ट्रिपलआईटी जबलपुर से निकलीं समृद्धि शर्मा कैसे बनीं गूगल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर, जानिए उनकी कामयाबी का मंत्रधौलपुर के बीहड़ों में स्थित बुढ़वा माता मंदिर, जहां कभी सिर झुकाते थे चंबल के बागीअस्पतालों में इलाज के रेट सार्वजनिक करना अनिवार्य, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों को भेजी चिट्ठीवोटर लिस्ट विवाद में नए फॉर्म-6 पर सुप्रीम कोर्ट की स्थिति स्पष्ट, चुनाव आयोग और वकीलों को दी चेतावनीखोराबीसल में गैल्वनाइजिंग यूनिट से चार लाख की जिंक सिल्ली चोरी करने वाला ठेकेदार गिरफ्तारकरौली में मदन मोहन जी के आंगन की 250 साल पुरानी सांझी कला पर मंडराया संकट, कलाकारों ने जताई चिंताराजस्थान के हिण्डौन सिटी में तालाब से कपड़ा कारोबारी चंदू पटवारी का शव बरामद, जांच में जुटी पुलिसकॉर्पोरेट कमाई की मजबूती ने रोकी बॉन्ड यील्ड की चुनौती, वैश्विक बाजारों में करेंसी और सोने में हलचलत्योहारी मांग से शंकरपुरा चमेली के भाव में जोरदार उछाल, 15 दिनों में पांच गुना से ज्यादा बढ़ी कीमतघर पर तैयार करें तीखा और चटपटा आंवले का अचार, खाने का स्वाद दोगुना कर देगी यह आसान विधि
आजमगढ़ में बेसहारा बच्चों की शिक्षा और देखभाल के लिए हर महीने 2500 रुपये की सरकारी मददउत्तर प्रदेश
12 अक्तू॰ 2026, 2:28 pm (3 घंटे पहले)· 0

आजमगढ़ में बेसहारा बच्चों की शिक्षा और देखभाल के लिए हर महीने 2500 रुपये की सरकारी मदद

उत्तर प्रदेश सरकार की बाल सेवा योजना के तहत आजमगढ़ में अभिभावक खो चुके करीब 400 बच्चों को प्रतिमाह वित्तीय सहायता दी जा रही है।

माता-पिता का साया छिन जाने के बाद संकट से जूझ रहे बच्चों की पढ़ाई और परवरिश को निरंतर बनाए रखने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार एक विशेष कल्याणकारी कार्यक्रम चला रही है। इस पहल के अंतर्गत आजमगढ़ जिले में लगभग 400 जरूरतमंद बच्चों को नियमित आर्थिक संबल उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि संसाधनों के अभाव में उनका शैक्षणिक सफर अधूरा न रहे। जिला प्रोबेशन विभाग के जरिए लागू की जा रही यह व्यवस्था संकटग्रस्त परिवारों के बच्चों के दैनिक खर्चों और स्कूल की जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो रही है।

प्रति परिवार अधिकतम दो बच्चों को सहायता राशि

जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के अनुसार, इस योजना का प्रमुख लक्ष्य उन किशोरों और बच्चों की हिफाजत करना है जिनके माता या पिता की मृत्यु महामारी के कठिन दौर में हो गई थी। निर्धारित नियमों के तहत किसी भी एक परिवार से ज्यादा से ज्यादा दो बच्चों को इस वित्तीय मदद के दायरे में शामिल किया जा सकता है। अहर्ता पूरी करने वाले हर बच्चे को हर माह 2500 रुपये की निश्चित रकम प्रदान की जाती है। इस तय सहायता राशि की मदद से बच्चों की मासिक स्कूल फीस, अध्ययन सामग्री, ड्रेस और अन्य जरूरी आवश्यकताओं का प्रबंध बिना किसी वित्तीय रुकावट के संभव हो पाता है।

ये भी पढ़ें

डिजिटल माध्यम से घर बैठे करें पंजीकरण

इस कल्याणकारी कार्यक्रम का लाभ उठाने के लिए पूरी प्रणाली को पारदर्शी और ऑनलाइन रखा गया है, जिससे अभिभावकों या संरक्षकों को सरकारी दफ्तरों की दौड़-भाग न करनी पड़े। इच्छुक व्यक्ति अपने निवास स्थान से सीधे अथवा किसी नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाकर आधिकारिक वेब पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण पूरा कर सकते हैं। अधिकृत वेबसाइट mbsyup.in पर संबंधित विकल्प का चयन करके मांगी गई व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारियां दर्ज कर डिजिटल फॉर्म आसानी से जमा किया जा सकता है।

