देहरादून से लेकर हल्द्वानी तक उत्तराखंड में मानसून ने अचानक ताकत पकड़ ली है। मौसम विभाग ने 8 जुलाई को राज्य के बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बीते कुछ दिनों की छिटपुट बारिश के बाद अब बादल पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं और राजधानी देहरादून समेत उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी जैसे पहाड़ी जिलों में सुबह से ही घने बादल छाए रहे। मौसम विभाग की मानें तो पहाड़ी इलाकों में बिजली गिरने और भारी बारिश की पूरी संभावना बनी हुई है, जबकि मैदानी इलाकों में तेज आंधी और झोंकेदार हवाएं रोजमर्रा के कामकाज और सड़क यातायात को प्रभावित कर सकती हैं।
अलर्ट किन 9 जिलों पर, प्रशासन क्यों चौकन्ना
मौसम विभाग के मुताबिक आज देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, उधम सिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर, इन 9 जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। इस चेतावनी के बाद जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ने की वजह से यात्रियों और पर्यटकों से नदी-नालों के आसपास न जाने की अपील की गई है, क्योंकि जलस्तर अचानक बढ़ने पर जान को खतरा हो सकता है।
देहरादून में सुबह से बारिश, चकराता में मौसम सुहाना
देहरादून और आसपास के इलाकों में बुधवार सुबह से ही बादलों का आना-जाना लगा रहा। चकराता के पहाड़ी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के बाद तापमान गिरा और मौसम खुशनुमा हो गया। मौसम विभाग ने देहरादून शहर के लिए भी तेज बारिश की चेतावनी दी है। बीते 24 घंटों में देहरादून में 14.0 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसकी वजह से सुबह के वक्त कई सड़कों पर पानी भर गया। अधिकारियों का कहना है कि अगर बारिश और तेज हुई तो विकासनगर-चकराता मार्ग पर मलबा आने से रास्ता बंद होने का खतरा बढ़ सकता है, जिससे उस रूट पर आवाजाही करने वालों को दिक्कत हो सकती है।
हरिद्वार की सड़कें तालाब जैसी, उधम सिंह नगर में तेज हवाएं
मैदानी इलाकों की बात करें तो हरिद्वार में सुबह से ही रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे कई सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। वहीं उधम सिंह नगर के पंतनगर में हवाओं ने भी रफ्तार पकड़ ली है और वहां 33 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल रही हैं। इन हवाओं और बारिश ने उमस भरी गर्मी से तो राहत जरूर दी है, लेकिन तेज हवाओं और बिजली चमकने की वजह से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।
हल्द्वानी में मुसीबत, नैनीताल-पिथौरागढ़-बागेश्वर में भी भारी अलर्ट
कुमाऊं क्षेत्र के सबसे बड़े शहर हल्द्वानी में मंगलवार सुबह से शुरू हुई मूसलाधार बारिश थमने का नाम नहीं ले रही। लगातार बारिश की वजह से सुबह-सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी और लोग छाता व रेनकोट के सहारे किसी तरह अपने गंतव्य तक पहुंचे। इसके अलावा नैनीताल, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पहाड़ी रास्तों पर मलबा आने की वजह से इलाके की कई अंदरूनी सड़कें बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं, जिससे स्थानीय आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
चारधाम यात्रा मार्ग पर कोहरा, आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर
गढ़वाल के ऊंचाई वाले जिलों उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और टिहरी में भी मौसम का मिजाज कड़ा बना हुआ है। धनोल्टी में अब तक 27.0 मिमी जबकि चम्बा में 13.5 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। इसका सीधा असर चारधाम यात्रा मार्ग पर भी दिख रहा है। बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री जाने वाले रास्तों पर हल्की बारिश के साथ घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई है। इसे देखते हुए उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग के जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को हर वक्त अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
13 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम का हाल
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक उत्तराखंड में बारिश का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है। विभाग ने 13 जुलाई तक के लिए जो पूर्वानुमान जारी किया है, उसके मुताबिक आने वाले दिन कुछ इस तरह रहेंगे:
- 9 जुलाई: पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट रहेगा, जबकि बाकी जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
- 10 जुलाई: नैनीताल, उधम सिंह नगर, चम्पावत और बागेश्वर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
- 11 जुलाई: पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जबकि पूरे प्रदेश में कई जगह गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।
- 12 और 13 जुलाई: इन दोनों दिनों में भी राहत मिलने की उम्मीद कम है। राज्य के करीब-करीब सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।
तापमान में उतार-चढ़ाव, मैदानों को जल्द राहत की उम्मीद
बीते 24 घंटों की बात करें तो राज्य का सबसे ज्यादा तापमान उधम सिंह नगर के पंतनगर में 37.0°C दर्ज किया गया, जहां लोग उमस भरी गर्मी से परेशान रहे। वहीं सबसे कम तापमान नैनीताल के मुक्तेश्वर में 17.0°C रिकॉर्ड हुआ। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार हो रही इस बारिश के बाद मैदानी इलाकों के तापमान में भी अच्छी-खासी गिरावट आएगी, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।











