अयोध्या के रुदौली इलाके में झाड़ियों से मिले एक अज्ञात शव की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ऐसे नतीजे तक पहुंची, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। जांच में सामने आया कि मृतक की हत्या किसी अजनबी ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी पत्नी ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर जमीन हड़पने की नीयत से की थी। मामला उजागर होते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
झाड़ियों में मिला था अज्ञात शव
यह वारदात रुदौली कोतवाली क्षेत्र के कूढ़ा-सादात लिंक मार्ग की है। कुछ दिन पहले यहां सड़क किनारे झाड़ियों में एक व्यक्ति का शव पड़ा मिला था। शुरुआत में शव की शिनाख्त नहीं हो पाई, जिसके चलते पुलिस के सामने पहली चुनौती यही थी कि आखिर मरने वाला कौन है। पुलिस टीम ने CCTV फुटेज खंगालने के साथ साथ मोबाइल लोकेशन और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस जैसे तकनीकी तरीकों का सहारा लिया। इसी मेहनत का नतीजा रहा कि शव की पहचान बाराबंकी निवासी 48 साल के देवेन्द्र कुमार वर्मा के रूप में हो सकी।
पत्नी और कथित प्रेमी ने रची पूरी साजिश
पहचान होने के बाद पुलिस ने देवेन्द्र की आखिरी गतिविधियों को खंगालना शुरू किया, तो शक की सुई सीधे उनकी पत्नी शुभांगिनी और उसके कथित प्रेमी विपिन वर्मा पर जा टिकी। पुलिस के मुताबिक इन दोनों ने पहले से ही देवेन्द्र को रास्ते से हटाने की योजना बना रखी थी। आरोप है कि 11 जुलाई को शुभांगिनी ने अपने पति को अयोध्या घुमाने के बहाने अपने पास बुलाया। इसके बाद दोनों आरोपी उन्हें एक सुनसान जगह पर ले गए, जहां हथौड़ी से लगातार वार कर उनकी मौके पर ही जान ले ली गई। पुलिस का कहना है कि इस पूरी वारदात के पीछे मकसद जमीन पर कब्जा करना था।
पहचान छुपाने के लिए झाड़ियों में फेंका शव
हत्या के बाद आरोपियों ने बड़ी चालाकी दिखाते हुए शव को झाड़ियों में फेंक दिया, ताकि कोई उसकी पहचान न कर पाए और यह मामला किसी अज्ञात व्यक्ति की मौत के तौर पर दर्ज होकर दब जाए। हालांकि उनकी यह योजना ज्यादा दिन नहीं चल पाई। घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों और तकनीकी जांच ने उनकी पूरी चाल को बेनकाब कर दिया।
पूछताछ में खुला राज, हथौड़ी भी बरामद
सबूत हाथ लगते ही रुदौली पुलिस ने शुभांगिनी और विपिन वर्मा को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी और सबूतों के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई हथौड़ी भी बरामद कर ली, जिसे इस पूरे मामले का सबसे अहम सबूत माना जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की निगरानी में हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर के निर्देशन में हुई, जिसे पुलिस विभाग ने बड़ी सफलता बताया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़ी सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और जांच के दौरान जो भी नए पहलू सामने आएंगे, उनकी गहनता से पड़ताल की जाएगी।











