अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर के प्रशासनिक संचालन को गति देने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सामने आई जानकारी के अनुसार, भारतीय वायु सेना के अनुभवी रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्री राम मंदिर ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। अपनी इस महत्वपूर्ण नियुक्ति के पश्चात उन्होंने अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया में इस दायित्व को बेहद गरिमापूर्ण बताया और कहा कि इतने योग्य उम्मीदवारों के बीच चयन होना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है।
श्री राम मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में चयन और प्रारंभिक प्रतिक्रिया
प्रशासनिक दायित्व संभालने के बाद रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने चयन समिति और मंदिर ट्रस्ट का दिल से आभार प्रकट किया। उन्होंने अपनी नियुक्ति को भगवान राम का विशेष आशीर्वाद स्वीकार करते हुए कहा, "मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूं कि इतने सारे उम्मीदवारों में से मुझे चुना गया।" उन्होंने व्यक्त किया कि देश की रक्षा के लिए 43 वर्षों तक वायु सेना में सेवा देने के उपरांत, अब उन्हें श्री राम मंदिर परिसर तथा देश-विदेश से आने वाले लाखों भक्तों की सेवा करने का पवित्र अवसर मिला है।
भारतीय वायु सेना में 43 वर्षों की राष्ट्र सेवा और कारगिल युद्ध का अनुभव
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर अत्यंत गौरवशाली रहा है। उन्होंने भारतीय वायु सेना में लगातार 43 वर्षों तक अपनी सेवाएं दी हैं। इस दीर्घकालिक सेवाकाल के दौरान उन्होंने राष्ट्र सुरक्षा से जुड़े कई बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई। विशेष रूप से 1999 के कारगिल युद्ध तथा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी रणनीतिक योजना और नेतृत्व क्षमता सराहनीय रही। उनके इसी विशाल प्रशासनिक तथा सुरक्षा अनुभव को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट ने उन्हें प्रथम CEO की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
चयन प्रक्रिया, पारदर्शिता और भावी कार्ययोजना पर स्पष्ट विचार
चयन प्रक्रिया के संदर्भ में बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर समिति और चयन मंडल ने पूरी प्रक्रिया को मीडिया, इंटरनेट तथा टीवी प्रसारण के माध्यम से समय-समय पर पारदर्शी रूप से सामने रखा था। प्रक्रिया की विस्तृत तकनीकी जानकारियों पर उन्होंने चयन समिति का अधिकार क्षेत्र बताया। अपनी भावी कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि वे पुरानी बातों या प्रक्रियाओं को पीछे छोड़कर भविष्य के विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान राम उन्हें इस पावन कार्य को पूरी निष्ठा और टीम वर्क के साथ संपन्न करने की शक्ति प्रदान करें।



















