उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून तय समय से करीब 10 दिन की देरी से पहुंचा है, लेकिन एंट्री लेते ही उसने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है. राज्य के बीचोंबीच एक चक्रवाती हवाओं का सिस्टम बन गया है, जिसके चलते बवंडर जैसे हालात बन रहे हैं. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है. मौसम में आया यह अचानक बदलाव पूर्वी और पश्चिमी, दोनों हिस्सों के लोगों के लिए राहत और सतर्कता, दोनों का संकेत लेकर आया है.
मानसून की एंट्री और मौजूदा रुख
मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने सोनभद्र और महराजगंज के रास्ते उत्तर प्रदेश में दस्तक दी थी. वरिष्ठ वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश के अनुसार, मानसून की सक्रिय रेखा फिलहाल आजमगढ़, अयोध्या और बरेली जिलों से होकर गुजर रही है, यानी इन इलाकों में बादलों की सक्रियता सबसे ज्यादा है. इसके साथ ही राज्य के मध्य हिस्से में एक अलग सर्कुलेशन भी बन रहा है, जो मानसूनी हवाओं को लगातार इंड्यूस कर रहा है और उनकी रफ्तार बढ़ा रहा है. इन दोनों मौसमी सिस्टम के आपस में मिलने से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दोनों तरफ के तमाम जिलों में मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है.
चक्रवाती दबाव से बीचोंबीच बना बवंडर जैसा हालात
मौसम विभाग यानी आईएमडी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं यानी साइक्लोनिक सर्कुलेशन का सिस्टम विकसित हो चुका है. इस मौसमी हलचल की वजह से राज्य के बीचोंबीच बवंडर जैसी परिस्थितियां बन रही हैं, जिसमें हवा का दबाव तेजी से बदल रहा है. यही वजह है कि मौसम विभाग ने अगले दो दिन प्रदेशवासियों को खास सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि गरज-चमक के साथ आने वाली तेज आंधी संपत्ति और जनजीवन दोनों को प्रभावित कर सकती है. 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं आम दिनों की तुलना में काफी तेज मानी जाती हैं, इसलिए इस चेतावनी को हल्के में लेना ठीक नहीं होगा.
बुधवार को किस जिले में कितनी बारिश दर्ज हुई
बुधवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज हुई. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बहराइच जिले में सबसे ज्यादा 113 मिमी बारिश हुई, जो इस दौर की सबसे भारी बारिश रही. इसके अलावा पश्चिमी यूपी के बिजनौर में 95 मिमी और बुंदेलखंड के ललितपुर जिले में 93 मिमी मूसलाधार बारिश दर्ज की गई. इन तीनों आंकड़ों से साफ है कि मानसून अब प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों, यानी उत्तरी, पश्चिमी और बुंदेलखंड क्षेत्र तक, अपना असर दिखाना शुरू कर चुका है.
3 जुलाई के लिए किन-किन जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने 3 जुलाई यानी शुक्रवार के लिए उत्तर प्रदेश के सभी जिलों का विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है. इसके तहत राज्य को मुख्य रूप से दो हिस्सों में सतर्क रहने को कहा गया है.
पश्चिमी और दक्षिणी उत्तर प्रदेश को येलो अलर्ट क्षेत्र में रखा गया है. यहां सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर यानी नोएडा, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, झांसी, ललितपुर, महोबा और बांदा में भारी बारिश के साथ तेज वज्रपात की चेतावनी दी गई है. इतने सारे जिलों का एक साथ अलर्ट में आना बताता है कि पश्चिमी यूपी का लगभग पूरा हिस्सा इस मौसमी बदलाव की चपेट में है.
वहीं मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बारिश तेज रहने की आशंका जताई गई है. इस दायरे में कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, फतेहपुर, कौशाम्बी, चित्रकूट, प्रतापगढ़, प्रयागराज, जौनपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर और सोनभद्र जिले शामिल हैं.
इन जिलों को अब भी बारिश का इंतजार
वहीं लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, अमेठी, सुल्तानपुर, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर और देवरिया जैसे जिलों में 3 जुलाई को सिर्फ हल्की बारिश ही होगी, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, भले ही तेज बारिश का इंतजार अभी बना रहेगा. राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है.
आगे पांच दिन तक कैसा रहेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मानसूनी बारिश का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है. आने वाले पांच दिनों तक पूरे उत्तर प्रदेश में मूसलाधार बारिश का यह दौर लगातार जारी रहने की उम्मीद है. यानी जिन जिलों में अभी तेज बारिश हो चुकी है, वहां भी बौछारें जारी रह सकती हैं, और जो जिले अभी हल्की बारिश तक सीमित हैं, वहां भी आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है. ऐसे में प्रशासन और आम लोगों, दोनों को अगले कुछ दिन मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है.













