उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर सोमवार 28 सितंबर को अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिला मुख्यालय पर उस वक्त गंभीर स्थिति पैदा हो गई जब एक स्थानीय निवासी जिलाधिकारी कार्यालय के सामने खुद पर डीजल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास करने लगा। युवक ने अपनी जेब से माचिस निकालकर आग लगाने की तैयारी कर ली थी, लेकिन इससे पहले कि वह लपटें पैदा करता, सतर्क सुरक्षा कर्मियों ने तेजी दिखाते हुए उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया और उसके हाथ से माचिस छीन ली। समय रहते हुई इस त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया और पीड़ित की जान सुरक्षित बचा ली गई।
घटना की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई और व्यक्ति को अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ में उसकी पहचान धाता थाना क्षेत्र के नरसिंहपुर कबरहा गांव के रहने वाले बृजेश कुमार आजाद के रूप में की गई है। प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों से मिली जानकारी के अनुसार वह भीम आर्मी भारत एकता मिशन का खागा विधानसभा अध्यक्ष बताया जा रहा है।
सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा
कलेक्ट्रेट पहुंचे बृजेश कुमार का मुख्य आरोप है कि वह पिछले लगभग 3 वर्षों से अपने भाई की हत्या के मामले में और जमीन से जुड़े विवाद को लेकर न्याय की गुहार लगाते हुए प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसकी शिकायतों पर कोई सुनवाई या ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी लगातार उपेक्षा और मानसिक प्रताड़ना से आजिज आकर वह सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचा था। सूत्रों के मुताबिक वह एक काले रंग के झोले के अंदर प्लास्टिक के डिब्बे में डीजल भरकर लाया था। जैसे ही वह डीएम निधि गुप्ता वत्स के कक्ष के सामने पहुंचा, उसने अपने ऊपर डीजल छिड़क लिया। जब तक वह आग लगाने के लिए माचिस जलाता, वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत दबोच लिया।
भाई की हत्या के मुकदमे में सुलह का दबाव
बृजेश के बयानों के अनुसार साल 2023 में उसके भाई श्याम कुमार की हत्या कर दी गई थी। इस आपराधिक मामले की अदालत में अंतिम गवाही की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब केवल अदालत के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। उसका गंभीर आरोप है कि इस मुकदमे में आपसी समझौता करने के लिए लगातार उस पर भारी दबाव बनाया जा रहा है। इसी पूरे विवाद को लेकर उसके साथ मारपीट की घटनाएं भी सामने आई हैं।
पीड़ित युवक ने अपने ही गांव के रहने वाले महेंद्र पटेल पर गंभीर इल्जाम लगाते हुए कहा कि मुकदमे में सुलह का दबाव बनाते वक्त न केवल उसके साथ मारपीट की गई, बल्कि उसके पास से 35 हजार रुपये भी जबरन छीन लिए गए। बृजेश ने यह भी आरोप लगाया कि उसे यह धमकी दी गई थी कि वह चाहे जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत करे या कहीं और जाए, उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। हालांकि इन तमाम संगीन आरोपों पर पुलिस विभाग की तरफ से तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बृजेश का कहना था कि लंबे समय तक उच्च अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद जब उसकी फरियाद अनसुनी कर दी गई, तो वह अत्यधिक हताश हो चुका था और इसी गहरी नाराजगी के चलते उसने यह खतरनाक कदम उठाने की कोशिश की।



















