वाराणसी में त्योहारों के इस खास मौके पर लोलार्क छठ महापर्व की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। शिव नगरी काशी में इस धार्मिक अवसर पर देश के कोने-कोने से विवाहित जोड़े संतान प्राप्ति की मंगल कामना लेकर पहुंचते हैं और अस्सी इलाके में स्थित प्रसिद्ध लोलार्क कुंड में आस्था की डुबकी लगाते हैं। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए हैं। इस बार भारी भीड़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए दो किलोमीटर से अधिक लंबी बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है।
भदैनी से पांडेय हवेली तक डबल बैरिकेडिंग और छांव के प्रबंध
भदैनी स्थित लोलार्क कुंड से लेकर पांडेय हवेली तक इस बार दोहरी बैरिकेडिंग यानी डबल बैरिकेडिंग की गई है ताकि आवाजाही सुचारू बनी रहे। इसके अलावा मौजूदा मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं को कड़ी धूप से बचाने के लिए बैरिकेडिंग के ऊपर कपड़े की टेंटनुमा छांव की व्यवस्था भी की गई है। भीड़ को नियंत्रित रखने और धक्का-मुक्की से बचने के लिए प्रवेश और निकासी द्वार पूरी तरह अलग-अलग बनाए गए हैं ताकि एक ही स्थान पर अत्यधिक भीड़ जमा न हो सके।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और चार सौ जवानों की तैनाती
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सबसे ऊपर रखते हुए इलाके में कुल 400 जवानों को तैनात करने का निर्णय लिया है। इस सुरक्षा बल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के साथ-साथ इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। एडीसीपी वैभव बांगर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस बल के अतिरिक्त पीएसी और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां भी मौके पर मुस्तैद रहेंगी। इस पर्व में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल होती हैं, इसे ध्यान में रखते हुए हर प्रमुख पॉइंट पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती पक्की की गई है। ये सभी सुरक्षाकर्मी 16 सितंबर की शाम से ही अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद हो जाएंगे।
पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जुटने का अनुमान
मध्य रात्रि से स्नान की प्रक्रिया आरंभ होगी जो 17 सितंबर को पूरे दिन अनवरत जारी रहेगी। अनुमान जताया जा रहा है कि इस बार लोलार्क छठ पर पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालु लोलार्क कुंड में पवित्र स्नान के लिए पहुंचेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए कुंड परिसर में एनडीआरएफ और जल पुलिस को भी तैनात किया गया है। इसके साथ ही अस्सी, शिवाला और सोनारपुरा मार्ग पर वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इन मार्गों के अलावा आसपास के सभी संपर्क मार्गों पर भी पुलिस की कड़ी नजर बनी रहेगी।
ड्रोन कैमरों और कमांड सेंटर से होगी चप्पे-चप्पे की निगरानी
कुंड के आसपास के इलाकों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के लिहाज से ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही स्थापित कमांड सेंटर के जरिए जवान हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर अपनी नजर बनाए रखेंगे ताकि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से तुरंत और प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। प्रशासन की इन तैयारियों का मकसद आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम माहौल प्रदान करना है ताकि पर्व का आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।



















