नोएडा के सेक्टर-113 थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे अनोखे आपराधिक गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसके सदस्य दिन के समय बंद पड़े मकानों में चोरी करते थे और रात में महंगे रेस्तरां और बार में जाकर जश्न मनाते थे। इस गिरोह का संचालन एक प्रेमी जोड़ा कर रहा था, जिसने गाजियाबाद और नोएडा में अपना कैफे बिजनेस डूबने के बाद चोरी का रास्ता चुन लिया। पुलिस ने इस मामले में लिव-इन पार्टनर जोड़े और उनके एक अन्य साथी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से चोरी का कीमती सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और लाखों रुपये की नकदी बरामद की गई है।
कैफे कारोबार में घाटे के बाद अपराध का रास्ता
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में दीवाकर, उसकी लिव-इन पार्टनर सोनाली और उनका तीसरा साथी इरफान शामिल हैं। दीवाकर और सोनाली ने पहले गाजियाबाद में एक कैफे की शुरुआत की थी। वहां मनमुताबिक सफलता न मिलने पर उन्होंने नोएडा में कैफे का काम शुरू किया। हालांकि, दोनों ही जगहों पर उनका कारोबार ठप हो गया और उन्हें भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा। कैफे बंद होने के बाद दोनों के पास आय का कोई नियमित जरिया नहीं बचा, लेकिन उनके महंगे शौक और ऐशो-आराम की आदतें बरकरार थीं।
अपने खर्चों को पूरा करने और लग्जरी लाइफस्टाइल को बनाए रखने के लिए दीवाकर और सोनाली ने जल्द से जल्द पैसा कमाने का शार्टकट तरीका तलाशा। उन्होंने रिहायशी इलाकों और बहुमंजिला सोसायटियों को निशाना बनाने की योजना बनाई और इसमें इरफान को भी अपने साथ जोड़कर एक संगठित गिरोह तैयार कर लिया।
महिला साथी करती थी दिन में रेकी
इस गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद सुनियोजित थी और इसकी कमान सोनाली के हाथों में थी। सोनाली दिन के उजाले में नोएडा और आसपास की हाईराइज सोसायटियों तथा रिहायशी कॉलोनियों में सामान्य रूप से घूमती थी। इस दौरान वह ऐसे मकानों और फ्लैटों पर पैनी नजर रखती थी, जिनके ताले बंद हों या जिनके मालिक बाहर गए हुए हों। घर के बंद होने की पुष्टि होते ही वह अपने साथियों दीवाकर और इरफान को इसकी पूरी जानकारी दे देती थी।
सोनाली से हरी झंडी मिलते ही तीनों आरोपी सही मौके की तलाश करते थे और ताला तोड़कर या खिड़की-दरवाजे के रास्ते बंद मकान के भीतर दाखिल हो जाते थे। घर के अंदर घुसकर वे नकदी, सोने-चांदी के गहने, लैपटॉप और मोबाइल फोन जैसी कीमती चीजों को बटोरकर पलक झपकते ही फरार हो जाते थे।
दिन में चोरी और रात में अयाशी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की दिनचर्या काफी अजीब और हैरान करने वाली थी। दिन के समय वे रेकी करने और चोरी की वारदातों को अंजाम देने में व्यस्त रहते थे, जबकि शाम ढलते ही चोरी किए गए सामान से मिले पैसों को उड़ाने के लिए निकल पड़ते थे। वे नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के नामचीन रेस्तरां, पब और बार में जाकर पार्टी करते थे। चोरी के पैसों का इस्तेमाल वे अपनी लाइफस्टाइल चमकाने और ब्रांडेड चीजें खरीदने में करते थे।
लाखों की नकदी और सामान बरामद
सेक्टर-113 थाना पुलिस को जब क्षेत्र में हो रही सिलसिलेवार चोरियों की शिकायतें मिलीं, तो पुलिस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय सूचनातंत्र की मदद से जांच शुरू की। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए दीवाकर, सोनाली और इरफान तीनों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण और लगभग 3.5 लाख रुपये कैश बरामद किया गया है।
पुलिस की आगे की जांच और पूछताछ
नोएडा की एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (एडीसीपी) मनीषा सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह ने नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर के अन्य हिस्सों में अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। इसके साथ ही चोरी किए गए सामान को खरीदने वाले कबाड़ियों या अन्य बिचौलियों के बारे में भी सुराग जुटाए जा रहे हैं, ताकि चोरी का बाकी सामान भी बरामद किया जा सके।





















