उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र हरिद्वार से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस वीडियो में एक युवती को पावन हरकी पैड़ी घाट पर बिकिनी पहनकर गंगा नदी में डुबकी लगाते हुए देखा जा सकता है। यह पूरा मामला सामने आने के बाद इंटरनेट पर विभिन्न यूजर इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और इसे लेकर बहस छिड़ गई है।
सोशल मीडिया पर कैसे फैला वीडियो
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत सबसे पहले एक स्थानीय इंस्टाग्राम पेज पर इस वीडियो को अपलोड किए जाने के साथ हुई। इसके बाद एक्स प्लेटफॉर्म पर @ImSoniya24 नामक यूजर ने इस वीडियो को साझा करते हुए सवाल उठाए और तीखा विरोध दर्ज कराया। इन दो प्रमुख डिजिटल माध्यमों पर वीडियो के आने के बाद यह बहुत कम समय में अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी तेजी से सर्कुलेट होने लगा। लोग इस बात पर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं कि इस प्रकार के पहनावे में मां गंगा के तट पर और जल में प्रवेश नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, कुछ लोगों का यह भी मानना है कि इस प्रकार की चर्चाएं केवल किसी महिला के कपड़ों को लेकर जानबूझकर माहौल बनाने के लिए की जा रही हैं।
वीडियो की प्रामाणिकता और तिथि पर असमंजस
सामने आए इन तमाम वीडियो पोस्ट में इस बात का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है कि यह वीडियो किस तारीख का है और इसमें नजर आने वाली लड़की की वास्तविक पहचान क्या है। इंटरनेट पर वायरल हो रही इन सामग्रियों और बयानों के आधार पर यह पूरी जानकारी सामने आई है, लेकिन इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती है।
सोशल मीडिया पर आई लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं
वायरल वीडियो को लेकर एक्स पर यूजर्स ने अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त किया है। @ImSoniya24 ने पोस्ट करते हुए लिखा कि हरिद्वार जैसी पावन भूमि पर भी लोग इस तरह की हरकतें करने से बाज नहीं आते हैं और बाहर से आकर गंदगी फैलाते हैं। एक अन्य यूजर @Riya6590 ने अपनी प्रतिक्रिया में लिखा कि यह बहुत ही शर्मनाक कृत्य है जिससे गंगा जी को अपवित्र किया जा रहा है। यूजर @neeraj_pande ने सलाह देते हुए लिखा कि अगर इस तरह के कपड़े पहनकर स्नान करना ही है तो इसके लिए महिला घाट का रुख किया जाना चाहिए था। वहीं @shivdhiman201 ने चिंता जताते हुए कहा कि पूरी दुनिया अपनी नदियों और गंगा आरती के माध्यम से आस्था दिखा रही है, जबकि ऐसे कृत्यों से हमारी आस्था का अपमान हो रहा है। इसके अलावा @1988Dablu11745 ने तंज कसते हुए लिखा कि ऐसी ओछी हरकतें उच्च वर्ग के लोग ही कर सकते हैं, अंत में जय गंगा मैया का नारा भी लिखा।
दूसरा पक्ष और दोहरे मापदंड का मुद्दा
इस पूरे विवाद के बीच सोशल मीडिया का एक धड़ा ऐसा भी है जो लड़की के बिकिनी पहनने को पूरी तरह गलत नहीं मान रहा है। इन लोगों का तर्क है कि जब पुरुष केवल अंडरवियर या कच्वे में गंगा स्नान करते हैं तब कोई आपत्ति नहीं जताई जाती है। यूजर @NeelaTarkKutark ने इस पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि लोगों को भले ही कपड़े बुरे लग रहे हों क्योंकि नजरें गंदी हैं, लेकिन उसी वीडियो में एक लड़का केवल चड्ढी में नजर आ रहा है और क्या वहां माता-बहनें मौजूद नहीं होंगी, इसलिए बात दोनों पक्षों की होनी चाहिए। यूजर @AbhayKu49536483 ने समर्थन करते हुए कहा कि वैसे तो पानी में ऐसे कपड़ों में नहीं उतरना चाहिए, लेकिन लड़कों के अंतर्वस्त्रों पर कोई टिप्पणी क्यों नहीं की जाती। एक अन्य यूजर @Brij19101970 ने भी यही सवाल उठाया कि जब लड़के सिर्फ कच्छे में नहाते हैं तो क्या वहां फूल बरसते हैं।
ऋषिकेश में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
हरिद्वार की इस घटना से पहले उत्तराखंड के ऋषिकेश में भी इस तरह के विवादित मामले सामने आ चुके हैं। बीते साल अक्टूबर महीने में ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला के समीप एक विदेशी महिला द्वारा बिकिनी पहनकर गंगा में स्नान करने और इस दौरान ऊं नमः शिवाय मंत्र का जाप करने का वीडियो वायरल हुआ था। उस समय भी सोशल मीडिया यूजर्स ने तीखी नाराजगी जताई थी और राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए ऐसी घटनाओं पर तुरंत रोक लगाने की मांग की थी। इसके अलावा 24 अप्रैल 2024 को भी ऋषिकेश क्षेत्र में ही विदेशियों द्वारा अर्धनग्न अवस्था में गंगा में डुबकी लगाने के वीडियो सामने आए थे, जिसमें बिकिनी पहनी हुई महिलाएं भी शामिल थीं और वे वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे।



















