घरेलू इक्विटी बाजार में पिछले कारोबारी सत्र की तगड़ी गिरावट के बाद शुक्रवार की सुबह राहत भरी रही। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिश्रित रुख के बावजूद दलाल स्ट्रीट पर निचले स्तरों पर खरीदारों की सक्रियता देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक संभलते हुए हरे निशान में कारोबार करने में सफल रहे। ऑटोमोबाइल और बैंकिंग सेक्टर की मजबूत लिवाली ने बाजार को सहारा दिया, हालांकि सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में जारी बिकवाली के दबाव ने बढ़त को सीमित रखा।
शुरुआती घंटी के साथ सूचकांकों की स्थिति
सत्र के आगाज के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 98.66 अंक अथवा 0.13 प्रतिशत की मजबूती हासिल करते हुए 73,679.20 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी सूचकांक भी 21.55 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की बढ़त दर्ज कर 23,084.65 के स्तर पर ट्रेड करता दिखाई दिया। बाजार की चौड़ाई स्पष्ट तौर पर सकारात्मक बनी रही। शुरुआती दौर में करीब 1,090 शेयरों में तेजी का माहौल था, जबकि 781 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इसके अलावा 155 शेयरों के भाव में कोई उतार-चढ़ाव दर्ज नहीं किया गया।
तेजी दिखाने वाले प्रमुख शेयर
सेंसेक्स और निफ्टी के आंकड़ों पर नजर डालें तो बुनियादी ढांचे और वित्तीय कंपनियों के शेयरों ने बाजार को आगे बढ़ाया। निफ्टी के अंतर्गत अदाणी एंटरप्राइजेज, श्रीराम फाइनेंस और पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन प्रमुख बढ़त दर्ज करने वाले काउंटरों में शुमार रहे। बीएसई सेंसेक्स के घटकों में लार्सन एंड टुब्रो सबसे आगे रहा, जिसमें 0.94 प्रतिशत का उछाल आया। इसके बाद दूसरे स्थान पर एक्सिस बैंक 0.90 प्रतिशत, तीसरे पर महिंद्रा एंड महिंद्रा 0.84 प्रतिशत और चौथे पायदान पर पावर ग्रिड 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। बैंकिंग क्षेत्र की मजबूती को बढ़ाते हुए भारतीय स्टेट बैंक में 0.58 प्रतिशत तथा बजाज फाइनेंस में 0.54 प्रतिशत का इजाफा दर्ज हुआ।
आईटी सेक्टर पर बना रहा बिकवाली का दबाव
बाजार में सामान्य मजबूती के उलट आईटी कंपनियों के काउंटरों पर तगड़ा मुनाफावसूली दबाव दिखा। निफ्टी आईटी इंडेक्स पर इसका सीधा असर देखने को मिला। दिग्गज कंपनी इन्फोसिस 1.45 प्रतिशत के नुकसान के साथ ₹994.50 के स्तर तक फिसल गई। इसी तरह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में 1.39 प्रतिशत की गिरावट आई और यह ₹2,048.20 पर आ गया। टेक महिंद्रा के शेयरों में 0.99 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई और इसका भाव ₹1,530.75 पर देखा गया। अन्य प्रमुख तकनीकी कंपनियों में विप्रो तथा ऊर्जा क्षेत्र से तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम के शेयरों में भी सुस्ती रही और वे गिरावट के साथ ट्रेड करते रहे।
विभिन्न सेक्टोरल सूचकांकों का प्रदर्शन
क्षेत्रवार प्रदर्शन में आईटी और वित्तीय शेयरों के बीच का अंतर बिल्कुल साफ रहा। जहां निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.41 प्रतिशत की बड़ी गिरावट झेल रहा था, वहीं निफ्टी बैंक 0.26 प्रतिशत चढ़कर बाजार के लिए सुरक्षा कवच साबित हुआ। रियल एस्टेट क्षेत्र की कंपनियों में आई लिवाली से निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 0.35 प्रतिशत का इजाफा हुआ, जिसने समग्र बाजार को लाल निशान में फिसलने से मजबूती से रोके रखा। इसके साथ ही सरकारी बैंकों का प्रतिनिधित्व करने वाला निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स भी 0.19 प्रतिशत की मजबूती लेकर हरे निशान पर टिका रहा।



















