उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में बेतियाहाता इलाके की एक पानी की टंकी के परिसर में खड़े नगर निगम के कूड़ा उठाने वाले वाहन के भीतर उसके ही चालक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान गीडा थाना क्षेत्र के नौसड़ गांव निवासी 21 वर्षीय मुकेश पासवान के रूप में हुई है। मुकेश गोरखपुर नगर निगम की आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत शहर से कूड़ा उठाने वाले वाहन का चालक था और रोजाना तय रूट पर गाड़ी लेकर निकलता था।
ड्राइविंग सीट पर पेड़ की रस्सी से लटका मिला शव
बुधवार को मुकेश की ड्यूटी वाली कूड़ा गाड़ी बेतियाहाता स्थित पानी की टंकी परिसर में खड़ी देखी गई, जबकि तय समय पर उसे शहर के रूट पर निकलना था। पास से गुजर रहे लोगों की नजर जब गाड़ी के भीतर पड़ी तो पता चला कि मुकेश का शव ड्राइविंग सीट पर ही एक पेड़ से बंधी रस्सी के फंदे से लटका हुआ है। नजारा देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए और उन्होंने बिना देर किए इसकी सूचना डायल-112 पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, इलाके को घेरे में लेकर छानबीन शुरू की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस टीम ने गाड़ी के अंदर और आसपास के इलाके में सबूत जुटाने के लिए बारीकी से मुआयना भी किया।
दो महीने पहले ही दूसरी जाति में की थी प्रेम विवाह
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुकेश ने करीब 2 महीने पहले दूसरे समुदाय की एक युवती से प्रेम विवाह किया था। यह शादी दोनों पक्षों के परिवारों को मंजूर नहीं थी और दोनों तरफ से इसका खुलकर विरोध हुआ था। घर वालों की नाराजगी के बाद मुकेश और उसकी पत्नी गांव छोड़कर शहर आ गए थे, जहां वे किराए के मकान में रहकर नई जिंदगी शुरू कर रहे थे। घटना की खबर मिलते ही मुकेश की पत्नी भी मौके पर पहुंची, लेकिन पति का शव गाड़ी में लटका देखकर वह बेसुध हो गई और उसे संभालने में स्थानीय लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस अब मुकेश की पत्नी से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि शादी के बाद दोनों परिवारों में से किसी तरफ से कोई धमकी मिली थी या हाल के दिनों में उनके बीच कोई विवाद हुआ था। पुलिस अफसरों का कहना है कि मौके के हालात देखकर प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लगता है, लेकिन एहतियातन घटनास्थल से जुड़े हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है ताकि कोई भी सुराग नजरअंदाज न हो।
पिता बोले, कहीं और हत्या कर शव कूड़ा गाड़ी में रखा गया
वहीं मुकेश के पिता मनोज पासवान ने पूरे मामले को लेकर अलग ही आशंका जताई है। उनका दावा है कि उनके बेटे की हत्या किसी और जगह की गई और बाद में शव को लाकर कूड़ा वाहन की ड्राइविंग सीट पर बिठा दिया गया, ताकि इसे आत्महत्या जैसा दिखाया जा सके। परिजनों ने मुकेश की गर्दन के आसपास मिले निशानों का हवाला देते हुए आशंका जताई कि मौत से पहले शायद उसका गला घोंटा गया था और उसके बाद ही घटनास्थल को इस तरह सजाया गया कि यह खुदकुशी जैसी दिखे। कैंट थाने के थानाध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ-साथ जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी। पुलिस फिलहाल आत्महत्या और हत्या, दोनों आशंकाओं को ध्यान में रखकर मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है, जिसमें फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम भूमिका निभाएगी।
परिवार और पुलिस के सामने अब भी कई सवाल
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि अलग-अलग जाति या समुदाय में शादी करने वाले जोड़ों को परिवार और समाज के विरोध के बीच किस तरह के हालात का सामना करना पड़ता है। मुकेश और उसकी पत्नी भी घर से अलग होकर शहर में नई शुरुआत कर रहे थे, लेकिन दो महीने के भीतर ही यह हादसा उनकी जिंदगी में हो गया। परिवार का कहना है कि जब तक हकीकत सामने नहीं आती, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे और मामले को लेकर आगे भी दबाव बनाते रहेंगे। फिलहाल पूरा मामला पुलिस जांच पर टिका है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मुकेश की मौत आत्महत्या थी या हत्या।











