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करम पर्व से पहले बोकारो के बाजार में साड़ियों की भारी बिक्री, पंछी साड़ी बनी लड़कियों की पहली पसंदझारखंड
5 सित॰ 2026, 10:27 am (21 मिनट पहले)· 2

करम पर्व से पहले बोकारो के बाजार में साड़ियों की भारी बिक्री, पंछी साड़ी बनी लड़कियों की पहली पसंद

बोकारो के दुंदीबाग बाजार में करम पर्व से पहले पारंपरिक साड़ियों की खरीदारी तेज हो गई है, जिसमें 680 रुपये से शुरू होने वाली पंछी साड़ी सबसे ज्यादा पसंद की जा रही है।

झारखंड में करम पर्व नजदीक आते ही बोकारो के कपड़ा बाजार में रौनक लौट आई है। इस त्योहार में बहनें भाइयों की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं, और पूजा वाले दिन घर की महिलाएं व युवतियां पारंपरिक परिधान पहनकर जावा नृत्य में उतरती हैं। यही वजह है कि हर साल इस मौसम में साड़ियों की खरीदारी अचानक बढ़ जाती है, और इस बार भी बोकारो के सेक्टर-12 इलाके का दुंदीबाग बाजार ग्राहकों से गुलजार नजर आ रहा है।

चार दशक पुरानी दुकान पर पांच खास साड़ियों की भीड़

दुंदीबाग बाजार में आयशा साड़ी सेंटर चलाने वाले मोतीलाल सोरेन इस कारोबार से पिछले 40 साल से जुड़े हैं। उनका कहना है कि करम पर्व के मौके पर उनकी दुकान पर पांच तरह की खास पारंपरिक साड़ियां सबसे ज्यादा बिक रही हैं, और इन्हें खरीदने वालों में युवा लड़कियों की तादाद सबसे बड़ी है।

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पंछी साड़ी बनी युवतियों की पहली पसंद

इस सीजन में सबसे ज्यादा चर्चा पंछी साड़ी की है। यह साड़ी काले और नीले रंग समेत कई रंगों में मिल रही है, और इस पर पंछियों की आकृति वाले अनोखे डिजाइन व पैटर्न बने हैं, जो इसे बाकी साड़ियों से अलग बनाते हैं। कीमत की बात करें तो इसकी शुरुआत 680 रुपये से होती है, और ग्राहकों का सबसे ज्यादा झुकाव लाल और काले रंग वाली पंछी साड़ी की तरफ है।

शादीशुदा महिलाओं का रुख कर्मा स्पेशल साड़ी की ओर

वहीं, शादीशुदा महिलाएं कर्मा स्पेशल लाल पाल साड़ी को तरजीह दे रही हैं। इस साड़ी की खासियत यह है कि इसके निचले बॉर्डर वाले हिस्से पर झारखंड की पारंपरिक कढ़ाई और डिजाइन उकेरे गए हैं। यह साड़ी करीब 180 रुपये की शुरुआती कीमत में मिल रही है, जिससे यह हर वर्ग की महिलाओं की पहुंच में है।

झालर बूटी साड़ी का बढ़ता क्रेज

इस बार बाजार में झालर बूटी साड़ी का चलन भी खूब देखने को मिल रहा है। दुकान पर यह साड़ी 500 रुपये से शुरू होती है, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली इसी तरह की साड़ियों के मुकाबले काफी सस्ती है। इसके पल्लू पर आदिवासी कला से प्रेरित सुंदर डिजाइन बनाए गए हैं, और पहनने में हल्की व आरामदायक होने के कारण यह साड़ी महिलाओं को खूब भा रही है।

हर दिन 30 से 40 ग्राहक, रात 9 बजे तक खुली दुकान

मोतीलाल सोरेन के मुताबिक करम पर्व नजदीक आने के साथ ही लाल और काले रंग की पंछी साड़ी के ऑर्डर सबसे तेजी से बढ़े हैं। उनकी दुकान पर हर दिन औसतन 30 से 40 ग्राहक अपनी पसंद का रंग और डिजाइन चुनने पहुंच रहे हैं। दुकान सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक खुली रहती है, ताकि त्योहार से पहले ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को सहूलियत मिल सके।

सवाल-जवाब

करम पर्व में साड़ियों की मांग क्यों बढ़ती है?
इस पर्व में महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनकर पूजा और जावा नृत्य में शामिल होती हैं, इसलिए हर साल नई साड़ी खरीदी जाती है।
पंछी साड़ी की कीमत कितने से शुरू होती है?
पंछी साड़ी की कीमत 680 रुपये से शुरू होती है और इसमें लाल व काले रंग की सबसे ज्यादा मांग है।
कर्मा स्पेशल साड़ी किसके बीच लोकप्रिय है?
कर्मा स्पेशल लाल पाल साड़ी शादीशुदा महिलाओं के बीच लोकप्रिय है और यह करीब 180 रुपये से शुरू होती है।
झालर बूटी साड़ी की खासियत क्या है?
इसके पल्लू पर आदिवासी डिजाइन बने हैं, यह पहनने में आरामदायक है और ऑनलाइन मिलने वाली साड़ियों से सस्ती है, इसकी कीमत 500 रुपये से शुरू होती है।
दुकान पर रोजाना कितने ग्राहक आ रहे हैं?
दुकानदार मोतीलाल सोरेन के मुताबिक हर दिन 30 से 40 ग्राहक साड़ियां खरीदने पहुंच रहे हैं।
आयशा साड़ी सेंटर किस समय खुलता है?
यह दुकान सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक खुली रहती है।
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