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महाराष्ट्र के वैजापुर में दूषित स्नैक से बच्चा बीमार, कार्रवाई न होने पर फूटा लोगों का गुस्सा, एफडीए अधिकारी को घेरामहाराष्ट्र
29 अग॰ 2026, 12:38 pm (1 घंटे पहले)· 3

महाराष्ट्र के वैजापुर में दूषित स्नैक से बच्चा बीमार, कार्रवाई न होने पर फूटा लोगों का गुस्सा, एफडीए अधिकारी को घेरा

छत्रपति संभाजीनगर के वैजापुर में दो साल के बच्चे के बीमार पड़ने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी को नागरिकों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने अधिकारी पर ढिलाई का आरोप लगाते हुए एक्सपायरी बिस्किट खिलाने का प्रयास किया।

महाराष्ट्र राज्य के अंतर्गत छत्रपति संभाजीनगर जिले के वैजापुर क्षेत्र में दूषित खाद्य पदार्थ की बिक्री को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया। एक स्थानीय पान की दुकान से खरीदे गए खाद्य पदार्थ का सेवन करने के बाद दो साल के मासूम बच्चे की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इस घटना से गुस्साए नागरिकों ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के निरीक्षक को घेर लिया। मौके पर एकत्र हुए लोगों ने संबंधित अधिकारी पर दुकान संचालक के खिलाफ ढिलाई बरतने और मामला दबाने का गंभीर आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति इतनी अधिक तनावपूर्ण हो गई कि भीड़ में शामिल कुछ नागरिकों ने जब्त किए गए मियाद पार (एक्सपायरी) बिस्किट को अधिकारी के मुंह में ठूंसने की कोशिश की। इस घटना के कारण गंगापुर चौफुली मार्ग पर काफी समय तक अफरातफरी और जाम की स्थिति बनी रही।

दूषित खाद्य पदार्थ से बच्चे की बिगड़ी तबीयत

इस पूरे विवाद की शुरुआत वैजापुर शहर के लाडगांव रोड स्थित एक पान की दुकान से हुई। मिथुन बहिरट और दादासाहेब ठोंबरे नाम के दो व्यक्तियों ने उक्त दुकान से 'खट्टा-मीठा चूरा' नामक खाद्य सामग्री खरीदी थी। यह खाद्य पदार्थ घर लाकर दो साल के छोटे बच्चे को खाने के लिए दे दिया गया। इसे खाते ही बच्चे को अचानक तेज चक्कर आने लगे और उसकी शारीरिक हालत तेजी से बिगड़ने लगी। मासूम की बिगड़ती हालत को देखकर घबराए परिजनों ने बिना कोई समय गंवाए उसे नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। बच्चे का इलाज शुरू होने के बाद परिजनों और स्थानीय नागरिकों में मिलावटी व मियाद पार सामान बेचने वाले दुकानदारों के प्रति भारी रोष फैल गया।

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एफडीए की जांच और एक्सपायरी बिस्किट की जब्ती

बच्चे के अस्वस्थ होने के तुरंत बाद शिकायतकर्ताओं ने छत्रपति संभाजीनगर स्थित खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के कार्यालय में फोन करके पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही विभाग के एक अधिकारी तुरंत जांच प्रक्रिया के लिए वैजापुर में लाडगांव रोड स्थित संबंधित पान की दुकान पर पहुंचे। अधिकारी ने दुकान में रखे विभिन्न खाद्य सामग्रियों की तलाशी शुरू की। हालांकि जांच के दौरान वह विशिष्ट 'खट्टा-मीठा चूरा' मौके पर नहीं मिला जिसकी वजह से बच्चे की तबीयत बिगड़ी थी। इसके बावजूद गहन पड़ताल के दौरान दुकान के अंदर से कई ऐसे बिस्किट के पैकेट बरामद हुए जिनकी बिक्री की अंतिम तिथि (एक्सपायरी डेट) काफी समय पहले ही समाप्त हो चुकी थी। निरीक्षक ने नियमानुसार उन एक्सपायरी बिस्किटों को जब्त कर लिया।