आवेदन के लिए अनिवार्य कागजी औपचारिकताएं

डिजिटल पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान आवेदकों को कई महत्वपूर्ण अभिलेख स्कैन करके अपलोड करने पड़ते हैं। इनमें माता-पिता का आधार कार्ड, आय से संबंधित प्रमाण पत्र, डिजिटल रूप से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र और संपर्क हेतु एक सक्रिय मोबाइल नंबर शामिल है। इसके अतिरिक्त आश्रित बच्चे का आधार कार्ड, प्राधिकृत स्तर से तैयार जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल का यू-डायस (UDISE) कोड दर्शाने वाला अध्ययन प्रमाण पत्र तथा बच्चे के बैंक खाते की पासबुक की प्रति भी अनिवार्य की गई है। फॉर्म के साथ वर्तमान संरक्षक के साथ बच्चे का एक संयुक्त फोटोग्राफ लगाना भी आवश्यक है।

सत्यापन प्रक्रिया और मासिक भुगतान का समय

पोर्टल पर डिजिटल फॉर्म जमा होने के उपरांत पूरी पत्रावली को परीक्षण के लिए ब्लॉक कार्यालय प्रेषित किया जाता है। ब्लॉक के प्रशासनिक कर्मचारी मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करते हैं और सभी कागजातों की प्रामाणिकता परखते हैं। क्षेत्रीय स्तर से संतुष्टि रिपोर्ट मुख्यालय को भेजे जाने के बाद सीधे बैंक खाते में सहायता राशि हस्तांतरित करने की कार्रवाई शुरू होती है। आवेदन जमा करने और जमीनी जांच मुकम्मल होने के करीब एक महीने के भीतर चयनित बच्चों के खाते में नियमित मासिक आर्थिक सहायता आनी शुरू हो जाती है। किसी भी प्रकार की तकनीकी अड़चन अथवा संशय की स्थिति में आवेदक सीधे जिला प्रोबेशन कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर सकते हैं।

सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के तहत कितनी मासिक सहायता मिलती है?
इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र बच्चे को प्रति माह 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
एक परिवार से कितने बच्चों को इस योजना का लाभ मिल सकता है?
नियमों के मुताबिक एक परिवार के अधिकतम दो बच्चों को इस सहायता का लाभ मिल सकता है।
आजमगढ़ में अब तक कितने बच्चों को इस योजना से जोड़ा गया है?
आजमगढ़ जिले में वर्तमान समय तक लगभग 400 बच्चों को इस वित्तीय सहायता से जोड़ा जा चुका है।
योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किस पोर्टल पर किया जा सकता है?
इच्छुक आवेदक विभागीय वेबसाइट mbsyup.in पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन भर सकते हैं।
आवेदन के बाद सत्यापन होने और पैसा मिलने में कितना समय लगता है?
ऑनलाइन आवेदन और ब्लॉक स्तर पर सत्यापन पूरा होने के करीब एक महीने के भीतर मासिक राशि मिलनी शुरू हो जाती है।
आवेदन करते समय कौन से प्रमुख दस्तावेज आवश्यक हैं?
माता-पिता का आधार, आय प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, बच्चे का आधार, जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल का यू-डायस अध्ययन प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और संयुक्त फोटो जरूरी हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·1 घंटे पहले

सिर्फ़ दो बच्चों की सीमा थोड़ा अजीब लगी। अगर किसी परिवार में तीन या चार बच्चे बेसहारा हो गए हों, तो बाकी सबको छोड़ देना कहाँ का न्याय है?

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

अभिभावकों को खो चुके बच्चों के लिए ढाई हजार रुपये महीने की यह मदद बहुत जरूरी सहारा है। कम से कम इनकी पढ़ाई बिना पैसों की रुकावट के चलती रहेगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 घंटे पहले

रविकेश जी, बात बिल्कुल सही है। बस यह जानना है कि ब्लॉक स्तर पर होने वाले इस भौतिक सत्यापन में आमतौर पर कितना समय लग जाता है?

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

अथॉरिटीज़ को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस मदद का पैसा सीधे बच्चों के पास पहुंचे और कोई बीच में हेराफेरी न हो।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

करण भाई, डिजिटल ट्रांसफर से वैसे भी बीच के लोग हट जाते हैं, पर ब्लॉक स्तर पर कागजों की जांच पारदर्शी होना बहुत जरूरी है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp