मंगल और बुध का केंद्र दृष्टि योग 2 अक्टूबर से बदलेगा 4 राशियों का भाग्य, करियर और धन में जबरदस्त उछाल के योगअमेरिकी गैर-कृषि पेरोल आंकड़ों से पहले डॉलर इंडेक्स 101 के पार स्थिर, ईरान तनाव और कच्चे तेल में उछाल से मिला समर्थनफेडरल रिजर्व की सख्त ब्याज दर नीति और पश्चिम एशिया तनाव के बीच चांदी 62 डॉलर के करीब फिसलीअक्टूबर में सूर्य का तुला गोचर: इन 6 राशियों के लोगों को रहना होगा बेहद सतर्क, बढ़ सकती हैं मुश्किलेंकोटा के युवा आर्यन सिंह ने बनाया स्मार्ट इमोशन पॉट, पौधे खुद बताएंगे पानी और धूप की जरूरतरोहतक में लिव-इन में रह रहे युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोपसोने और चांदी में आई तेज गिरावट के बाद क्या इस हफ्ते थमेगा उतार-चढ़ाव, समझें बाजार का पूरा गणितकम लागत में शुरू करें कच्चे केले के चिप्स का बिजनेस, उद्यान विभाग से मिल रही है 10 लाख रुपये तक की सब्सिडीसूर्य देव को जल अर्पित करने का सही नियम, अर्घ्य के बाद जमीन पर गिरे जल का ऐसे करें उपयोगजौनपुर के युवाओं में बढ़ रही भूलने की बीमारी, न्यूरोसाइकियाट्रिस्ट डॉ. उत्तम कुमार गुप्ता ने बताई वजह और बचाव
बीकॉम के बाद नौकरी छोड़ी, पुराने ऑटो को मॉडिफाई कर बालोद के युवक ने शुरू किया चलता-फिरता चाट सेंटरछत्तीसगढ़
28 सित॰ 2026, 9:45 am (30 मिनट पहले)· 0

बीकॉम के बाद नौकरी छोड़ी, पुराने ऑटो को मॉडिफाई कर बालोद के युवक ने शुरू किया चलता-फिरता चाट सेंटर

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के पोखन लाल साहू ने बीकॉम की पढ़ाई के बाद नौकरी के बजाय पारिवारिक चाट कारोबार को आधुनिक रूप दिया और पुराने ऑटो को मोबाइल फूड सेंटर बनाकर रोजाना अच्छी कमाई कर रहे हैं।

पारंपरिक पढ़ाई पूरी करने के बाद जहां अधिकांश युवा शहरों की ओर नौकरी की तलाश में रुख करते हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक युवा ने अपनी पारिवारिक विरासत को नया आयाम देकर स्वरोजगार की मिसाल पेश की है। निपानी गांव के रहने वाले पोखन लाल साहू ने बीकॉम तक शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद किसी निजी या सरकारी नौकरी में जाने के बजाय अपने परिवार के खानपान के काम को आधुनिक तरीके से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। आज उनका मोबाइल चाट सेंटर क्षेत्रीय साप्ताहिक हाट-बाजारों में काफी लोकप्रिय हो चुका है।

पिता की विरासत को 11 साल पहले संभाला

इस स्ट्रीट फूड कारोबार की नींव सबसे पहले पोखन लाल साहू के पिता ने रखी थी। लगभग 11 वर्ष पहले पोखन ने इस व्यवसाय की कमान पूरी तरह अपने हाथों में ले ली थी। वाणिज्य स्नातक होने के बावजूद उन्होंने नौकरी तलाशने में समय बिताने के बजाय पुश्तैनी काम को ही अपनी आजीविका का मुख्य साधन बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। समय के साथ उन्होंने ग्राहकों की पसंद को समझा और स्थानीय बाजारों के हिसाब से अपनी बिक्री की रणनीति में जरूरी बदलाव किए।

ये भी पढ़ें

एक लाख रुपये खर्च कर ऑटो को बनाया फूड वैन

अपने व्यवसाय को एक नया रूप और गतिशीलता देने के लिए पोखन ने एक पुराना ऑटो खरीदा। इसके बाद उन्होंने इसे मॉडिफाई करवाकर एक सुसज्जित चलता-फिरता चाट सेंटर तैयार कराया। पुराने ऑटो की खरीदारी और उसकी बॉडी को फूड काउंटर के रूप में ढालने में उनका कुल खर्च लगभग 1 लाख रुपये आया। इस नवाचार का सबसे बड़ा लाभ यह हुआ कि उन्हें किसी एक जगह पर सीमित नहीं रहना पड़ता और वे सामान लेकर आसानी से अलग-अलग बाजारों तक पहुंच जाते हैं।

20 रुपये में फ्राई चाट और रोजाना 3000 रुपये से अधिक की कमाई

पोखन के इस मोबाइल आउटलेट पर चाट और गुपचुप की सबसे अधिक मांग रहती है। यहां मिलने वाली विशेष फ्राई चाट मात्र 20 रुपये में बेची जाती है। इसे बनाने के लिए सभी प्रमुख सामग्रियों को पहले अच्छी तरह फ्राई किया जाता है और उसके बाद मसाले व अन्य चीजें मिलाकर चाट तैयार की जाती है। इसी विशेष विधि के कारण इसका स्वाद अन्य चाट से अलग होता है। पोखन प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक आसपास के 4 से 5 प्रमुख बाजारों में अपनी सेवाएं देते हैं, जिससे उनकी प्रतिदिन की आय 3000 रुपये से अधिक हो जाती है।

सवाल-जवाब

पोखन लाल साहू कहां के रहने वाले हैं?
पोखन लाल साहू छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के निपानी गांव के निवासी हैं।
उन्होंने अपनी पढ़ाई किस विषय में की है?
पोखन लाल साहू ने बीकॉम तक अपनी शिक्षा पूरी की है।
ऑटो को मॉडिफाई कराने में कितना खर्च आया?
पुराने ऑटो को खरीदने और उसे चाट सेंटर के रूप में तैयार कराने में लगभग एक लाख रुपये का खर्च आया।
उनके मोबाइल फूड सेंटर पर फ्राई चाट की कीमत क्या है?
उनके सेंटर पर फ्राई चाट मात्र 20 रुपये में ग्राहकों को उपलब्ध कराई जाती है।
वह प्रतिदिन कितने समय काम करते हैं और कितनी कमाई होती है?
वह रोजाना दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक आसपास के 4-5 बाजारों में काम करते हैं और 3000 रुपये से अधिक की दैनिक कमाई करते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·4 मिनट पहले

नौकरी के पीछे भागने से बेहतर है अपना काम शुरू करना। पोखन भाई ने कमाल कर दिया, पुराना ऑटो जुगाड़ कर बढ़िया कमाई कर रहे हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 मिनट पहले

रोहन भाई, बात तो सही है पर पुराना ऑटो मॉडिफाई करवाने में सचमुच सिर्फ एक लाख ही लगे होंगे? आरटीओ और बाकी परमिशन का झंझट अलग होगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp