उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में गोतस्करों और अपराधियों के खिलाफ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी सिलसिले में बुलंदशहर के चोला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाकों में पुलिस और एक वांछित गोतस्कर के बीच तीखी मुठभेड़ की घटना सामने आई है। पुलिस महकमे से मिली जानकारी के मुताबिक, इस अपराधी पर पुलिस की तरफ से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था और वह काफी समय से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी करके उसे इलाज के वास्ते अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज किया जा रहा है।
सबदलपुर और सुतारी के जंगलों में सामने आया था मामला
यह पूरा कानूनी शिकंजा तब कसा जब बुलंदशहर के चोला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सबदलपुर और ग्राम सुतारी के बीच स्थित जंगलों में गौकशी की एक अवैध घटना को अंजाम दिया गया था। इस गंभीर मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय थाने में तुरंत मुकदमा दर्ज किया गया था और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कई पुलिस टीमों का गठन किया गया था ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द दबोचा जा सके। जांच के दौरान चोला पुलिस ने गांव सुतारी के रहने वाले मुकीम पुत्र बाबू उर्फ बाबूद्दीन को दबोच लिया था। पुलिस टीम उसे चिकित्सीय परीक्षण के लिए बाइक पर बैठाकर अस्पताल ले जा रही थी, तभी रास्ते में एक गैस गोदाम के समीप पुलिसकर्मियों की बाइक अचानक फिसलकर जमीन पर गिर गई। इसी अचानक मिले मौके का फायदा उठाकर मुकीम ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी की सरकारी पिस्टल लेकर वहां से चंपत हो गया।
घेराबंदी के दौरान पुलिस पर की गई फायरिंग
घटना की खबर मिलते ही चोला थाना प्रभारी अपने पुलिस बल और स्वाट टीम देहात के साथ फौरन मौके पर पहुंच गए और फरार हुए अभियुक्त की तलाश में बड़े पैमाने पर कॉम्बिंग शुरू कर दी। खोजबीन के दौरान पुलिस को गैस गोदाम के पीछे वाली झाड़ियों के आसपास मुकीम छिपा हुआ दिखाई दिया। जब पुलिस बलों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया तो उसने खुद को फंसता देख पुलिस पार्टी पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अपनी सुरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसके दौरान पैर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गया। इसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत दबोच लिया और उसके कब्जे से लूटी गई सरकारी पिस्टल, नौ जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद कर लिया। घायल होने के बाद उसे फौरन चिकित्सीय उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
पहले भी कई आरोपियों को भेजा जा चुका है जेल
इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए सीओ सिकंदराबाद प्रेमसुख दडिया ने बताया कि गौकशी की इस वारदात में पुलिस पहले ही कुल 11 अभियुक्तों को गिरफ्तार करके जेल की सलाखों के पीछे भेज चुकी है। इसके अलावा, इस आपराधिक नेटवर्क से जुड़े एक अन्य अभियुक्त के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा चुकी है। इस गिरोह के कई सदस्य पहले ही पकड़े जा चुके थे, लेकिन मुकीम काफी समय से पुलिस की पकड़ से दूर लगातार फरार चल रहा था। उसकी तलाश तेज करते हुए मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक की तरफ से उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी मुकर्रर किया गया था, जिसके बाद से पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी और आखिरकार पुलिस मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर ली गई।



















