उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में संजय सक्सेना की हत्या के मामले में पुलिस और एसओजी ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। रामगंगा पुल के पास पुलिस की टीम और आरोपियों के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ हो गई, जिसमें मुख्य आरोपी राजेश गुर्जर के बाएं पैर में गोली जा लगी। पुलिस ने घायल हालत में उसे दबोच लिया और फौरन इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। इस सफल कार्रवाई के साथ ही पुलिस ने तीन अन्य वांछित आरोपियों को भी धर दबोचा है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में अब तक कुल 8 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जबकि मृतक की पत्नी ने पहले ही आरोपियों के एनकाउंटर की पुरजोर मांग उठाई थी।
यह पूरी वारदात बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सामने आई थी। मुठभेड़ के बाद पकड़े गए राजेश गुर्जर की तलाशी लेने पर पुलिस के हाथ एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस लगा है। पैर में गोली लगने के कारण उसे तुरंत प्राथमिक उपचार मुहैया कराया गया। इसके अलावा, इसी आपराधिक मुकदमे में वांछित चल रहे कृष्णा गोस्वामी, राहुल तेली और धीरज गुर्जर को भी पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया है। चारों आरोपियों के खिलाफ अब थाने में कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है और उन्हें अदालत में पेश करने की तैयारी है।
मेले से लौट रहे दोस्तों पर हुआ था जानलेवा हमला
यह खौफनाक घटना 22 अक्टूबर की रात को घटी थी। सुभाषनगर की शांति विहार कॉलोनी के रहने वाले संजय सक्सेना अपने साथी मोनू के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर मेला देखने गए थे और वहां से घर लौट रहे थे। आरोप है कि जब वे होली चौक के पास पहुंचे, तो कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर रोक लिया। मामूली कहासुनी और गाली-गलौज के बाद अचानक आरोपियों ने दोनों पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस मारपीट में संजय बुरी तरह जख्मी हो गए। परिजन आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हमले के दौरान संजय के साथ मौजूद उनके दोस्त मोनू मौका पाकर वहां से भाग निकले थे। इस मामले में संजय की बहन साक्षी की लिखित शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर गहराई से छानबीन शुरू की थी।
पुरानी रंजिश और पुरानी दुश्मनी बनी हत्या की वजह
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने इस खूनी संघर्ष के पीछे पुरानी रंजिश का होना कबूल किया है। अधिकारियों के मुताबिक, संजय का पहले भी इनमें से कुछ आरोपियों के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसी पुरानी दुश्मनी की टीस मन में पालकर आरोपियों ने मेले से लौटते वक्त संजय और उनके दोस्त को रास्ते में रोककर निशाना बनाया। हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस की तफ्तीश और कानूनी औपचारिकताएं अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं और आगे की जांच जारी है।
पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड में चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका था। अब राजेश गुर्जर समेत चार नए आरोपियों के पकड़े जाने के बाद इस मामले में गिरफ्तार कुल अपराधियों की संख्या आठ पहुंच गई है। पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी पकड़े गए आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


















