झारखंड में मानसून अभी विदा होने के मूड में नहीं है और आने वाले दिनों में राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है. मौसम विभाग ने बताया है कि 7 सितंबर तक पूरे झारखंड में आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ मेघ गर्जन भी हो सकता है. हालांकि इस दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है, जिससे उमस बढ़ सकती है.
8 से 10 सितंबर तक तेज हवा और ठनका गिरने का खतरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 8 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है और यही मौसम 9 और 10 सितंबर को भी बना रहेगा. इसके साथ ही विभाग ने खास चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि 5, 6 और 7 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में गरज के साथ वज्रपात यानी ठनका गिरने की आशंका है. वहीं 8, 9 और 10 सितंबर को गरज-चमक के अलावा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी प्रबल संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होगी.
किन जिलों में दिखेगा मौसम का असर
बदले हुए मौसम का असर झारखंड के लगभग हर हिस्से में देखने को मिलेगा. मध्य झारखंड में रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद इसकी चपेट में रहेंगे. दक्षिणी झारखंड में पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा तथा सरायकेला-खरसावां में भी बारिश और गरज-चमक का असर दिखेगा. उत्तर-पश्चिमी झारखंड के पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जिले भी इससे अछूते नहीं रहेंगे. वहीं उत्तर-पूर्वी झारखंड में देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी हल्की बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है.
पिछले 24 घंटे का तापमान और बारिश का आंकड़ा
पिछले 24 घंटे के दौरान राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस कम है. वहीं डालटनगंज में अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस और बहरागोड़ा में 33.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इसी अवधि में रांची में 0.2 मिलीमीटर और सरायकेला में 0.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई. मानसून सीजन की बात करें तो 1 जून से अब तक रांची में कुल 1087.3 मिलीमीटर, जमशेदपुर में 993.3 मिलीमीटर और डालटनगंज में 1015.4 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है.
लोगों के लिए एहतियात की सलाह
मौसम विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि खराब मौसम की स्थिति में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए, ताकि गरज-चमक और वज्रपात की घटनाओं से होने वाले नुकसान को टाला जा सके.


















