कानपुर शहर में शुक्रवार सुबह झमाझम बारिश के बीच एक बड़ा हादसा हो गया। काकादेव थाना क्षेत्र के पांडु नगर इलाके में बनी हार्मोनी विला सोसाइटी का बेसमेंट अचानक भरभराकर बैठ गया। तेज आवाज के साथ पूरी इमारत हिलने लगी और देखते ही देखते परिसर में चीख पुकार मच गई। घरों में मौजूद लोग जान बचाने के लिए बाहर की ओर दौड़ पड़े और कुछ ही मिनटों में सोसाइटी के गेट पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई।
रेस्क्यू टीमों ने निकाले 50 से ज्यादा लोग
घटना की जानकारी मिलते ही काकादेव पुलिस, फायर ब्रिगेड, नगर निगम की टीमें और प्रशासन के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। बिना समय गंवाए पूरी इमारत खाली करा दी गई और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 50 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन कई परिवारों का घरेलू सामान और गाड़ियां मलबे में फंस गईं।
पार्किंग जमींदोज, 6-7 गाड़ियां मलबे में धंसीं
बेसमेंट बैठते ही उसके ऊपर बनी पार्किंग की जमीन भी धंस गई। वहां खड़ी 6 से 7 कारें और दोपहिया वाहन गहरे गड्ढे में समा गए। मलबे में फंसे इन वाहनों को बाहर निकालने के लिए क्रेन और भारी मशीनों का सहारा लिया गया और यह काम देर शाम तक चलता रहा। अपने घरों से बाहर निकाले गए परिवार रोते बिलखते नजर आए। कई लोग अपने फ्लैट से जरूरी सामान तक नहीं निकाल पाए। इस हादसे ने बच्चों और बुजुर्गों को भी गहरे सदमे में डाल दिया।
मेट्रो निर्माण पर उठी उंगली, विधायक ने बुलाई तकनीकी जांच
हादसे के तुरंत बाद सोसाइटी में रहने वाले लोगों ने आरोप लगाया कि आसपास चल रहे मेट्रो के निर्माण कार्य ने पहले ही जमीन को कमजोर कर दिया था। उनका कहना था कि लगातार हो रही खुदाई और शुक्रवार की तेज बारिश की वजह से जमीन बैठी और बेसमेंट की दीवार टूट गई। इलाके के विधायक सुरेंद्र मैथानी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मिलकर पूरी स्थिति जानी। उन्होंने अधिकारियों से भी घटना की पूरी जानकारी ली और बताया कि मेट्रो अधिकारियों से भी बातचीत की गई है। विधायक का कहना था कि इस हादसे में उनकी कोई गलती सामने नहीं आई है।
इसके बाद विधायक सुरेंद्र मैथानी ने कानपुर विकास प्राधिकरण यानी केडीए की उपाध्यक्ष को फोन कर पूरे मामले से अवगत कराया और तुरंत तकनीकी जांच के आदेश दिए। उन्होंने शाम तक जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है। विधायक ने साफ किया कि रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह मेट्रो का कोई अधिकारी हो, केडीए हो या फिर इमारत बनाने वाला बिल्डर, किसी को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आसपास के मोहल्लों में भी घर बचाने की चिंता
इस हादसे का डर सिर्फ हार्मोनी विला सोसाइटी तक ही सीमित नहीं रहा, आसपास के मोहल्लों में रहने वाले लोग भी सहमे हुए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब एक बनी बनाई इमारत के साथ ऐसा हो सकता है, तो कहीं उनके घर भी खतरे में तो नहीं हैं। लोग लगातार प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इलाके की अन्य इमारतों की भी तकनीकी जांच कराई जाए। फिलहाल पुलिस, नगर निगम और अन्य विभागों की टीमें मौके पर डटी हुई हैं, इमारत को पूरी तरह खाली करा दिया गया है और तकनीकी विशेषज्ञ जांच में जुटे हैं। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ होगा कि आखिर हादसे की असली वजह क्या थी और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।













