उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में बिजली की लापरवाही के कारण एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से 20 साल के एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह दुर्घटना जहांगीरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव परोरी में घटी। करंट लगने से जान गंवाने वाले युवक की पहचान किशोरी लाल के पुत्र नीरज के रूप में हुई है। हादसे के वक्त जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
आक्रोशित ग्रामीणों ने खुर्जा-जेवर मार्ग पर लगाया जाम
युवक की दर्दनाक मौत के बाद गांव में गम और गुस्से का माहौल बन गया। बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आक्रोशित ग्रामीणों ने पास के खुर्जा-जेवर मुख्य मार्ग पर पहुंचकर सड़क को पूरी तरह से जाम कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की लापरवाही और जर्जर तारों की समय पर मरम्मत न होने के कारण यह बड़ा हादसा हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मृतक नीरज के परिजनों को तत्काल उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और इस हादसे के जिम्मेदार बिजली अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इस चक्का जाम की वजह से मुख्य मार्ग पर लगभग 2 घंटे तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
खुर्जा विधायक ने अधिकारियों को लगाई फटकार, निलंबन की मांग की
सड़क जाम और ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला हरकत में आया। क्षेत्रीय खुर्जा विधायक मीनाक्षी सिंह भी स्थिति का जायजा लेने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनके प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और परिजनों को ढांढस बंधाया। इसके बाद विधायक मीनाक्षी सिंह ने मौके पर मौजूद बिजली विभाग के अफसरों को कड़ी फटकार सुनाई और उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से दूरभाष पर बात कर मामले में जिम्मेदार एसडीओ को तत्काल सस्पेंड करने और संबंधित जेई को क्षेत्र से तुरंत हटाने के सख्त निर्देश दिए।
मुआवजे और जर्जर तार बदलने के वादे के बाद शांत हुआ मामला
पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने काफी देर तक मशक्कत कर गुस्साए ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। मामले की जानकारी देते हुए सीओ खुर्जा शोभित कुमार ने बताया कि जहांगीरपुर थाना क्षेत्र के गांव परौरी में करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई थी, जिसके बाद ग्रामीण सड़क पर एकत्र होकर प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बिजली विभाग द्वारा पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक मुआवजा देने और गांव के जर्जर एवं खतरनाक बिजली तारों को जल्द से जल्द बदलने का लिखित आश्वासन दिया गया है। इस सहमति के बाद ग्रामीणों ने सड़क से जाम खत्म कर दिया। सीओ के अनुसार वर्तमान में मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है और पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
बदायूं में भी शादी के दौरान हुआ था ऐसा ही हादसा
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में हाईटेंशन और ढीले बिजली के तारों से हादसों की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। हाल ही में बदायूं जिले में भी शादी समारोह की खुशियां उस समय गम में बदल गई थीं, जब बिजली के लटकते तार की चपेट में आने से एक व्यक्ति की जान चली गई थी और पांच अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे।



















