मेरठ जिले के मवाना कस्बे में देर रात एक सनसनीखेज घटना हुई, जब पुलिस टीम गौकशी की तैयारी में जुटे बदमाशों तक जा पहुंची। अटौरा रोड की रजवाहा पटरी से सटे ईंख के खेत में हुई इस मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी गोलीबारी से एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी अंधेरे और घनी फसल की आड़ में भागने में कामयाब हो गया। घायल हालत में पकड़े गए आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है, वहीं फरार दूसरे आरोपी की तलाश में पुलिस टीम जुटी है।
मुखबिर की सूचना पर घेरा गया खेत
थाना मवाना पुलिस को एक मुखबिर ने खबर दी कि अटौरा रोड की रजवाहा पटरी के करीब खड़ी ईंख की फसल के बीच दो लोग एक बछड़े को काटने ले गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके के लिए रवाना हुई और चुपचाप खेत को चारों ओर से घेर लिया। जब पुलिसकर्मियों ने बदमाशों को सरेंडर करने की चेतावनी दी, तो जवाब में उन्होंने तमंचे से पुलिस टीम पर ही फायर झोंक दिए। मजबूरन पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली जा लगी।
कौन हैं दोनों आरोपी, क्या-क्या हुआ बरामद
घायल होकर पकड़े गए आरोपी की पहचान मवाना कस्बे के मोहल्ला कल्याण सिंह, ईदगाह बाईपास रोड निवासी बिलाल के तौर पर हुई है, जो रियाजुद्दीन उर्फ रियाजू का बेटा है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर सीएचसी मवाना में भर्ती करा दिया है। वहीं फरार होने में कामयाब रहा उसका साथी भूरा उर्फ जावेद है, जिसे फलावदा रोड, मवाना निवासी महफूज उर्फ चाटू का बेटा बताया गया है। पुलिस टीम अब उसे पकड़ने के लिए आसपास के इलाकों में कॉम्बिंग चला रही है। मौके की तलाशी में पुलिस को एक जिंदा बछड़ा, अवैध तमंचा (.315 बोर), एक जिंदा और एक खाली कारतूस मिला, इसके अलावा दो छुरी, सुम्मा और दाब जैसे गौकशी में इस्तेमाल होने वाले औजार भी बरामद हुए। इस पूरे मामले में थाना मवाना में मुकदमा अपराध संख्या 311/2026 दर्ज कर बीएनएस की धारा 109(1), आयुध अधिनियम की धारा 3/25/27 और उत्तर प्रदेश गौवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5/8 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दोनों बदमाशों का रहा है पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि बिलाल पर 2020, 2022 और 2026 में गौवध निवारण कानून से जुड़े मामलों समेत अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज हो चुके हैं। उससे कहीं ज्यादा आपराधिक इतिहास फरार बदमाश भूरा उर्फ जावेद का है। 2016 से 2026 के दौरान उस पर गुंडा नियंत्रण अधिनियम, गौवध निवारण अधिनियम, जानलेवा हमले की कोशिश, बलवा और मारपीट से जुड़ी अलग-अलग धाराओं में कुल सात केस दर्ज हो चुके हैं। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है और आसपास के गांवों में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।



