लेन-देन का आरोप और गंगापुर चौफुली पर घेराव

जांच की कार्रवाई पूरी होने के बाद शिकायतकर्ताओं ने दुकानदार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। लोगों का कहना था कि पान दुकान संचालक ने असली दूषित माल को छिपा दिया और जांच अधिकारी को केवल वैध अवधि वाले सामान दिखाए। इसके साथ ही आक्रोशित नागरिकों ने यह आरोप भी लगाया कि अधिकारी ने दुकानदार से कथित तौर पर अनैतिक लेन-देन करके उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के बजाय मामले को हल्का बना दिया। जब अधिकारी अपनी प्राथमिक जांच समाप्त करके वापस लौटने लगे, तो स्थानीय लोगों ने उनका पीछा किया और वैजापुर शहर के समीप गंगापुर चौफुली पर उनका वाहन रोक लिया। देखते ही देखते मौके पर सौ से भी अधिक लोगों की भीड़ एकत्र हो गई।

अधिकारी को एक्सपायरी बिस्किट खिलाने का प्रयास

गंगापुर चौफुली पर जमा हुए नागरिकों ने अधिकारी को चारों तरफ से घेर लिया और उस पर सवालों की बौछार कर दी। लोग लगातार यह पूछ रहे थे कि मियाद पार हो चुके खाद्य पदार्थ बेचने वाले दुकानदार के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। नागरिकों के हाथ में दुकान से जब्त किए गए वही एक्सपायरी बिस्किट के पैकेट थे। गुस्से से भरे लोगों ने उस अधिकारी को वही बिस्किट जबरन खिलाने का प्रयास किया। उग्र भीड़ में मौजूद लोगों का कहना था कि जब जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी दूषित सामान बेचने वालों पर कार्रवाई करने से पीछे हट रहे हैं, तो उन्हें खुद यह मियाद पार चीज खाकर देखना चाहिए कि इसे खाने वाले पर क्या बीतती है।

प्रशासनिक हस्तक्षेप और यातायात व्यवस्था बहाल

इस अप्रत्याशित विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी के कारण गंगापुर चौफुली पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया, जिससे मुख्य सड़क पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस तंत्र तुरंत हरकत में आया। सूचना मिलते ही प्रशिक्षु उपविभागीय अधिकारी विनय सोनवणे अपने पुलिस दल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने उग्र भीड़ के बीच जाकर नागरिकों को शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाया कि सड़क जाम करने या कानून हाथ में लेने के बजाय उन्हें पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज करानी चाहिए। पुलिस की समझाइश और सख्त रुख के बाद भीड़ धीरे-धीरे छंट गई और यातायात सामान्य हो सका। फिलहाल जब्त खाद्य पदार्थों के नमूनों की आधिकारिक जांच और कथित लेन-देन के दावों की पड़ताल जारी है।

सवाल-जवाब

वैजापुर में हंगामा किस बात को लेकर हुआ?
एक पान की दुकान से खरीदे गए खाद्य पदार्थ को खाकर दो साल के बच्चे की तबीयत बिगड़ने और मियाद पार बिस्किट बेचने वाले दुकानदार पर सख्त कार्रवाई न होने से नाराज लोगों ने हंगामा किया।
क्या एफडीए अधिकारी को बिस्किट खिलाने की कोशिश की गई?
हां, आक्रोशित नागरिकों ने गंगापुर चौफुली पर एफडीए अधिकारी का घेराव कर दुकान से जब्त किए गए एक्सपायरी बिस्किट जबरन खिलाने का प्रयास किया।
बच्चे की स्थिति अब कैसी है?
तबीयत बिगड़ने के तुरंत बाद परिजनों ने बच्चे को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया था।
प्रशासन ने स्थिति को कैसे नियंत्रित किया?
प्रशिक्षु उपविभागीय अधिकारी विनय सोनवणे और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और कानूनी शिकायत दर्ज कराने का आग्रह कर यातायात बहाल कराया।
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