वाराणसी में सावन के महीने में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए उमड़ रही भीड़ का फायदा उठाकर कुछ दलाल भक्तों से मोटी रकम वसूल रहे थे। पुलिस ने इस गिरोह पर शिकंजा कसते हुए एक ही दिन में आठ दलालों को पकड़कर जेल भेज दिया है।
कैसे खुला दलालों का खेल
काशी विश्वनाथ कॉरीडोर में कुछ लोग वीवीआईपी दर्शन कराने का झांसा देकर भक्तों से पैसे ऐंठ रहे थे। सावन के इस महीने में बाबा के धाम में हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, और भीड़ की इसी आपाधापी का फायदा दलाल उठा रहे थे। मामला उस वक्त सामने आया जब मैसूर से दर्शन करने आए चार भक्तों को सुगम दर्शन कराने का वादा करके बसंत पांडेय नाम के एक दलाल ने उनसे चार हजार रुपए वसूल लिए। ठीक इसी दौरान पुलिस की एक टीम वहां गश्त पर पहुंच गई। पुलिस को देखते ही बसंत पांडेय चारों भक्तों को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया। सहमे हुए भक्तों ने इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दे दी।
इंस्पेक्टर ने भीड़ में ढूंढ निकाला दलाल
सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा हरकत में आ गए। उन्होंने आसपास की दुकानों पर पूछताछ शुरू की और भीड़ में छिपे बसंत पांडेय को ढूंढ निकाला। पुलिस ने मौके पर ही भक्तों के चार हजार रुपए वापस दिलाए और उन्हें बाबा विश्वनाथ के दर्शन भी कराए। इस पूरी कार्रवाई से भक्तों को राहत तो मिली, लेकिन इसने यह भी उजागर कर दिया कि कॉरीडोर में इस तरह के दलाल किस तरह सक्रिय हैं।
चौबीस घंटे में आठ गिरफ्तारियां
काशी पुलिस अब ऐसे दलालों पर सख्त निगरानी रखे हुए है। पिछले चौबीस घंटे के भीतर बसंत पांडेय जैसे कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ये सभी दर्शन कराने के बहाने भक्तों को ठग रहे थे और वीवीआईपी एंट्री का झूठा भरोसा देकर पैसे वसूल रहे थे। पुलिस ने इन सभी को जेल भेज दिया है।
पुलिस की भक्तों से अपील
काशी पुलिस ने साफ कहा है कि भक्त ऐसे ठगों से सतर्क रहें, क्योंकि बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए किसी तरह की कोई फीस नहीं ली जाती। पुलिस का कहना है कि दर्शन के नाम पर पैसे मांगने वाला कोई भी व्यक्ति ठग ही होता है।
बड़े मंदिरों में बार-बार सामने आती है ऐसी ठगी
यह पहला मौका नहीं है जब किसी बड़े मंदिर में दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं को लूटा गया हो। कई बार टूरिस्ट गाइड, तो कहीं होटल चलाने वाले लोग ऐसी ठगी में शामिल पाए जाते हैं। कुछ मामलों में मंदिर के बाहर फूल माला बेचने वाले दुकानदार भी इसी तरह का धंधा शुरू कर देते हैं। वाराणसी पुलिस ने इस बार सतर्कता दिखाते हुए समय रहते ठगों को पकड़ लिया, लेकिन ऐसे मामलों को पूरी तरह रोकने के लिए भक्तों के बीच जागरुकता फैलाना जरूरी है। मंदिर परिसर में जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाकर लोगों को इस तरह की ठगी से सावधान किया जा सकता है, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु किसी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं।



















