फरीदाबाद में यदि कंघी करते वक्त रोज सामान्य से ज्यादा बाल टूटते हैं या स्नान के पश्चात फर्श पर बालों का गुच्छा नजर आता है, तो इस स्थिति को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। बाल झड़ने की समस्या के पीछे कई अलग-अलग कारण छिपे हो सकते हैं। आमतौर पर लोग बाल टूटने की शुरुआत होते ही तुरंत तेल, शैंपू या विभिन्न हेयर ट्रीटमेंट में बदलाव करना शुरू कर देते हैं, लेकिन अपनी खान-पान की आदतों पर बिल्कुल ध्यान नहीं देते हैं। हमारे दैनिक आहार का सीधा असर हमारे बालों के स्वास्थ्य पर पड़ता है, इसलिए यह बेहद आवश्यक है कि भोजन में कुछ खास पोषक तत्वों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
बाल झड़ने के पीछे छिपे कई कारण
फरीदाबाद सर्वोदय हॉस्पिटल की सीनियर डाइटिशियन और न्यूट्रिशन कंसल्टेंट रितिका शर्मा ने बताया कि बालों के कमजोर होने और गिरने में केवल खान-पान का ही अकेला हाथ नहीं होता है। हालांकि, डाइट में कई ऐसी जरूरी चीजें होती हैं जिनकी मात्रा कम होने पर बालों की सेहत बुरी तरह प्रभावित होने लगती है। इन पोषक तत्वों में प्रमुख रूप से विटामिन D, प्रोटीन, स्वस्थ फैट्स, आयरन और मैग्नीशियम शामिल होते हैं। इसके अलावा मानसिक तनाव, मौसम में होने वाले बदलाव, वातावरण की ह्यूमिडिटी और तापमान का उतार-चढ़ाव भी बालों की सेहत पर अपना बुरा असर डाल सकता है।
आयरन की कमी से कमजोर हो जाते हैं बाल
विशेषज्ञ रितिका शर्मा का कहना है कि यदि शरीर के भीतर आयरन की कमी हो जाए, तो बालों की जड़ें और उनकी मजबूती सीधे तौर पर प्रभावित होती है। इस स्थिति में बाल काफी कमजोर हो जाते हैं और बहुत जल्दी टूटने लगते हैं। इसलिए यदि किसी व्यक्ति के बाल लगातार झड़ रहे हैं, तो उसे केवल बाहरी तौर पर लगाए जाने वाले उत्पादों पर ही निर्भर रहने के बजाय अपने दैनिक खान-पान पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए। आवश्यकता महसूस होने पर योग्य डॉक्टर की सलाह लेकर समय पर जरूरी मेडिकल जांच भी करवा लेनी चाहिए ताकि सही स्थिति का पता चल सके।
बालों की मजबूती और वृद्धि के लिए प्रोटीन क्यों है जरूरी
डाइटिशियन रितिका शर्मा के अनुसार हमारे बाल, नाखून, त्वचा और शरीर की अनगिनत कोशिकाओं के सुचारू रूप से काम करने के लिए प्रोटीन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। संपूर्ण शरीर की शारीरिक वृद्धि और उसके सामान्य कामकाज के लिए भी प्रोटीन एक अनिवार्य घटक है। यदि रोजाना के भोजन में प्रोटीन की मात्रा कम है, तो उसे संतुलित मात्रा में पूरा करना बहुत जरूरी हो जाता है। इसके लिए अपनी रोजमर्रा की थाली में प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को उचित जगह देना बेहद आवश्यक है ताकि बालों को अंदरूनी मजबूती मिल सके।
विटामिन D की कमी पर भी देना होगा पूरा ध्यान
शरीर के भीतर विटामिन D की पर्याप्त मात्रा होना भी उतना ही आवश्यक है जितना कि अन्य पोषक तत्वों का। रितिका शर्मा बताती हैं कि यदि इसकी कमी शरीर में हो जाती है, तो संपूर्ण स्वास्थ्य के साथ-साथ बालों से जुड़ी समस्याएं भी उभरने लगती हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से ब्लड टेस्ट करवाकर शरीर में विटामिन D के स्तर की जांच कराई जा सकती है। हालांकि, किसी भी तरह के सप्लीमेंट का सेवन हमेशा डॉक्टर की उचित सलाह के बाद ही किया जाना चाहिए, अपनी मर्जी से कुछ भी नहीं खाना चाहिए।
संतुलित थाली से बालों को मिलेगा पूरा पोषण
केवल किसी एक चीज को अपनी डाइट में शामिल कर लेने मात्र से बालों को मजबूत नहीं रखा जा सकता है। रितिका शर्मा स्पष्ट करती हैं कि जिस भी पोषक तत्व की शरीर में कमी पाई जाए, उसे सही और संतुलित मात्रा में ही आहार का हिस्सा बनाना चाहिए। भोजन की थाली में प्रोटीन के साथ-साथ हेल्दी फैट्स, ताजा सलाद, विभिन्न प्रकार के विटामिन और खनिज पदार्थों से भरपूर चीजें भी होनी चाहिए। एक संतुलित और पौष्टिक डाइट से शरीर को अंदर से जरूरी पोषण मिलता है, जिसका सकारात्मक असर बालों के साथ-साथ त्वचा की चमक पर भी साफ दिखाई देता है।
नए हेयर प्रोडक्ट इस्तेमाल करते समय बरतें जरूरी सावधानी
डाइटिशियन रितिका शर्मा ने बाजार में मिलने वाले विभिन्न हेयर उत्पादों के इस्तेमाल को लेकर भी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। यदि आप कोई नया शैंपू या अन्य हेयर प्रोडक्ट उपयोग करने जा रहे हैं, तो उसे पहले त्वचा के एक छोटे हिस्से पर लगाकर जांच लेना चाहिए। यदि उस स्थान पर किसी भी प्रकार की खुजली, जलन या एलर्जी जैसी कोई भी परेशानी महसूस होती है, तो उस उत्पाद का इस्तेमाल तुरंत रोक देना चाहिए। पुराने समय में लोग अपने बालों की देखभाल के लिए रीठा, आंवला और शिकाकाई जैसी प्राकृतिक चीजों का उपयोग करते थे। आज के समय में बाजार में अनगिनत केमिकल वाले प्रोडक्ट्स बिक रहे हैं, इसलिए किसी भी उत्पाद को खरीदने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी अवश्य जुटा लेनी चाहिए।


















