उत्तराखंड में झुलसाती गर्मी और उमस के बाद आखिरकार मानसून ने जोरदार दस्तक दे दी है, लेकिन बारिश का यह दौर राहत के साथ-साथ मुसीबतें भी लेकर आया है। मौसम विभाग के देहरादून केंद्र के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य के ज्यादातर हिस्सों को अपनी चपेट में ले चुका है और देहरादून व मंडी के रास्ते आगे की ओर बढ़ रहा है। मानसून के पहुंचते ही पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह पलट गया है। 5 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है, और आने वाले दिनों में यह सिलसिला और तेज होने वाला है।
बंगाल की खाड़ी की नमी और नए पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ेगी बारिश की तीव्रता
मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली दक्षिण-पूर्वी नम हवाएं और उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हुआ एक नया पश्चिमी विक्षोभ मिलकर आने वाले दिनों में मानसून को बेहद आक्रामक बना सकते हैं। हिमालयी क्षेत्र में जब मानसून की नमी और पश्चिमी विक्षोभ की ठंडी हवाएं आपस में टकराती हैं तो बारिश की तीव्रता अचानक कई गुना बढ़ जाती है, और पहाड़ी ढलानों पर बनी सड़कें इस दबाव को झेल नहीं पातीं। यही वजह है कि पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। विभाग के मुताबिक उत्तराखंड के सभी जिलों में बारिश का यह दौर अगले कुछ दिनों तक थमने वाला नहीं है। ताजा बुलेटिन के अनुसार आज यानी 5 जुलाई के साथ-साथ 6 और 7 जुलाई को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश दर्ज की जाएगी। खासतौर पर मैदानी जिलों उधम सिंह नगर और हरिद्वार तथा पहाड़ी जिलों नैनीताल, देहरादून और बागेश्वर के लिए भारी बारिश का विशेष अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बेहद तेज रफ्तार की बारिश के दौर आने की पूरी आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 10 और 11 जुलाई को मानसून की चाल और तेज होगी, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक स्तर पर झमाझम बारिश दर्ज होगी। इस वजह से पहले से भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में खतरा और बढ़ गया है, क्योंकि लगातार बारिश से पहाड़ी ढलानों की मिट्टी कमजोर पड़ जाती है।
बागेश्वर में सरयू-गोमती खतरे के निशान के पास, सड़कें ठप
कुमाऊं मंडल के पहाड़ी और मैदानी दोनों तरह के जिलों में इस समय मानसून का असर सबसे ज्यादा दिख रहा है, और इनमें भी बागेश्वर जिले से आ रही खबरें सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाने वाली हैं। यहां 4 जुलाई की रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले की दो प्रमुख नदियां, सरयू और गोमती, खतरे के निशान के करीब उफान मार रही हैं, जिससे इनके किनारे बसी बस्तियों में बाढ़ जैसे हालात बनने का खतरा मंडरा रहा है। नदियों का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो प्रशासन को निचले इलाकों को खाली कराने जैसे कदम भी उठाने पड़ सकते हैं। इसके अलावा लगातार हो रहे भूस्खलन ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। जिले के कई मुख्य और संपर्क मोटर मार्ग मलबा गिरने से पूरी तरह बंद हो गए हैं, जिस वजह से इलाके में यातायात पूरी तरह ठप पड़ा है और गांवों का आपसी संपर्क टूट गया है।
पंतनगर का तापमान लुढ़का, तीन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
उधम सिंह नगर के पंतनगर में बीते दिनों अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा था और लोग गर्मी से बेहाल थे, लेकिन अब हो रही तेज बारिश ने पारे को काफी हद तक नीचे ला दिया है। मौसम विभाग ने 6 और 7 जुलाई के लिए नैनीताल, उधम सिंह नगर और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, यानी इन तीन जिलों में लोगों को अगले दो दिन खास एहतियात बरतनी होगी। इससे पहले ही मुक्तेश्वर और लोहारखेत जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में तेज गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर होने का संकेत दे रही हैं।
देहरादून-हरिद्वार पर बिजली गिरने का साया, मसूरी में पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह
गढ़वाल मंडल में राजधानी देहरादून और आसपास के पहाड़ी इलाकों में मानसून पूरी तरह पैर पसार चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक देहरादून में 7 जुलाई को भारी बारिश पड़ने की संभावना है, जबकि आज और कल यहां रुक-रुक कर मध्यम से तेज बौछारें पड़ती रहेंगी। वहीं धर्मनगरी हरिद्वार और मैदानी जिले उधम सिंह नगर के लिए मौसम विभाग ने खास तौर पर चेताया है कि यहां गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की प्रबल आशंका है, इसलिए खुले मैदानों और नदी किनारे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। कुछ दिन पहले तक मैदानी इलाकों में उमस और भीषण गर्मी से लोग परेशान थे, लेकिन अब इस बारिश ने भले ही तापमान गिरा दिया हो, सड़कों पर जलभराव और आकाशीय बिजली के बढ़ते खतरे ने प्रशासन की चिंता कम नहीं बल्कि और बढ़ा दी है। देहरादून के नजदीकी लोकप्रिय पर्यटन स्थल मसूरी और उसके आसपास के इलाकों में घने कोहरे तथा हल्की से मध्यम बारिश के चलते वाहन चलाते समय पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने और फिसलन भरी सड़कों से बचकर चलने की सलाह दी गई है।
6 से 11 जुलाई तक जिलेवार मौसम का हाल
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के सभी 13 जिलों के लिए अगले एक हफ्ते का पूरा रिपोर्ट कार्ड जारी कर दिया है, जिसके मुताबिक फिलहाल राहत के आसार कहीं नजर नहीं आ रहे।
- 6 जुलाई 2026: उधम सिंह नगर, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, पहाड़ी जिलों में बिजली चमकने के साथ तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है, जबकि हरिद्वार और उधम सिंह नगर में बिजली गिरने का अलग से अलर्ट जारी हुआ है.
- 7 जुलाई 2026: देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का दौर रहेगा और पहाड़ी क्षेत्रों में आकाशीय बिजली का खतरा बना रहेगा.
- 8 और 9 जुलाई 2026: राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें जारी रहने का अनुमान है.
- 10 और 11 जुलाई 2026: मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा और राज्य के लगभग सभी हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है, यानी हफ्ते के आखिर में भी राहत मिलने की उम्मीद कम ही है.
सड़कें खोलने में जुटे PWD और BRO, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
बागेश्वर सहित अन्य पहाड़ी जिलों में बंद पड़ी सड़कों को दोबारा खोलने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। लोक निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन यानी BRO की टीमें भारी जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर डटी हैं और मलबा हटाकर बंद पड़े मोटर मार्गों को जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश में जुटी हैं, ताकि दूरदराज के गांवों का संपर्क बाकी हिस्सों से टूटने न पाए। जिला प्रशासन ने स्थानीय निवासियों के साथ-साथ उत्तराखंड आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से भी सख्त अपील की है कि वे नदी-नालों के किनारे जाने से बचें और जब तक बेहद जरूरी न हो, तब तक अनावश्यक यात्रा टालें। मौसम विभाग की इस भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए आपदा प्रबंधन की टीमें भी चौबीसों घंटे हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत और प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।











