उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में 31 अगस्त को हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए फरार आरोपी मोहम्मद आदिल को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पिपरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत कमालपुर बरेठी नहर पुलिया के पास पुलिस ने आरोपी की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सटीक घेराबंदी की थी। पुलिस से घिरता देख आरोपी मोहम्मद आदिल ने टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत दबोच लिया गया। घायल आरोपी को पुलिस कस्टडी में इलाज के लिए कौशांबी के जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है।
नहर पुलिया के पास घेराबंदी और गोलीबारी की घटना
कौशांबी में हुए पटाखा फैक्ट्री धमाके के बाद से ही आरोपी मोहम्मद आदिल पुलिस को चकमा देकर लगातार फरार चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) सत्यनारायण प्रजापत के स्पष्ट निर्देशों पर आरोपी को पकड़ने के लिए चार अलग-अलग विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। ये टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थीं। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि मोहम्मद आदिल एक बाइक पर सवार होकर कमालपुर बरेठी नहर पुलिया की तरफ से गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में तुरंत मोर्चा संभाला और नाकाबंदी कर दी। जैसे ही बाइक सवार वहां पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया। खुद को घिरता देख आदिल ने गिरफ्तारी से बचने के इरादे से पुलिसकर्मियों पर सीधे गोलियां चला दीं। पुलिस की ओर से आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी गोलीबारी में दो गोलियां आदिल के दोनों पैरों में जा लगीं और वह वहीं गिर पड़ा। इस दौरान बाइक चला रहा दूसरा युवक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस की टीमें अब फरार युवक की तलाश में संभावित रास्तों पर सघन सर्च अभियान चला रही हैं।
मुख्य आरोपी पिता नौशाद समेत अन्य सहयोगियों की पहले ही हो चुकी है गिरफ्तारी
कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में पुलिस की यह कोई पहली मुठभेड़ नहीं है। इससे पहले पुलिस ने मोहम्मद आदिल के पिता और इस पूरे हादसे के मुख्य आरोपी नौशाद को भी एक पुलिस एनकाउंटर के दौरान ही गिरफ्तार किया था। इस मामले की व्यापक जांच के दौरान पुलिस अब तक शबाना और शाइना नाम की दो अन्य महिलाओं को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है। 31 अगस्त के हादसे के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने अवैध पटाखा कारोबारियों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है। आरोपी आदिल और उसके परिवार से जुड़े कई अवैध आतिशबाजी विनिर्माण इकाइयों तथा पटाखा फैक्ट्रियों पर पुलिस-प्रशासन द्वारा लगातार बुलडोजर और सीलिंग की कार्रवाई की गई है।
अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई और नेटवर्क की विस्तृत जांच
प्रशासनिक कार्रवाई के तहत करोड़ों रुपये मूल्य की अवैध इमारतों, ढांचों और बिना अनुमति चलाए जा रहे अवैध पटाखा भंडारों को ध्वस्त कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध रूप से बारूद और पटाखों का भंडारण करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल जिला अस्पताल में भर्ती घायल आरोपी मोहम्मद आदिल से पुलिस अधिकारियों द्वारा गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोट वाली फैक्ट्री में बारूद कहां से लाया गया था और इस पूरे अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिस पटाखा फैक्ट्री विस्फोट से जुड़े पूरे नेटवर्क तथा आदिल को पनाह देने वाले मददगारों की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है।



















