उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक बड़े हादसे की जानकारी सामने आई है, जहां पिपरी और पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र की सीमा के पास स्थित एक पटाखा गोदाम में भीषण विस्फोट हुआ है। इस भयंकर धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि इसके आसपास बने कई मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर ढह गए हैं। शुरुआती जानकारियों के अनुसार इस दुर्घटना में चार से अधिक लोगों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासनिक स्तर पर अभी तक मृतकों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कई टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई हैं और युद्धस्तर पर राहत तथा बचाव कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है।
सोमवार सुबह हुआ भयानक धमाका
यह दर्दनाक घटना सोमवार सुबह करीब 11 बजे की है जब पटाखा गोदाम में अचानक तेज विस्फोट हुआ जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि पिपरी और पूरामुफ्ती थाना क्षेत्रों की सीमा पर आदित्य के नाम से संचालित इस गोदाम में हुए इस धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। विस्फोट का दायरा इतना बड़ा था कि इसकी चपेट में आकर आसपास के कई रिहायशी मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए। सुबह के वक्त अचानक हुए इस हादसे से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।
युद्धस्तर पर चल रहा बचाव अभियान
धमाके के तुरंत बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ फौरन मौके पर पहुंचे। राहत एवं बचाव दल मलबे में किसी के फंसे होने की आशंका के चलते तेजी से सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। हालांकि चार से ज्यादा लोगों के हताहत होने की सूचना मिल रही है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने के बाद ही घायलों और मृतकों का सटीक आंकड़ा साझा किया जा सकेगा। सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया
फिलहाल पुलिस और जिला प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को तुरंत चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराना है। अधिकारी इस बात की भी गहनता से जांच कर रहे हैं कि आखिर यह धमाका किस वजह से हुआ और इस गोदाम के भीतर नियमों को ताक पर रखकर कितनी मात्रा में विस्फोटक सामग्री या पटाखे स्टोर किए गए थे। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जैसे-जैसे खोजबीन और जांच से जुड़ी नई जानकारियां सामने आएंगी, आधिकारिक रूप से अपडेट साझा किए जाएंगे।
कासगंज में भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
कौशांबी की इस घटना से पहले उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में भी एक पटाखा फैक्ट्री में आग लगने की दुर्घटना सामने आ चुकी है। वह हादसा नगला पटिया गांव के नजदीक हुआ था, जिसमें फैक्ट्री के भीतर काम कर रहे चार मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे। उन घायलों की पहचान रेहान (19), मोनू (21), सुनील (18) और अजय (22) के तौर पर की गई थी। उस मामले में पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने जानकारी दी थी कि किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई थी और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में थी।



















