अयोध्या में भगवान राम की भव्य नगरी में बने राम मंदिर को अब अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO मिलने जा रहा है, और इस पद के लिए आवेदकों की भारी होड़ मच गई है। तीन सदस्यीय चयन समिति ने CEO पद के लिए जो ई-मेल आईडी जारी की थी, उस पर मंगलवार देर रात तक एक हजार से ज्यादा आवेदन पहुंच चुके थे। आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 18 जुलाई शाम 4 बजे तय की गई है, इसलिए तय समय सीमा तक आवेदकों की संख्या कई हजार तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। मंदिर के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी को यह जिम्मेदारी दी जाएगी, इसलिए इस पूरी प्रक्रिया पर देशभर की नजर टिकी है।
चढ़ावा चोरी के बाद ट्रस्ट ने लिया बड़ा फैसला
दरअसल कुछ समय पहले राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना सामने आने के बाद खासा हड़कंप मच गया था। इसी के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने एक अहम बैठक बुलाई, जिसमें मंदिर के प्रबंधन को और पारदर्शी बनाने पर चर्चा हुई। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा को न्यास से बाहर करने का फैसला लिया गया, और साथ ही तय हुआ कि मंदिर की पूरी व्यवस्था संभालने के लिए एक पेशेवर CEO नियुक्त किया जाएगा।
चयन समिति में कौन-कौन शामिल
CEO के चयन के लिए ट्रस्ट ने तीन सदस्यों की एक खास समिति बनाई है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और शिर्डी साईं बाबा धाम का लंबे समय तक प्रबंधन देख चुके सुरेश हावरे शामिल हैं। यही समिति आवेदनों की जांच से लेकर अंतिम चयन तक पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी।
छंटनी, इंटरव्यू और नियुक्ति की पूरी टाइमलाइन
सोमवार को भर्ती का नोटिफिकेशन जारी हुआ था और उसके 24 घंटे के भीतर ही 750 से ज्यादा आवेदन आ चुके थे। यह संख्या अब बढ़कर करीब एक हजार तक पहुंच गई है। चूंकि आवेदन की आखिरी तारीख 18 जुलाई शाम 4 बजे है, इसलिए विशेषज्ञों को उम्मीद है कि कुल आवेदकों की संख्या कई हजार तक जा सकती है। इसके बाद 19 जुलाई को चयन समिति तय पात्रता मानकों के आधार पर सभी आवेदनों की छंटनी करेगी। छंटनी में पात्र पाए गए उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन इंटरव्यू का शेड्यूल तय किया जाएगा। इंटरव्यू पूरे होने के बाद समिति किसी एक पात्र उम्मीदवार को चुनकर उसे राम मंदिर के प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी सौंप देगी।











