उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में कमलापुर थाना पुलिस ने कार लूट के एक मामले को महज कुछ दिनों के भीतर सुलझाकर बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने ऐसे दो अंतर्जनपदीय बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जो पहले सवारियों से गाड़ी बुक कराते थे और फिर चालक को डरा धमकाकर उसी गाड़ी को लूट लेते थे। इस गिरोह की गिरफ्तारी से इलाके में बुक की गई गाड़ियों से सफर करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है।
कई जिलों में फैला है बदमाशों का आपराधिक रिकॉर्ड
पकड़े गए दोनों बदमाशों की पहचान अमेठी निवासी आशीष और गोंडा निवासी अजय प्रताप सिंह के रूप में हुई है। दोनों अलग अलग जिलों के रहने वाले हैं, लेकिन लंबे समय से मिलकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस के मुताबिक दोनों बदमाशों में से हर एक के खिलाफ लखनऊ, अयोध्या और बाराबंकी सहित कई जिलों में पहले से 10-10 मुकदमे दर्ज हैं। यानी गिरफ्तारी से पहले ही दोनों के नाम कुल मिलाकर 20 मामले दर्ज थे। इतने जिलों में फैले मुकदमे बताते हैं कि यह गिरोह किसी एक थाना क्षेत्र तक सीमित नहीं था, और यही वजह है कि कमलापुर पुलिस के लिए यह गिरफ्तारी एक बड़ी अंतर्जनपदीय कार्रवाई साबित हुई।
एसपी ने टीम के लिए घोषित किया 20 हजार का इनाम
कमलापुर पुलिस की इस सफलता को देखते हुए सीतापुर के एसपी अंकुर अग्रवाल ने टीम के लिए 20 हजार रुपए के इनाम का ऐलान किया है। पूछताछ के दौरान बदमाशों ने पुलिस को अपना पूरा तरीका बता दिया। दोनों पहले किसी चालक से गाड़ी बुक कराते थे, फिर उसे लूट लेते थे, और उसी लूटी हुई गाड़ी में सवारियां बिठाकर उनसे भी लूटपाट करते थे। वारदात को अंजाम देने के बाद वे लूटी हुई गाड़ी को वहीं छोड़कर पैदल फरार हो जाते थे। पुलिस ने बदमाशों से लूटी गई कार के साथ साथ तमंचा, चाकू और अन्य सामान भी बरामद किया है।
1400 रुपए में बुक हुई थी वैगनआर, ड्राइवर को पीटकर लूटी गई गाड़ी
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एएसपी दुर्गेश सिंह ने पूरी घटना का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि 18 और 19 जुलाई की दरमियानी रात बदमाशों ने कामता बस स्टैंड से कमलापुर तक जाने के लिए एक वैगनआर कार 1400 रुपए में बुक कराई थी। कमलापुर पहुंचने के बाद बदमाश चालक को विक्रमपुर मार्ग की ओर ले गए, वहां उसके साथ मारपीट की, चाकू दिखाकर धमकाया और वैगनआर कार लूट ली। इस घटना के तुरंत बाद कमलापुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसके बाद स्थानीय पुलिस गाड़ी और बदमाशों का सुराग लगाने में जुट गई थी।
गश्त के दौरान दिखी लूटी गई सफेद कार, तलाशी में खुला राज
एएसपी दुर्गेश सिंह ने बताया कि कमलापुर पुलिस वांछित आरोपियों की तलाश में इलाके में गश्त लगा रही थी, तभी वहां से एक सफेद रंग की कार गुजरती दिखाई दी। शक होने पर पुलिस ने गाड़ी रुकवाकर उसकी तलाशी ली, तो उसमें से अवैध तमंचा, कई कारतूस, एक चाकू और चालक के मूल दस्तावेज बरामद हुए। मौके पर हुई पूछताछ में दोनों बदमाशों ने अपनी पहचान अमेठी निवासी आशीष और गोंडा निवासी अजय प्रताप सिंह के रूप में बताई, यही दोनों कामता बस स्टैंड से कमलापुर के बीच हुई लूट में भी वांछित थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेजने की कार्रवाई पूरी कर ली है।



















