महाराष्ट्र के गोंदिया जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां बदनामी के खौफ ने एक युवक को इस कदर संवेदनहीन बना दिया कि उसने जहरीले सांप के काटने से तड़प रही अपनी ही 21 वर्षीय प्रेमिका को अस्पताल ले जाने के बजाय सड़क किनारे बस स्टॉप पर असहाय छोड़ दिया। समय पर किसी भी प्रकार का चिकित्सीय इलाज न मिल पाने के कारण युवती ने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। गोंदिया ग्रामीण थाना पुलिस ने मामले की गहन पड़ताल के बाद आरोपी प्रेमी के खिलाफ घोर आपराधिक लापरवाही और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने आरोपी को एक दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया है।
झाड़ियों के पास सांप का डंक और प्रेमी की गंभीर लापरवाही
पुलिस जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात 5 जुलाई की रात 8:30 बजे से 11:50 बजे के बीच घटी। गोंदिया जिले की आमगांव तहसील के धामणगांव निवासी 21 वर्षीय युवती अपने 29 वर्षीय प्रेमी जागेश्वर उर्फ सोनू हेमराज पटले के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर जा रही थी। रास्ते में यात्रा के दौरान युवती ने झाड़ियों की तरफ लघुशंका (पेशाब) करने के लिए वाहन रुकवाया। जैसे ही वह झाड़ियों के पास पहुंची, वहां छिपे एक जहरीले सांप ने उसके पैर में काट लिया।
किसी भी सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित की जान बचाने के लिए तुरंत निकटतम अस्पताल पहुंचाना और एंटी-वेनम इंजेक्शन लगवाना प्राथमिक आवश्यकता होती है। लेकिन आरोपी प्रेमी जागेश्वर ने विवेक से काम लेने के स्थान पर गंभीर लापरवाही का परिचय दिया। उसने युवती को किसी नजदीकी चिकित्सा केंद्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की जगह तेजी से मोटरसाइकिल चलाकर उसे जल्दी से जल्दी उसके घर छोड़कर मामले को दबाने का प्रयास किया।
विष फैलने से बिगड़ी हालत और समाज में बदनामी का खौफ
मोटरसाइकिल से सफर जारी रखने के दौरान साहूकारटोली से ग्राम टांडा मार्ग पर स्थित अदासी बस स्टॉप के पास पहुंचते-पहुंचते सर्पविष का असर युवती के शरीर में काफी तेजी से फैल गया। जहर के प्रभाव से युवती को तीव्र चक्कर आने लगे, उसकी बोलने की क्षमता समाप्त हो गई और वह बाइक पर संतुलन बनाकर बैठने में भी पूरी तरह असमर्थ होने लगी।
अपनी प्रेमिका की ऐसी अत्यंत नाजुक और तड़पती हुई स्थिति देखकर आरोपी जागेश्वर अत्यधिक घबरा गया। उसके मन में यह डर बैठ गया कि यदि वह युवती को अस्पताल लेकर जाएगा तो डॉक्टर और पुलिस मामले की सूचना परिजनों को देंगे। इससे समाज में उनकी पोल खुल जाएगी और उनकी निजी प्रेम कहानी उजागर होने से उसकी भारी बदनामी होगी। सामाजिक प्रतिष्ठा गंवाने के इसी भय के कारण आरोपी ने इंसानियत को तार-तार करते हुए तड़पती हुई प्रेमिका को लावारिस हालत में अदासी बस स्टॉप पर ही छोड़ दिया।
सहायता देने के बजाय मोबाइल फोन छीना और मौके से फरार
आरोपी की निष्ठुरता का आलम यह था कि उसने तड़प रही युवती की किसी भी प्रकार से मदद करने या राहगीरों को बुलाने के बजाय उसका मोबाइल फोन भी अपने पास रख लिया ताकि वह किसी को कॉल न कर सके। इसके बाद उसने परिजनों को सूचित करने का झूठा नाटक किया और प्रेमिका को वहीं तड़पता छोड़कर खुद मौके से चंपत हो गया। इलाज में अत्यधिक देरी होने और शरीर में विष का प्रभाव अत्यधिक बढ़ जाने के कारण युवती ने बस स्टॉप पर ही दम तोड़ दिया।
घटना के शुरुआती चरण में मृतका के पिता द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर गोंदिया ग्रामीण पुलिस ने मर्ग क्र. 23/2026 धारा 194 बीएनएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के तहत आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। हालांकि, जांच अधिकारी ने जब घटना से जुड़ी तमाम कड़ियों और साक्ष्यों को आपस में जोड़ा, तो यह दिल दहला देने वाला सच उजागर हुआ कि युवती की मौत सिर्फ सर्पदंश से नहीं हुई थी, बल्कि प्रेमी द्वारा अस्पताल न ले जाने और समय पर इलाज न दिलाने की घोर आपराधिक लापरवाही की वजह से हुई थी।
अदालत ने आरोपी को 1 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजा
सच्चाई सामने आने के तुरंत बाद गोंदिया ग्रामीण थाना पुलिस ने आरोपी जागेश्वर उर्फ सोनू हेमराज पटले के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और आपराधिक लापरवाही की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को स्थानीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से अदालत ने मामले की अग्रिम तफ्तीश और साक्ष्य जुटाने के लिए आरोपी को 1 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) पर सौंपने का निर्देश जारी किया है। पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।



















