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हरिद्वार में सुरेंद्र कोली की संदिग्ध मौत, चेहरे पर खून मिलने से पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर रुका फैसलाउत्तराखंड
22 सित॰ 2026, 10:54 am (1 घंटे पहले)· 0

हरिद्वार में सुरेंद्र कोली की संदिग्ध मौत, चेहरे पर खून मिलने से पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर रुका फैसला

निठारी मामलों से बरी होने के बाद हरिद्वार में चाय की दुकान चलाने वाले सुरेंद्र कोली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। चेहरे पर खून के निशान मिलने के बाद डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट रोक दी है, वहीं परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

निठारी के बहुचर्चित मामलों में अदालत से बरी होने के बाद हरिद्वार में सामान्य जीवन जीने की कोशिश में जुटे सुरेंद्र कोली की संदिग्ध हालात में जान चली गई। वह अपनी चाय की दुकान के भीतर मृत पाया गया, जिसके बाद इस घटना ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं। शव परीक्षण करने वाली दो डॉक्टरों की टीम ने करीब तीन घंटे तक गहन मुआयना किया, लेकिन नाक और मुंह के इर्द-गिर्द मिले खून के स्रोत पर तुरंत कोई अंतिम राय नहीं बन सकी। इसी वजह से चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम की औपचारिक रिपोर्ट को फिलहाल रोक दिया है और वे इस खून के जमाव पर अपनी विस्तृत मेडिकल राय तैयार कर रहे हैं।

परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, पुलिस चौकी में दी शिकायत

शव को देखने के बाद सुरेंद्र कोली के परिवार वालों ने इसे सामान्य मौत या आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या का गंभीर संदेह व्यक्त किया है। मृतक के छोटे भाई आनंद का कहना है कि चेहरे, विशेषकर नाक और मुंह के निचले हिस्से पर खून देखकर किसी साजिश का अंदेशा गहरा गया है। परिवार का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से छानबीन की जानी चाहिए ताकि असल सच्चाई सामने आ सके। मामले को लेकर कोली के बड़े भाई चंदन ने सप्तऋषि पुलिस चौकी पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस से हर पहलू पर जांच करने की गुहार लगाई है। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस टीम का कहना है कि प्रारंभिक पड़ताल में हत्या से जुड़ा कोई सीधा और पुख्ता प्रमाण अब तक हाथ नहीं लगा है।

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पुलिस की प्राथमिक छानबीन और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल

मामले की तफ्तीश कर रहे जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर खेमेंद्र गंगवार के अनुसार, घटनास्थल और शुरुआती हालात को देखकर खुदकुशी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन मौत का असल कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही आधिकारिक तौर पर तय होगा। डॉक्टरों की अंतिम राय अगले कुछ दिनों में आने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही, स्थानीय पुलिस सप्तऋषि और भूपतवाला क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी है। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि अपनी मौत से कुछ घंटे पहले सुरेंद्र कोली किन जगहों पर गया था और इस दौरान वह किन लोगों से मिला था। घटना स्थल की तलाशी के दौरान कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, हालांकि पुलिस को वहां से एक डायरी जरूर मिली है। इस डायरी में कोली के रोजमर्रा के कामकाज और दैनिक खर्चों का ब्योरा दर्ज बताया जा रहा है।

जेल से रिहाई के बाद मजदूरी से चाय की दुकान तक का सफर

सुरेंद्र कोली नवंबर 2025 में निठारी से संबंधित आखिरी मामले में बरी किए जाने के बाद जेल की सलाखों से बाहर आया था। जेल से छूटने के पश्चात वह हरिद्वार में ही ठिकाना बनाकर रहने लगा था। इस दौरान उसने अपनी आजीविका चलाने के लिए कई महीनों तक सुरक्षा गार्ड की नौकरी की और मजदूरी का काम भी संभाला। कुछ ही दिन पहले उसने एक किराए की दुकान लेकर वहां चाय और बिस्कुट बेचने का नया काम शुरू किया था, जहां वह रात में सोया भी करता था। अचानक उसी दुकान के भीतर उसका शव मिलने और चेहरे पर खून के रहस्यमयी निशानों ने इस पूरे मामले को पेचीदा बना दिया है। यह मामला हत्या का है या खुदकुशी का, इसका अंतिम खुलासा विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के नतीजे आने के बाद ही मुमकिन हो पाएगा।

सवाल-जवाब

सुरेंद्र कोली कौन था और उसका शव कहां मिला?
सुरेंद्र कोली निठारी कांड से जुड़े मामलों का अभियुक्त रहा था, जो सभी मामलों से बरी होने के बाद हरिद्वार में चाय की दुकान चला रहा था। उसका शव उसी किराए की दुकान में मिला।
डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्यों रोक दी है?
पोस्टमार्टम के दौरान उसके नाक और मुंह के पास खून के निशान मिले थे, जिसका सही कारण स्पष्ट न होने की वजह से डॉक्टरों ने रिपोर्ट को फिलहाल रोक दिया है।
कोली के परिवार वालों का इस मौत पर क्या कहना है?
उसके भाइयों ने चेहरे पर खून देखकर हत्या की आशंका जताई है और पुलिस में लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जांच अधिकारी का शुरुआती आकलन क्या है?
जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर खेमेंद्र गंगवार के अनुसार शुरुआती परिस्थितियां आत्महत्या की ओर इशारा करती हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट होगा।
घटनास्थल से पुलिस को छानबीन में क्या मिला है?
मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन पुलिस को एक डायरी मिली है जिसमें रोजमर्रा के काम और खर्चों का हिसाब लिखा हुआ है।
सुरेंद्र कोली जेल से कब रिहा हुआ था?
सुरेंद्र कोली नवंबर 2025 में निठारी से जुड़े आखिरी मामले में बरी होने के बाद जेल से बाहर आया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Divya Reddy@divya-reddy·17 मिनट पहले

इतने लंबे संघर्ष के बाद बरी होकर जो शख्स अपनी जिंदगी दोबारा शुरू करने की कोशिश कर रहा था, उसका इस तरह अचानक जाना बहुत डरावना है। चेहरे पर खून के निशान मिले हैं तो पुलिस को बिना किसी जल्दबाजी के हर एक पहलू की गहराई से जांच करनी चाहिए।

Arjun Mehta@arjun-mehta·38 मिनट पहले

निठारी मामलों से बरी होने के बाद सुरेंद्र कोली का इस तरह संदिग्ध हाल में जाना वाकई चौंकाने वाला है। चेहरे पर खून और रिपोर्ट रुकने से शक गहरा गया है, पुलिस को इसकी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

Ravikash Gupta@ravikash·37 मिनट पहले

अर्जुन, बिल्कुल सही कहा आपने। चाय की दुकान वाले सुसाइड नोट की जगह डायरी मिलना और फिर चेहरे पर खून मिलना वाकई अजीब है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

निठारी मामलों से बरी होने के बाद हरिद्वार में नई जिंदगी शुरू करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन यह सब कैसे हुआ? क्या वाकई कोई साजिश थी या कुछ और?

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन, सीसीटीवी फुटेज और वो डायरी ही इस मामले का सच सामने ला पाएगी।

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