निठारी के बहुचर्चित मामलों में अदालत से बरी होने के बाद हरिद्वार में सामान्य जीवन जीने की कोशिश में जुटे सुरेंद्र कोली की संदिग्ध हालात में जान चली गई। वह अपनी चाय की दुकान के भीतर मृत पाया गया, जिसके बाद इस घटना ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं। शव परीक्षण करने वाली दो डॉक्टरों की टीम ने करीब तीन घंटे तक गहन मुआयना किया, लेकिन नाक और मुंह के इर्द-गिर्द मिले खून के स्रोत पर तुरंत कोई अंतिम राय नहीं बन सकी। इसी वजह से चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम की औपचारिक रिपोर्ट को फिलहाल रोक दिया है और वे इस खून के जमाव पर अपनी विस्तृत मेडिकल राय तैयार कर रहे हैं।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, पुलिस चौकी में दी शिकायत
शव को देखने के बाद सुरेंद्र कोली के परिवार वालों ने इसे सामान्य मौत या आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या का गंभीर संदेह व्यक्त किया है। मृतक के छोटे भाई आनंद का कहना है कि चेहरे, विशेषकर नाक और मुंह के निचले हिस्से पर खून देखकर किसी साजिश का अंदेशा गहरा गया है। परिवार का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से छानबीन की जानी चाहिए ताकि असल सच्चाई सामने आ सके। मामले को लेकर कोली के बड़े भाई चंदन ने सप्तऋषि पुलिस चौकी पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस से हर पहलू पर जांच करने की गुहार लगाई है। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस टीम का कहना है कि प्रारंभिक पड़ताल में हत्या से जुड़ा कोई सीधा और पुख्ता प्रमाण अब तक हाथ नहीं लगा है।
पुलिस की प्राथमिक छानबीन और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल
मामले की तफ्तीश कर रहे जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर खेमेंद्र गंगवार के अनुसार, घटनास्थल और शुरुआती हालात को देखकर खुदकुशी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन मौत का असल कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही आधिकारिक तौर पर तय होगा। डॉक्टरों की अंतिम राय अगले कुछ दिनों में आने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही, स्थानीय पुलिस सप्तऋषि और भूपतवाला क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी है। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि अपनी मौत से कुछ घंटे पहले सुरेंद्र कोली किन जगहों पर गया था और इस दौरान वह किन लोगों से मिला था। घटना स्थल की तलाशी के दौरान कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, हालांकि पुलिस को वहां से एक डायरी जरूर मिली है। इस डायरी में कोली के रोजमर्रा के कामकाज और दैनिक खर्चों का ब्योरा दर्ज बताया जा रहा है।
जेल से रिहाई के बाद मजदूरी से चाय की दुकान तक का सफर
सुरेंद्र कोली नवंबर 2025 में निठारी से संबंधित आखिरी मामले में बरी किए जाने के बाद जेल की सलाखों से बाहर आया था। जेल से छूटने के पश्चात वह हरिद्वार में ही ठिकाना बनाकर रहने लगा था। इस दौरान उसने अपनी आजीविका चलाने के लिए कई महीनों तक सुरक्षा गार्ड की नौकरी की और मजदूरी का काम भी संभाला। कुछ ही दिन पहले उसने एक किराए की दुकान लेकर वहां चाय और बिस्कुट बेचने का नया काम शुरू किया था, जहां वह रात में सोया भी करता था। अचानक उसी दुकान के भीतर उसका शव मिलने और चेहरे पर खून के रहस्यमयी निशानों ने इस पूरे मामले को पेचीदा बना दिया है। यह मामला हत्या का है या खुदकुशी का, इसका अंतिम खुलासा विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के नतीजे आने के बाद ही मुमकिन हो पाएगा।
























