कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित धरीपुरवा इलाके में मंगलवार रात रावण दहन की तैयारियों के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। मेले में उमड़ी भारी भीड़ के बीच गुब्बारों में गैस भरने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा कार्बाइड सिलेंडर अचानक धमाके के साथ फट गया। इस तीव्र विस्फोट की चपेट में आने से दो साल की मासूम बच्ची रिद्धि सहित कुल छह लोग घायल हो गए। हादसे में गुब्बारा विक्रेता गंभीर रूप से जख्मी हुआ है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए कानपुर के बड़े चिकित्सा केंद्र में रेफर किया गया। अचानक हुए इस धमाके से उत्सव की खुशियां पल भर में दहशत में बदल गईं और मैदान में मौजूद लोगों के बीच जान बचाने की होड़ मच गई।
दशहरा मेले में धमाका और अफरा-तफरी का माहौल
धरीपुरवा मैदान में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 की रात विजयादशमी उत्सव का उल्लास चरम पर था। घड़ी में रात के करीब 11:15 बज रहे थे और मैदान में हजारों की संख्या में क्षेत्रीय नागरिक, महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। सभी लोग रावण के पुतले के दहन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। मेले के मुख्य मार्ग पर सड़क के डिवाइडर के पास स्थानीय निवासी रामू नामक गुब्बारा विक्रेता अपनी दुकान लगाए हुए था। वह लोहे के एक सिलेंडर में रासायनिक प्रक्रिया के जरिए कार्बाइड गैस बनाकर बच्चों के खिलौना गुब्बारों में भर रहा था। अचानक इसी सिलेंडर में भीषण धमाका हुआ, जिसकी गूंज काफी दूर तक सुनाई दी।
धमाका इतना अप्रत्याशित था कि मेले में मौजूद लोगों को कुछ पलों तक समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ है। चारों तरफ धुएं और धूल का गुबार छा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज आवाज सुनकर आसपास खड़े लोग दहशत में आ गए और मैदान से बाहर निकलने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इससे कुछ ही क्षणों में वहां भगदड़ जैसे हालात बन गए। लोग अपने बच्चों और परिजनों को सुरक्षित निकालने के लिए चिल्लाने लगे। हालांकि, कुछ साहसी स्थानीय लोग और मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मी तुरंत हरकत में आए और उन्होंने घायलों की मदद के लिए कदम बढ़ाए।
घायलों की स्थिति और राहत कार्य
सिलेंडर फटने की इस घटना में गुब्बारा विक्रेता रामू सीधे तौर पर विस्फोट के प्रभाव क्षेत्र में था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि रामू हवा में उछलकर कई फीट दूर जमीन पर जा गिरा। उसके शरीर पर गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान हो गया। उसके पास खड़े अन्य लोग भी छर्रों और धातु के टुकड़ों की चपेट में आकर घायल हो गए। घायलों में धरीपुरवा निवासी बबलू रघुवंशी की दो वर्षीय मासूम बेटी रिद्धि भी शामिल थी, जो अपने परिवार के साथ मेला देखने आई थी। इसके अतिरिक्त क्षमा दीक्षित, आकाश राजपूत और राजू नामक व्यक्ति भी इस अप्रत्याशित हादसे में घायल हुए।
घटनास्थल पर ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से सभी छह घायलों को तुरंत पास के आत्माराम अस्पताल पहुंचाया। वहां मौजूद चिकित्सकों की टीम ने घायलों को आपातकालीन प्राथमिक उपचार दिया। परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने पाया कि गुब्बारा विक्रेता रामू की हालत बेहद नाजुक है, जिसके चलते उसे तत्काल कानपुर के लाला लाजपत राय अस्पताल (हैलट) के लिए रेफर कर दिया गया। वहीं, दो वर्षीय बच्ची रिद्धि सहित अन्य पांच घायलों को प्राथमिक मरहम-पट्टी के बाद निगरानी में रखा गया, क्योंकि उनकी चोटें अपेक्षाकृत कम गंभीर थीं।
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का दौरा
सैकड़ों लोगों की मौजूदगी वाले मेले में विस्फोट की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। दक्षिण जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी साउथ) दीपेंद्र नाथ चौधरी, नौबस्ता के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अभिषेक कुमार राहुल तथा स्थानीय विधायक महेश त्रिवेदी तुरंत हरकत में आए और आत्माराम अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों ने अस्पताल के वार्डों में जाकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की, उनका कुशलक्षेम पूछा और डॉक्टरों को समुचित चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने अस्पताल परिसर में स्थिति का ब्योरा देते हुए स्पष्ट किया कि यह दुर्घटना मेले में गुब्बारे फुलाने के काम आने वाले कार्बाइड सिलेंडर के फटने से हुई है। उन्होंने बताया कि कुल छह नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें से पांच की स्थिति स्थिर है जबकि गंभीर रूप से घायल गुब्बारा विक्रेता का उपचार एलएलआर अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में जारी है। विधायक महेश त्रिवेदी ने भी पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी और प्रशासन की ओर से हर संभव चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
कार्बाइड सिलेंडर और सुरक्षा मानकों की जांच
अग्निशमन विभाग और स्थानीय पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने घटना के तुरंत बाद घटनास्थल का गहन मुआयना किया। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि मेले के भीतर अत्यधिक दबाव वाले और ज्वलनशील गैस बनाने वाले सिलेंडर के इस्तेमाल की अनुमति किस आधार पर थी। शुरुआती आकलन के अनुसार, कैल्शियम कार्बाइड और पानी के मिश्रण से एसिटिलीन गैस बनाई जाती है, जो अत्यधिक ज्वलनशील होती है। कई बार स्थानीय स्तर पर वेल्डिंग कर बनाए गए कमजोर सिलेंडरों में गैस का दबाव अनियंत्रित हो जाता है, जिससे धातु का ढांचा फट जाता है।
फायर ब्रिगेड की तकनीकी टीम सिलेंडर के अवशेषों, वाल्व और रेगुलेटर की गुणवत्ता की जांच कर रही है। अग्निशमन विभाग द्वारा तैयार की जाने वाली विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट से यह साफ हो सकेगा कि क्या सिलेंडर में तकनीकी खराबी थी, अत्यधिक गैस भर दी गई थी या फिर मानवीय लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे सार्वजनिक आयोजनों में इस प्रकार की खतरनाक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
त्योहारी भीड़ में सुरक्षा व्यवस्था की बहाली
विस्फोट के तुरंत बाद मची अफरा-तफरी को पुलिस बल की तत्परता ने एक बड़े हादसे में तब्दील होने से रोक लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तुरंत लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। पुलिस ने कुछ ही मिनटों में भीड़ को नियंत्रित कर लिया और निकासी मार्गों को खाली करा दिया। इसके बाद मैदान में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई और रावण दहन से जुड़े शेष कार्यक्रम संपन्न कराए जा सके।
प्रशासन ने पुष्टि की है कि क्षेत्र में पूरी तरह शांति है और कानून व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक मेलों में सुरक्षा मानकों के पालन और खतरनाक रसायनों के अनियंत्रित उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान में सभी का ध्यान एलएलआर अस्पताल में भर्ती गुब्बारा विक्रेता के स्वास्थ्य सुधार और जांच के अंतिम निष्कर्षों पर टिका हुआ है।


















