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मेरठ में सनसनीखेज मर्डर केस: पति को मारकर सांप से कटवाने वाले रविता और अमरदीप को फांसी, अब बने कैदी नंबर 399 और 400उत्तर प्रदेश
17 अक्तू॰ 2026, 6:34 pm (1 घंटे पहले)· 0

मेरठ में सनसनीखेज मर्डर केस: पति को मारकर सांप से कटवाने वाले रविता और अमरदीप को फांसी, अब बने कैदी नंबर 399 और 400

मेरठ की एक अदालत ने पति की हत्या कर शव को सांप से कटवाने के जुर्म में रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है। सजा के बाद दोनों को जिला जेल में अलग-अलग बैरकों में रखा गया है, जहां उनकी रात बेचैनी में कटी।

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर की अदालत ने शुक्रवार को एक सनसनीखेज हत्याकांड में कड़ा फैसला सुनाते हुए रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मौत की सजा से दंडित किया है। इन दोनों ने मिलकर रविता के पति अमित कश्यप की बेरहमी से हत्या कर दी थी और इस जघन्य अपराध को प्राकृतिक मौत का रूप देने के लिए शव के पास एक जिंदा सांप छोड़ दिया था, ताकि सबको लगे कि उसकी मौत सर्पदंश से हुई है। अदालत का यह फैसला सामने आने के बाद दोनों दोषियों को मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला जेल भेज दिया गया है, जहां कानूनी प्रक्रियाओं के तहत उन्हें नए कैदी नंबर आवंटित किए गए हैं और कड़ी सुरक्षा के बीच अलग-अलग बैरकों में रखा गया है। जेल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, इन दोनों ने सजा मिलने के बाद अपनी पहली रात बेहद तनाव और बेचैनी के माहौल में बिताई है।

अदालत में फूट-फूट कर रोए दोषी

शुक्रवार को जब न्यायाधीश ने इस बहुचर्चित मामले में फैसला सुनाया, तो उस समय खचाखच भरी अदालत के भीतर माहौल काफी तनावपूर्ण और भावनात्मक हो गया। जैसे ही मौत की सजा का ऐलान हुआ, दोनों दोषी न्यायालय कक्ष में ही फफक-फफक कर रो पड़े। दूसरी ओर, अदालत कक्ष में मौजूद आम जनता और अन्य लोग न्यायपालिका के इस सख्त रुख के समर्थन में लगातार नारेबाजी कर रहे थे। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने मीडिया को जानकारी दी कि फैसला आने के बाद से जेल में इन दोनों से मिलने के लिए अभी तक कोई भी परिजन या परिचित नहीं पहुंचा है। जेल नियमावली के मुताबिक दोनों को विशेष निगरानी में रखा गया है।

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अलग बैरकों में कटेगी दोषियों की रातें

जेल अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक प्रविष्टि के अनुसार, रविता को जेल में कैदी नंबर 399/2026 दिया गया है और उसे महिला विंग की बैरक नंबर 12A के भीतर रखा गया है। वहीं दूसरी तरफ, उसके प्रेमी और सह-अपराधी अमरदीप को कैदी नंबर 400/2026 आवंटित किया गया है और उसे पुरुष बैरक नंबर 1A के अंदर भेजा गया है। गौर करने वाली बात यह है कि अमरदीप को उसी विशेष बैरक में ठहराया गया है जहां इसी हफ्ते मेरठ की एक अन्य अदालत द्वारा हत्या के एक दूसरे हाई-प्रोफाइल मामले में फांसी की सजा पाने वाला कैदी साहिल शुक्ला भी बंद है।

साहिल शुक्ला वाली बैरक में बंद हुआ अमरदीप

अमरदीप के साथ बैरक साझा कर रहा साहिल शुक्ला वही अपराधी है जिसे गत 14 अक्टूबर को मेरठ की अदालत ने एक बेहद क्रूर हत्याकांड में मौत की सजा सुनाई थी। उस चर्चित प्रकरण में मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने मिलकर मुस्कान के पति तथा मर्चेंट नेवी के अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी और क्रूरता की हदें पार करते हुए शव के टुकड़े करके उन्हें सीमेंट से भरे एक नीले ड्रम के अंदर ठिकाने लगा दिया था। अब उसी श्रेणी के एक अन्य सनसनीखेज मामले का दोषी अमरदीप भी उसी जेल परिसर में कड़ी सुरक्षा के दायरे में रखा गया है।

क्या था पूरा खौफनाक मामला

यह पूरा खौफनाक वाकया मेरठ के अकबरपुर सादात गांव से जुड़ा हुआ है, जहां मृतक अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप अपने घर में रहता था। बीते साल 13 अप्रैल को अमित अपने ही घर के भीतर एक खाट पर मृत अवस्था में पाया गया था और उसके शव के ठीक पास एक जिंदा सांप घूम रहा था, जिसे देखकर शुरुआत में परिवार के सभी सदस्यों और रिश्तेदारों को यही लगा कि उसकी मौत किसी जहरीले सांप के काटने से हुई है। हालांकि, पुलिस की गहरी छानबीन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पोस्टमार्टम के दौरान मृतक की गर्दन और नाक पर स्पष्ट चोट के निशान पाए गए, जिससे यह साबित हो गया कि उसकी मौत सांप के डंसने से नहीं बल्कि गला घोंटकर की गई थी। इस मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी मेरठ कोर्ट जज ने मनुस्मृति का हवाला दिया रिपोर्ट में देखी जा सकती है। इसके अलावा, एक अन्य दर्दनाक घटना का जिक्र बोकारो में पिस्तौल से बच्चे की मौत मामले में मिलता है।

सवाल-जवाब

रविता और अमरदीप को किस अदालत ने सजा सुनाई है?
मेरठ की एक अदालत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने यह सजा सुनाई है।
दोषियों को कौन से नए कैदी नंबर दिए गए हैं?
रविता को कैदी नंबर 399/2026 और अमरदीप को कैदी नंबर 400/2026 दिया गया है।
मृतक का नाम क्या था और वह कहां का रहने वाला था?
मृतक का नाम अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप था, जो मेरठ के अकबरपुर सादात गांव का रहने वाला था।
हत्या को किस तरह छुपाने की कोशिश की गई थी?
दोषियों ने गला घोंटने के बाद शव के पास एक जिंदा सांप छोड़ दिया था ताकि लगे कि मौत सांप के काटने से हुई है।
अमरदीप को किस बैरक में रखा गया है?
अमरदीप को बैरक नंबर 1A में रखा गया है, जहां इसी हफ्ते फांसी की सजा पाने वाला साहिल शुक्ला भी बंद है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·19 मिनट पहले

साप से कटवाने की बात कुछ गले उतरती नहीं। क्या सच में किसी को सांप से मरवाना इतना आसान है, या पुलिस ने कोई और पेंच सुलझाया नहीं ढंग से?

Arjun Mehta@arjun-mehta·39 मिनट पहले

सांप से कटवाकर मर्डर करने का आइडिया कहां से लाते हैं लोग? दिमाग सुन्न हो जाता है ये सब सुनकर।

Ravikash Gupta@ravikash·38 मिनट पहले

अर्जुन भाई, दिमाग सुन्न होना लाजिमी है, पर ऐसे मामलों में आइडिया फिल्मों से नहीं, अपराधियों की अपनी शातिर सोच से आते हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·59 मिनट पहले

ऐसी खौफनाक साजिशें देखकर रूह कांप जाती है। कानून ने बिल्कुल सही फैसला दिया है, ऐसे दरिंदों को कोई रियायत नहीं मिलनी चाहिए।

Karan Malhotra@karan-malhotra·58 मिनट पहले

रोहन, तुम्हारी बात सही है कि सजा सख्त होनी चाहिए, पर मुझे हैरानी है कि सांप वाला आइडिया इन्होंने इतनी आसानी से कैसे सोच लिया?

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