उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में लखनऊ हाईवे पर ई-रिक्शा से सफर कर रही एक महिला के साथ दिनदहाड़े हुई चेन स्नैचिंग की वारदात को पुलिस ने 72 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। फखरपुर थाना क्षेत्र में गांधी घाट चौकी के पास चेकिंग के दौरान हुई पुलिस मुठभेड़ में दो शातिर लुटेरे गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसे तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया गया है। पकड़े गए बदमाशों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच में पता चला है कि उनके खिलाफ विभिन्न जिलों में कई मामले दर्ज हैं।
दिनदहाड़े ई-रिक्शा सवार महिला को बनाया था निशाना
यह पूरी वारदात 23 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे सामने आई थी, जब एक महिला ई-रिक्शा में सवार होकर फखरपुर इलाके से गुजर रहे लखनऊ हाईवे पर जा रही थी। उसी दौरान पीछे से आए एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों ने अचानक झपट्टा मारकर महिला के गले से सोने की चेन छीन ली और मौके से फरार हो गए। दिनदहाड़े मुख्य राजमार्ग पर हुई इस दुस्साहसिक वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने घटना के तुरंत खुलासे के निर्देश दिए और आरोपियों की धरपकड़ के लिए तीन विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया।
ट्रैफिक इंटरसेप्टर कैमरे और सर्विलांस से खुला राज
वारदात की जांच के दौरान पुलिस टीम को एक अहम तकनीकी सुराग मिला। घटनास्थल से थोड़ी ही दूरी पर ट्रैफिक पुलिस का इंटरसेप्टर मोबाइल वाहन तेज रफ्तार वाहनों के चालान काटने के लिए तैनात था। उस वाहन में लगे आधुनिक कैमरों की फुटेज खंगालने पर दोनों संदिग्ध बदमाश मोटरसाइकिल सहित रिकॉर्डिंग में कैद मिले। पुलिस ने इस विजुअल फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से संदिग्धों की पहचान सलमान और उसके भाई के रूप में की। जांच में सामने आया कि दोनों मूल रूप से कोतवाली देहात क्षेत्र के निवासी हैं, लेकिन अपराध को अंजाम देने के लिए उन्होंने कोतवाली शहर इलाके में किराए पर कमरा ले रखा था, ताकि वे आसानी से पुलिस की नजरों से बचते हुए छिप सकें।
गांधी घाट के पास पुलिस पर फायरिंग और जवाबी कार्रवाई
जांच आगे बढ़ने पर फखरपुर थाना प्रभारी को गोपनीय सूचना प्राप्त हुई कि दोनों संदिग्धों की हलचल फखरपुर क्षेत्र के गांधी घाट चौकी इलाके में देखी गई है। इस सूचना पर स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप और स्थानीय फखरपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में सघन वाहन चेकिंग शुरू कर दी। चेकिंग के दौरान एक ही बाइक पर आ रहे दो संदिग्ध युवकों को जब पुलिस ने रुकने का इशारा किया, तो उन्होंने खुद को घिरता देख पुलिस पार्टी पर सीधे जानलेवा फायरिंग कर दी। पुलिस जवानों ने आत्मरक्षा में संभलते हुए जवाबी गोलीबारी की, जिसमें एक बदमाश गोली लगने से वहीं गिर पड़ा और घायल हो गया। उसके साथी ने अंधेरे और मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी करके उसे भी दबोच लिया।
अवैध असलहा, नकदी और चोरी की बाइक बरामद
मुठभेड़ स्थल से पकड़े गए दोनों आरोपियों के पास से लूटी गई सोने की चेन, अपराध में इस्तेमाल की गई चोरी की एक मोटरसाइकिल, एक अवैध तमंचा, कुछ कारतूस, नकदी और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस पूछताछ और रिकॉर्ड सत्यापन में यह बात सामने आई है कि दोनों सगे भाई पेशेवर और शातिर अपराधी हैं। इन दोनों आरोपियों के खिलाफ गोंडा सहित आसपास के अन्य जिलों में लूटपाट और चोरी के 8 से 9 आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।




















