कानपुर के एक व्यापारी परिवार को उस वक्त जबरदस्त झटका लगा जब उनकी नई मेड तीसरे दिन घर ही नहीं आई। अलमारी खोलकर देखा तो होश उड़ गए, करीब 60 लाख रुपये के सोने और हीरे के गहने गायब थे। पहली नजर में यह किसी अचानक हुई चोरी जैसा लगा, लेकिन जांच में जो सच्चाई सामने आई वह और भी चौंकाने वाली थी। एक नाबालिग लड़की ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर यह पूरा खेल करीब 6 महीने पहले से सोच-समझकर रचा था। मकसद था, चोरी के पैसों से शादी कर नई जिंदगी शुरू करना।
मैनपावर एजेंसी से मिली घर में एंट्री
यह मामला कानपुर के स्वरूप नगर इलाके का है। कारोबारी विकास शुक्ला ने 16 जून को एक मैनपावर एजेंसी के जरिए नाबालिग लड़की को घरेलू कामकाज और अपने पालतू कुत्ते की देखभाल के लिए नौकरी पर रखा था। पहले दिन लड़की ने कोई संदेह नहीं जगाया। परिवार को जरा भी अंदाजा नहीं था कि उन्होंने जिसे घर में जगह दी है, वह असल में एक लंबे समय से बुनी जा रही साजिश का हिस्सा है।
पहले ही दिन की घर की बारीक पड़ताल
पुलिस के मुताबिक, नौकरी के पहले ही दिन युवती ने पूरे घर का बारीकी से निरीक्षण कर लिया। अलमारियों की जगह, कमरों का खाका और आने-जाने के रास्तों की पूरी जानकारी जुटा ली। सबसे अहम, उसने यह भी पता लगा लिया कि परिवार के कीमती जेवरात ठीक कहां रखे हुए हैं। पहले दिन का काम सिर्फ यही था, सही मौके का इंतजार।
दूसरे दिन अंजाम दी चालाकी से वारदात
दूसरे दिन जैसे ही मौका मिला, युवती ने अलमारी में रखे करीब 60 लाख रुपये के सोने और हीरे के जेवर समेट लिए। पुलिस का कहना है कि उसने गहनों को अपने कपड़ों और जींस के अंदर इतनी सफाई से छिपाया कि बाहर से कोई भांप नहीं सका। चोरी करने के बाद वह बिल्कुल सामान्य तरीके से घर से निकल गई, जैसे कुछ हुआ ही न हो।
CCTV फुटेज ने दिया अहम सुराग
तीसरे दिन जब मेड काम पर नहीं आई तो परिवार को शक हुआ। अलमारी की जांच की तो लाखों के गहने गायब मिले। तुरंत स्वरूप नगर पुलिस को सूचना दी गई और मामला दर्ज हुआ। जांच के दौरान घर के CCTV फुटेज खंगाले गए। फुटेज में युवती खाली हाथ घर से बाहर निकलती दिखी, लेकिन थोड़ी दूर जाते ही वह अपने कपड़े ठीक करती नजर आई। इसी एक छोटी-सी हरकत ने पुलिस का शक और पक्का कर दिया।
तकनीकी जांच से माउंट आबू तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई। पता चला कि वारदात से पहले नाबालिग ने एक नया सिम कार्ड खरीदा था और वह लगातार अपने प्रेमी मोहम्मद यूनुस के संपर्क में बनी हुई थी। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस राजस्थान के माउंट आबू जा पहुंची, जहां दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में खुली 6 महीने की पूरी योजना
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में नाबालिग ने कबूल किया कि वह मोहम्मद यूनुस से शादी करना चाहती थी, लेकिन पैसों की तंगी सबसे बड़ी रुकावट थी। इसी वजह से दोनों ने मिलकर यह योजना बनाई कि किसी संपन्न परिवार में नौकरी लेकर बड़ी चोरी की जाए। पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले करीब 6 महीनों से ऐसे ही किसी मौके की तलाश में थी।
अधिकांश माल बरामद, एक ब्रेसलेट पहले ही बिक चुका था
पुलिस ने दोनों के पास से सोने का कड़ा, हार, टॉप्स, सोने के बिस्कुट और नकदी समेत चोरी का अधिकांश सामान बरामद कर लिया है। हालांकि एक महंगा ब्रेसलेट नाबालिग पहले ही बाजार में कम दाम पर बेच चुकी थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस पूरी साजिश में कोई और शख्स भी शामिल था या नहीं।
वेरिफिकेशन न कराना पड़ा भारी
यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि घर में कोई भी घरेलू सहायक रखने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन कराना कितना जरूरी है। बिना जांच-पड़ताल के किसी एजेंसी के कर्मचारी पर आंख मूंदकर भरोसा करना परिवार के लिए कितना महंगा पड़ सकता है, इसका जीता-जागता उदाहरण कानपुर का यह मामला है।













