देशभर में अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक भव्यता के लिए विख्यात कोटा का राष्ट्रीय दशहरा मेला इस वर्ष अपनी अनूठी तैयारियों को लेकर विशेष चर्चा में है। इस बार आयोजन स्थल पर मुख्य आकर्षण के रूप में 105 फीट ऊंचा विशालकाय रावण और उसके परिवार के अन्य सदस्यों के पुतले पूरी तरह से स्थापित कर दिए गए हैं। कोटा के दशहरा मैदान में स्थित विजयश्री रंगमंच के ठीक सामने खड़े इन पुतलों की भव्यता देखते ही बनती है। मंगलवार की सुबह से ही इन कलाकृतियों का दीदार करने और उनके साथ सेल्फी लेने के लिए शहर के नागरिकों की भारी भीड़ मैदान में जुटनी शुरू हो गई है।
हाईटेक तकनीक और खासियतों से लैस रावण का पुतला
इस वर्ष तैयार किया गया रावण का यह पुतला केवल अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई के कारण ही नहीं, बल्कि इसमें शामिल आधुनिक तकनीकों के चलते भी खास बना हुआ है। इस हाईटेक पुतले की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह अपनी गर्दन को 360 डिग्री तक घुमाने में सक्षम है। इसके अलावा पुतले की आंखें और पलकें झपकेंगी, मूंछें हिलेंगी और हाथ में पकड़ी तलवार भी चलती हुई नजर आएगी। आयोजकों ने पुतलों के अंदर विशेष और आकर्षक आतिशबाजी का संयोजन किया है, जो दहन के समय अद्भुत नजारा पेश करेगी। इसके साथ ही रावण के भव्य स्वरूप को निखारने के लिए उसकी पोशाक वेलवेट के कपड़ों से तैयार की गई है।
मेले में उमड़ी भारी भीड़ और लजीज व्यंजनों की रौनक
दशहरे के इस पावन अवसर पर उत्सव स्थल पर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल के साथ-साथ स्काउट गाइड के स्वयंसेवक भी पूरी मुस्तैदी से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मेले के भीतर डॉलर और डिस्को डांसर जैसे गगनचुंबी झूले आगंतुकों के मुख्य आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इसके अतिरिक्त बच्चों के खेलौने और महिलाओं के शृंगार से जुड़ी दुकानें भी ग्राहकों से गुलजार हैं। खान-पान के शौकीनों के लिए शेरे-पंजाब आइसक्रीम, पन्नालाल जी और जैन पकौड़े के साथ-साथ तमाम पारंपरिक मिठाइयों की दुकानें सजी हैं, जहां लोग जायके का आनंद लेने पहुंच रहे हैं।
शाही सवारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन
विजयादशमी के इस पावन पर्व पर शहर के ऐतिहासिक गढ़ पैलेस से भगवान लक्ष्मीनारायण जी और प्रभु श्रीराम की भव्य शाही सवारी निकाली जाएगी। यह पारंपरिक लवाजमे और तामझाम के साथ विभिन्न मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान में पहुंचेगी। इस धार्मिक और पारंपरिक आयोजन के साथ ही विजयश्री रंगमंच पर बहु-दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी धमाकेदार आगाज होगा। इन कार्यक्रमों के तहत भव्य भजन संध्या, पंजाबी नाइट और देश के जाने-माने प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जो इस मेले के उल्लास को और अधिक बढ़ा देंगी।


















