देश के विशाल भूभाग पर मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले कई दिनों के लिए विभिन्न राज्यों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। 14 अगस्त से लेकर 19 अगस्त तक उत्तर, पूर्व, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही कई राज्यों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। प्रशासनिक स्तर पर लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने का परामर्श दिया गया है।
उत्तर भारत और मैदानी इलाकों का मौसम पूर्वानुमान
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित उत्तर भारत के मैदानी भागों में मानसून की गतिविधियां काफी तेज रहने वाली हैं। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 14 से 19 अगस्त की अवधि के दौरान लगातार भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के विस्तृत क्षेत्रों में 14 और 15 अगस्त को व्यापक स्तर पर वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। मैदानी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
उत्तर प्रदेश के संदर्भ में मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में 14 से 19 अगस्त के दौरान भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 से 17 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से 14 अगस्त को पूरे राज्य में आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली चमकने की तीव्र संभावना जताई गई है, जिसे ध्यान में रखते हुए खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश का संकट और अलर्ट
हिमालयी क्षेत्रों और पर्वतीय राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि का जोखिम बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उनके आसपास के इलाकों में 14 से 19 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया गया है। पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 14 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। भारी वर्षा के कारण पहाड़ी रास्तों पर यातायात बाधित हो सकता है और निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की स्थिति
पश्चिम भारत के राजस्थान राज्य में मौसम के विविध रूप देखने को मिल रहे हैं। पूर्वी राजस्थान में 14 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज हो सकती है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में बारिश का दायरा सीमित रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान के चुनिंदा क्षेत्रों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले 48 घंटों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है।
मध्य भारत के राज्यों में भी मानसून पूरी तरह मेहरबान रहेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 14 अगस्त को तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में 15 और 16 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ-साथ तेज आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की बात कही गई है।
पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और ओडिशा का हाल
पूर्वी भारत के राज्यों में मानसून का प्रभाव काफी व्यापक रहेगा। बिहार में 14 अगस्त से एक बड़े भूभाग पर बारिश की गतिविधियां आरंभ होंगी, जो 14 से 17 अगस्त तक भारी वर्षा के रूप में जारी रह सकती हैं। झारखंड के भी विस्तृत इलाकों में वर्षा का पूर्वावलोकन है, जहां 14 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
तटीय राज्य ओडिशा में 14 अगस्त को अधिकांश स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। राज्य में यह भारी वर्षा का सिलसिला 16 अगस्त तक लगातार बना रह सकता है, जिससे तटीय और निचले मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने का खतरा है।
पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों का मौसम
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के बड़े हिस्से में 14 अगस्त को भारी वर्षा होने की संभावना है। दूसरी ओर, गंगा के मैदानी इलाकों से सटे पश्चिम बंगाल के क्षेत्रों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आंधी आने और बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की गई है।
पूर्वोत्तर भारत के सभी सात राज्यों में मानसूनी बारिश काफी उग्र रूप ले सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 अगस्त को व्यापक रूप से भारी वर्षा होने का अनुमान है। इस पूरे क्षेत्र में बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली चमकने और आंधी चलने की संभावना बनी हुई है।
महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान
पश्चिम-मध्य भारत के मध्य महाराष्ट्र में 14 अगस्त को भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है। हालांकि मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ के क्षेत्रों में केवल छिटपुट बारिश होने की संभावना है, जबकि गुजरात राज्य के अन्य हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां निरंतर जारी रहेंगी।
दक्षिण भारत की बात करें तो तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में 14 अगस्त को वर्षा का पूर्वावलोकन है। इसके साथ ही तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना, कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों और तमिलनाडु के विभिन्न स्थानों पर हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है।



















