उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित स्वरूप नगर इलाके में देर रात एक रेस्तरां के भीतर उस वक्त भारी तनाव फैल गया, जब ग्राहकों की हुक्का पीने की मांग पूरी नहीं हो सकी। हुक्का उपलब्ध कराने से मना करने पर कार सवार युवकों ने कर्मचारियों के साथ तीखी नोकझोंक शुरू की, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। इस घटना के दौरान रेस्तरां कर्मचारियों को पीटा गया, उनके कपड़े फाड़ दिए गए और वहां मौजूद युवतियों पर भद्दी टिप्पणियां की गईं। सुरक्षा कैमरे में कैद हुए इस बवाल की जांच के बाद विभाग ने दो आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
हुक्का परोसने से मना करने पर शुरू हुआ विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार देर रात लगभग 2:30 बजे चार युवक एक कार में सवार होकर स्वरूप नगर के टर्नऑन रेस्तरां पहुंचे थे। वहां पहुंचते ही उन्होंने स्टाफ से हुक्का परोसने को कहा। जब रेस्तरां कर्मियों ने नियमों या उपलब्धता के चलते हुक्का देने से साफ इनकार कर दिया, तो युवक भड़क उठे और गाली-गलौज करने लगे। बात इतनी बढ़ गई कि चारों ने मिलकर कर्मचारियों को मारना-पीटना शुरू कर दिया।
रेस्तरां के अंदर शुरू हुई यह हाथापाई कुछ ही पलों में सड़क तक आ पहुंची। आक्रोशित युवकों ने कर्मचारियों के कपड़े तक फाड़ डाले। यह पूरा हंगामा रात 2:30 बजे से लेकर 3:00 बजे तक करीब आधे घंटे तक चलता रहा। सड़क पर मचे इस उपद्रव को देखकर आसपास मौजूद राहगीरों और लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया, जिससे घटना का फुटेज सोशल मीडिया पर भी फैल गया।
युवतियों पर अभद्र फब्तियां कसने का आरोप
हंगामे के दौरान ही कुछ युवतियां रेस्तरां में अपना छूटा हुआ मोबाइल फोन वापस लेने पहुंची थीं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उपद्रव कर रहे युवकों ने उन युवतियों को देखकर अशोभनीय और आपत्तिजनक फब्तियां कसीं। इस अशोभनीय व्यवहार के बाद मौके पर अफरा-तफरी और डर का माहौल गहरा गया। रेस्तरां परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में यह पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हो गया, जिसके आधार पर अब आरोपों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
दरोगा और सिपाही की संलिप्तता आई सामने
उपद्रव करने वाले चारों लोगों में से दो की पहचान पुलिसकर्मियों के रूप में हुई है। इनमें से एक दरोगा सेंट्रल जोन के एक थाने में तैनात है, जबकि दूसरा एसीपी घाटमपुर कृष्णकांत का हमराही बताया गया है। उनके साथ दो अन्य अज्ञात साथी भी थे। चश्मदीदों के मुताबिक, जब विवाद गहराया तो एसीपी के हमराही ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए फोन करके स्वरूप नगर चौकी प्रभारी और थाने की पुलिस को मौके पर बुलाने की कोशिश की थी। हालांकि, स्थानीय पुलिस बल के पहुंचने से पहले ही चारों युवक मौके से फरार हो गए।
जांच के बाद दो पुलिसकर्मी किए गए निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने तुरंत संज्ञान लिया और इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच एसीपी स्वरूप नगर ज्योति श्री को सौंप दी। अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए थे कि अगर जांच में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
कमिश्नरेट कानपुर नगर की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, स्वरूप नगर रेस्तरां विवाद में दोनों पुलिसकर्मियों को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। संबंधित पुलिस उपायुक्त ने तुरंत प्रभाव से दोनों को निलंबित कर दिया है। इस मामले में आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जा रही है, जिससे वर्दी की साख को नुकसान पहुंचाने वाले आचरण पर कड़ा संदेश दिया जा सके।


















