जयपुर के सराफा बाजारों में त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही खरीदारों की चहल-पहल बढ़ने लगी है। खास तौर पर कीमती धातुओं के कारोबार में रौनक देखने को मिल रही है, क्योंकि पिछले कुछ समय से सोने और चांदी के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव और सुस्ती बनी हुई है। इस रुख के कारण आम ग्राहकों का रुझान खरीदारी की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहा है। स्थानीय बाजारों में इस बात की जोरदार चर्चा है कि दामों में आई इस नरमी का फायदा उठाकर लोग जमकर निवेश कर रहे हैं।
चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट
अगर जयपुर के स्थानीय सराफा बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें, तो सबसे ज्यादा मंदी चांदी के मोर्चे पर देखने को मिली है। कुछ महीने पहले तक जो चांदी चार लाख रुपए प्रति किलो के ऊंचे स्तर पर बिक रही थी, वह अब घटकर दो लाख दो हजार रुपए प्रति किलो पर आ गई है। कीमतों में इस बड़ी गिरावट के बावजूद त्योहारी खरीदारी के माहौल पर इसका सकारात्मक असर दिख रहा है और लोग दुकानों का रुख कर रहे हैं।
कारोबारियों की क्या है राय
बाजार के जानकारों और कारोबारियों का मानना है कि कीमती धातुओं में निवेश का यह सिलसिला पुराना है। ज्वैलर आदर्श खंडाका का कहना है कि आने वाले समय में हालात बदलेंगे और त्योहारी पर्व तक चांदी के भाव में फिर से उछाल देखने को मिलेगा। आदर्श खंडाका ने बताया कि चार लाख के ऊंचे दाम पर खरीदारी करने वाले कुछ लोग भले ही मायूस हों, लेकिन आने वाले महीनों में कीमतें बढ़ने की पूरी उम्मीद है और यह निवेश का मुफीद समय है।
प्रतिदिन हो रहा है उतार-चढ़ाव
पिछले कुछ हफ्तों से बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय चांदी की घटती-बढ़ती कीमतें ही रही हैं, क्योंकि रोजाना एक हजार रुपए से ज्यादा का उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। वर्तमान में जयपुर के बाजार में निन्यानवे प्रतिशत शुद्ध चांदी का भाव दो लाख दो हजार रुपए प्रति किलो चल रहा है। वहीं दूसरी ओर, जेवराती सोने का भाव एक लाख पैंतालीस हजार रुपए पर बना हुआ है।
दीपावली पर तेजी की उम्मीद
जयपुर के एक अन्य ज्वैलर प्रहलाद खूटेटा का कहना है कि मौजूदा मंदी के बावजूद दीपावली के नजदीक आते-आते चांदी की कीमत ढाई लाख रुपए और सोने की कीमत डेढ़ लाख रुपए तक पहुंचने की संभावना है। प्रहलाद खूटेटा का कहना है कि बाजार में इस समय अच्छी रौनक है और जैसे ही दामों में बढ़त का दौर शुरू होगा, मांग और तेजी से बढ़ेगी। हालांकि शुरुआती दौर में उम्मीद के मुताबिक कम खरीदारी हुई थी, लेकिन अब कारोबार बेहतर रहने की उम्मीद है।
बाजार में विभिन्न वस्तुओं की मांग
व्यापारियों के अनुसार, कीमतों में उतार-चढ़ाव अपनी जगह है, लेकिन त्योहारी और शादी के सीजन में सोने-चांदी के सामानों की मांग हमेशा बनी रहती है। इस समय बाजारों में चांदी के बर्तन, सिक्के और अन्य सजावटी सामानों के साथ-साथ शादियों के लिए सोने के गहनों की भी खूब मांग निकल रही है। इसी महीने चांदी के भाव में नौ दशमलव तीन नौ प्रतिशत यानी इक्कीस हजार पांच सौ रुपए प्रति किलो की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की जा चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
स्थानीय विश्लेषकों का मानना है कि त्योहारों तक दामों में सुधार होने से उन लोगों को राहत मिलेगी जो हालिया मंदी से परेशान हैं। अमेरिका में स्पॉट सिल्वर का भाव पचपन डॉलर प्रति आउंस चल रहा है। इस कीमत पर पंद्रह प्रतिशत कस्टम ड्यूटी और तीन प्रतिशत जीएसटी यानी कुल अठारह दशमलव चार पांच प्रतिशत प्रभावी कर जोड़ने के बाद भारत में चांदी की लैंडिंग कीमत एक लाख बयासी हजार से एक लाख पचासी हजार रुपए प्रति किलो बैठ रही है, जिसके कारण घरेलू बाजार में भी कीमतें नीचे आ रही हैं।















