पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में बारिश की शुरुआत के साथ ही आवासीय इलाकों में सांप और अजगर निकलने की घटनाओं में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर घनी आबादी वाले शहरी इलाकों तक रेंगने वाले जीवों की हलचल बढ़ने से स्थानीय निवासियों में डर का माहौल बना हुआ है। मानसून के दौरान प्राकृतिक बिलों में पानी भर जाने के कारण यह जीव सूखे और सुरक्षित स्थानों की तलाश में घरों के आसपास पहुंच रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने आम नागरिकों से घबराने की बजाय तुरंत सूचना देने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
तुरंत वन विभाग को दें सूचना और बनाएं उचित दूरी
प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) वंदना फोगाट ने स्थानीय निवासियों से अपील करते हुए कहा है कि यदि घरों या आसपास के परिसर में कोई सांप अथवा अजगर दिखाई दे, तो बिना समय गंवाए वन विभाग की टीम को सूचित किया जाना चाहिए। सूचना मिलते ही प्रशिक्षित टीम मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाती है और जीव को सुरक्षित पकड़कर उसके प्राकृतिक वास में छोड़ देती है। वन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सांपों को छेड़ने या खुद पकड़ने का प्रयास बिल्कुल न करें। जब भी इन जीवों को खतरा महसूस होता है या उन्हें उकसाया जाता है, तो वे रक्षात्मक रूप से हमला कर देते हैं। इसलिए इनसे एक निश्चित दूरी बनाए रखना ही सुरक्षा की पहली शर्त है।
झाड़ फूंक के अंधविश्वास से बचें, अस्पताल में कराएं त्वरित इलाज
डीएफओ वंदना फोगाट और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सर्पदंश के मामलों में बढ़ते अंधविश्वास पर गहरी चिंता व्यक्त की है। अक्सर देखने में आता है कि सांप के काटने पर लोग मरीज को अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़ फूंक और तंत्र मंत्र के चक्कर में बहुमूल्य समय नष्ट कर देते हैं। समय पर डॉक्टरी इलाज न मिलने के कारण शरीर में जहर तेजी से फैलता चला जाता है, जो कई बार मरीज की जान ले लेता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लापरवाही ही अधिकांश मौतों का मुख्य कारण बनती है। यदि पीड़ित व्यक्ति को बिना देरी के निकटतम अस्पताल ले जाया जाए और एंटी वेनम का इंजेक्शन तथा प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए, तो उसकी जान आसानी से बचाई जा सकती है।
शहरी इलाकों में बढ़े अजगर के मामले, रहें विशेष सतर्क
मेरठ के कई प्रमुख रिहायशी और व्यापारिक क्षेत्रों में भी अजगर निकलने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। लालकुर्ती बाजार, जागृति विहार और गंगानगर जैसे घनी आबादी वाले स्थानों पर अजगर पाए जाने के बाद वन विभाग की टीम ने समय रहते उनका सुरक्षित रेस्क्यू किया है। हालांकि अजगर जहरीले नहीं होते हैं, लेकिन उनका शिकार करने और हमला करने का तरीका अन्य सांपों से बिल्कुल अलग होता है। वे अपने शिकार को तेजी से जकड़कर नुकसान पहुंचा सकते हैं। वन विभाग और डॉक्टरों ने संयुक्त रूप से सलाह दी है कि चाहे जीव जहरीला हो या नहीं, किसी भी स्थिति में सतर्कता बरतें और आपातकाल में स्वास्थ्य सेवाओं व प्रशासनिक हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करें।



















