उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक गांव में एक परिवार की सुबह उस वक्त दहशत में बदल गई, जब घर के अंदर और बाहर एक के बाद एक 18 जहरीले सांप के बच्चे नजर आने लगे. कोबरा प्रजाति के इन बच्चों को देखकर घर के सभी सदस्य बाहर भाग खड़े हुए और तुरंत स्नेक कैचर को बुलाया गया.
बाथरूम में दिखा पहला कोबरा, फिर मिलते चले गए और सांप
यह घटना गोंडा जिले की इटियाथोक कोतवाली क्षेत्र के नारे महरीपुर गांव की है. गांव निवासी मोहम्मद इरफान सुबह सोकर उठे और नहाने के लिए बाहर निकले. नहाकर जब वह वापस अंदर पहुंचे, तो वहां दो बेबी कोबरा बैठे नजर आए. यह देखते ही वह डर के मारे बाहर की ओर भागे. लेकिन बाहर निकलते ही घर के बाहर भी तीन और बेबी कोबरा दिखाई दे गए. इसके बाद परिवार ने पूरे घर की तलाशी लेनी शुरू की, तो अलग-अलग कोनों में और भी सांप निकलते चले गए. यह नजारा देखकर घर के सभी सदस्य दहशत में आ गए और तुरंत घर से बाहर निकल आए.
चार घंटे की मशक्कत के बाद पूरा हुआ रेस्क्यू
घबराए परिवार ने बिना देर किए स्नेक कैचर अरुण गोस्वामी, जिन्हें बाबा के नाम से भी जाना जाता है, को इसकी सूचना दी. सूचना मिलने के करीब चार घंटे बाद अरुण गोस्वामी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. इसके बाद टीम ने बेहद सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया. घर के अलग-अलग हिस्सों से एक-एक करके तलाशी लेते हुए टीम ने घंटों की मेहनत के बाद कुल 18 बेबी कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाला. इस दौरान किसी भी सांप या इंसान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. रेस्क्यू के बाद सभी सांपों को पास के जंगल में छोड़ दिया गया.
स्नेक कैचर ने लोगों से की यह अपील
अरुण गोस्वामी ने बताया कि सभी 18 कोबरा के बच्चों को पूरी तरह सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया और उन्हें बिना किसी क्षति के जंगल में छोड़ दिया गया. उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर घर में कहीं भी सांप दिखाई दे, तो घबराने या उसे मारने की कोशिश करने के बजाय तुरंत प्रशिक्षित स्नेक कैचर या वन विभाग को इसकी सूचना दें. उनका कहना है कि सांप को मारने की कोशिश करने से इंसान और सांप दोनों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है, जबकि सही समय पर सूचना देने से दोनों की जान सुरक्षित बच सकती है.
गांव में दिनभर रही चर्चा, परिवार ने ली राहत की सांस
एक ही घर से 18 कोबरा के बच्चे निकलने की खबर पूरे गांव में फैलते ही यह घटना दिनभर चर्चा का विषय बनी रही. गांव के लोग रेस्क्यू अभियान के दौरान मौके पर जुटे रहे और पूरी प्रक्रिया को देखते रहे. सभी सांपों के सुरक्षित रेस्क्यू और जंगल में छोड़े जाने के बाद मोहम्मद इरफान और उनके परिवार ने राहत की सांस ली. घंटों तक डर के साये में रहने के बाद परिवार को यह जानकर सुकून मिला कि अब घर में कोई खतरा नहीं बचा है.



















