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अयोध्या पहुंचे CM योगी आदित्यनाथ: राम मंदिर में गुप्त लिफाफे से किया दान, चंदा विवाद के बीच बनाई आरोपियों से दूरीउत्तर प्रदेश
20 जून 2026, 8:51 am (46 दिन पहले)· 3

अयोध्या पहुंचे CM योगी आदित्यनाथ: राम मंदिर में गुप्त लिफाफे से किया दान, चंदा विवाद के बीच बनाई आरोपियों से दूरी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या में रामलला के दर्शन किए और चंदा चोरी विवाद के बीच आरोपित ट्रस्ट सदस्यों से दूरी बनाए रखी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। राम मंदिर में चंदे की कथित हेराफेरी को लेकर चल रहे विवाद के बीच यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने रामलला के सामने शीश नवाया, विशेष पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

दान पात्र में अर्पित किया सीलबंद लिफाफा

रामलला की आरती और दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने अपनी जेब से एक लिफाफा निकाला और उसे पूरे आदर के साथ श्रीराम जन्मभूमि के दान पात्र में डाल दिया। उनके इस कदम को व्यक्तिगत आस्था और भक्ति के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उस लिफाफे के भीतर कितनी दान राशि मौजूद थी।

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चंपत राय रहे दूर, दिनेंद्र दास ने कराया दर्शन

इस दौरे के दौरान एक और बात बेहद चर्चा में रही। चंदा चोरी के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री ने जांच के दायरे में आए ट्रस्ट के पदाधिकारियों से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। चंपत राय मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों से पूरी तरह दूर रहे और वे राम जन्मभूमि से लगभग 4 किमी दूर कारसेवकपुरम में ही मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के आगमन से एक दिन पहले स्थानीय जिला प्रशासन ने राम मंदिर ट्रस्ट को पत्र लिखकर एक प्रतिनिधि नामित करने का अनुरोध किया था। इसके बाद ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास को यह जिम्मेदारी दी गई, जिन्होंने मुख्यमंत्री को रामलला के दर्शन कराए और परिसर की व्यवस्थाओं की जानकारी दी।

वीआईपी पास और चल रही SIT जांच

मुख्यमंत्री के साथ इस धार्मिक यात्रा में प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्थानीय विधायक अभय सिंह और अयोध्या के महापौर गिरीश त्रिपाठी भी मौजूद थे। इन सभी नेताओं ने रामलला के दर्शन किए और मंदिर प्रबंधन का जायजा लिया। गौरतलब है कि राम मंदिर के दान पात्र से जुड़ी कथित गड़बड़ी की जांच वर्तमान में एक विशेष जांच दल यानी SIT कर रही है। इस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पूछताछ के दौरान टिन्नू यादव ने 2 बड़े नामों का खुलासा किया है, जिनमें से एक व्यक्ति के पास ट्रस्ट में कोई आधिकारिक पद न होने के बावजूद VIP पास की सुविधा उपलब्ध थी। मुख्यमंत्री ने प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करते हुए अपना दौरा संपन्न किया और दर्शन के बाद अपने अगले गंतव्य के लिए रवाना हो गए।

सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या का दौरा कब किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या का दौरा किया।
मुख्यमंत्री को रामलला के दर्शन कराने की जिम्मेदारी किसे सौंपी गई थी?
ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास को मुख्यमंत्री को दर्शन कराने और मंदिर परिसर की जानकारी देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
राम मंदिर के दान पात्र में मुख्यमंत्री ने क्या अर्पित किया?
मुख्यमंत्री ने अपनी जेब से एक लिफाफा निकाला और उसे दान पात्र में अर्पित किया, हालांकि इसमें कितनी राशि थी इसकी घोषणा नहीं की गई है।
दान पात्र में कथित गबन के मामले की जांच कौन कर रहा है?
इस मामले की जांच वर्तमान में एक विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है।
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