहण के लिए झंडों की आपूर्ति की जाएगी।
स्वयं सहायता समूह की 50 महिलाओं को मिला रोजगार
जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के माध्यम से स्थानीय प्रेरणा क्षेत्र स्तरीय समिति को कुल 25,000 राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने का लक्ष्य सौंपा गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने के लिए लगभग 10 स्वयं सहायता समूहों की 50 महिलाएं लगातार कार्यरत हैं। इस अभियान ने न केवल स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को गति दी है, बल्कि स्थानीय महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का एक सुदृढ़ अवसर भी प्रदान किया है। महिलाएं पूरे गर्व के साथ राष्ट्रध्वज के निर्माण में जुटी हुई हैं।
अब तक 10,000 झंडे बनकर तैयार, लखनऊ भेजे जाएंगे लाखों तिरंगे
प्रेरणा क्षेत्र स्तरीय समिति से जुड़ी पूनम यादव ने कार्य की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 10,000 तिरंगे सिलाकर तैयार किए जा चुके हैं। बाकी बचे 15,000 झंडों को भी बहुत जल्द अंतिम रूप दे दिया जाएगा। सहारनपुर में निर्मित इन राष्ट्रीय ध्वजों का उपयोग स्थानीय नगर निगम, विभिन्न सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में किया जाएगा। इसके साथ ही, सहारनपुर से कई लाख तिरंगे तैयार करके राज्य की राजधानी लखनऊ तथा उत्तर प्रदेश के अन्य विभिन्न जिलों में भेजने की व्यापक योजना है।
हर घर तिरंगा अभियान 2026 का व्यापक उद्देश्य
केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की संयुक्त पहल पर 'हर घर तिरंगा अभियान 2026' को व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय अभियान का मूल उद्देश्य केवल इमारतों पर तिरंगा फहराना मात्र नहीं है, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के हृदय में राष्ट्रभक्ति, आपसी भाईचारे, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के प्रति अगाध सम्मान की भावना को पुनः जागृत करना है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की अपील के अनुसार, हर नागरिक को अपने घर, दुकान, विद्यालय और कार्यालय में तिरंगा लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, और इसी संकल्प को साकार करने के लिए महिला समूह ताबड़तोड़ मेहनत कर रहे हैं।



















