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सनातन की सुरक्षा के बिना देश और समाज की रक्षा असंभव: विजयादशमी पर सीएम योगी का बड़ा बयानउत्तर प्रदेश
20 अक्तू॰ 2026, 7:54 pm (10 मिनट पहले)· 0

सनातन की सुरक्षा के बिना देश और समाज की रक्षा असंभव: विजयादशमी पर सीएम योगी का बड़ा बयान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजयादशमी के मौके पर गोरखनाथ मंदिर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक सनातन सुरक्षित है, तभी तक देश और हर नागरिक सुरक्षित रह सकता है। उन्होंने दुनिया भर के हालातों का हवाला देते हुए भारत की ऋषि परंपरा और सामाजिक एकता पर जोर दिया।

विजयादशमी के पावन अवसर पर गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में एक भव्य विजय शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश की एकता, सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और भगवान श्रीराम के आदर्शों पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि देश सुरक्षित है तभी धर्म का अस्तित्व है और यदि सनातन सुरक्षित नहीं है, तो दुनिया में कोई भी सुरक्षित नहीं रह सकता है।

मुख्यमंत्री ने वैश्विक परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में विभिन्न समुदाय और विचारधाराएं आपस में ही संघर्ष कर रही हैं। शिया और सुन्नी के बीच आपसी विवाद जारी हैं, तो दूसरी तरफ कम्युनिस्ट और ईसाई आपस में लड़ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि जहां आपसी संघर्ष नहीं दिख रहा है, वहां इस्लाम और ईसाइयत के बीच वैचारिक और वैमनस्य की लड़ाई चल रही है। इसके विपरीत, केवल भारत ही एक ऐसा देश है जो सनातन संस्कृति के साया में सभी जातियों, संप्रदायों और मतों को न केवल सुरक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि बिना किसी भेदभाव के उन्हें समृद्धि के मार्ग पर भी आगे बढ़ा रहा है। यही भारत की ऋषि परंपरा है जो सर्वे भवन्तु सुखिनः के संदेश को चरितार्थ करती है।

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कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने उन ताकतों पर भी तीखा हमला बोला जो देश को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अयोध्या में भव्य दीपोत्सव और राम मंदिर के निर्माण से कुछ लोगों को परेशानी क्यों होती है। ऐसे लोग तरह-तरह के दुष्प्रचार और भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं और लगातार अयोध्या को अपमानित करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने कभी रामलला के दर्शन तक नहीं किए और रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, वे आज राम-राम जप रहे हैं। जनता को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि बजरंगबली की तरह सही और गलत की पहचान करने की क्षमता हर नागरिक में होनी चाहिए।

विजयादशमी के उत्सव और रामलीलाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि देश भर में इस पर्व का उत्साह देखा जाता है और जगह-जगह रामलीलाओं का मंचन होता है। इनमें अलग-अलग किरदार निभाकर लोग समता और सामाजिक समरसता का अनूठा उदाहरण पेश करते हैं। समाज को बांटने और तोड़ने का षड्यंत्र रचने वाले लोग उसी निशाचर रावण से प्रेरित हैं, क्योंकि रावण भी हमेशा एकता को खंडित करने का प्रयास करता था। जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर राष्ट्र को कमजोर करने की मंशा रखने वालों के भीतर रावण जैसी ही प्रवृत्ति वास करती है। जब कभी देश कमजोर होता है, तब राम मंदिर, रामजन्मभूमि, कृष्णजन्मभूमि और काशी विश्वनाथ जैसे आस्था के केंद्र भी आघात झेलते हैं और नारी की गरिमा पर भी आंच आती है।

भगवान श्रीराम के आदर्शों और विजयादशमी के संदेश को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हजारों वर्षों पुरानी भगवान श्रीराम की मर्यादा और उनके वचन आज भी मानवता के मार्गदर्शक हैं। त्रेतायुग में अयोध्या में भगवान श्रीराम ने अवतार लेकर अन्याय और अत्याचार के खिलाफ हुंकार भरी थी। आज दुनिया की कई सभ्यताएं और संस्कृतियां समय के साथ नष्ट हो चुकी हैं, लेकिन प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या और उनके आदर्श आज भी पूरी प्रासंगिकता के साथ मानवता को न्याय और धर्म के पथ पर चलने की प्रेरणा दे रहे हैं।

सवाल-जवाब

विजयादशमी के अवसर पर यह कार्यक्रम कहां आयोजित किया गया था?
यह कार्यक्रम गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर के तत्वावधान में आयोजित किया गया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में मुख्य रूप से किस विषय पर जोर दिया?
उन्होंने देश की एकता, सनातन परंपरा की सुरक्षा और सामाजिक समरसता पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने वैश्विक स्थिति के बारे में क्या कहा?
उन्होंने दुनिया भर में विभिन्न समुदायों और विचारधाराओं के बीच चल रहे आपसी संघर्षों का उदाहरण दिया।
अयोध्या के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने क्या बात कही?
उन्होंने कहा कि कुछ लोग अयोध्या में हो रहे विकास कार्यों और राम मंदिर निर्माण का विरोध करते हैं और दुष्प्रचार फैलाते हैं।
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